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उत्तर प्रदेश का बहुचर्चित जेवर एयरपोर्ट अब केवल हवाई कनेक्टिविटी का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े व्यापारिक और औद्योगिक हब के रूप में भी उभर सकता है।

Jewar Airport : उत्तर प्रदेश का बहुचर्चित जेवर एयरपोर्ट अब केवल हवाई कनेक्टिविटी का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े व्यापारिक और औद्योगिक हब के रूप में भी उभर सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास अंतरराष्ट्रीय स्तर के बिजनेस और ट्रेड सेंटर विकसित करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू कर दी है। चीन के मशहूर यीवू मॉडल से प्रेरित यह परियोजना सेक्टर-7, 8 और 8ए में विकसित की जाएगी, जहां आधुनिक होलसेल और ट्रेड सुविधाएं तैयार होंगी। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट के संचालन से पहले ही इसके आसपास बड़े स्तर पर निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाएं तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में यीडा ने अंतरराष्ट्रीय बिजनेस एंड ट्रेड सेंटर विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया है। इस परियोजना की व्यवहार्यता जांच (फिजिबिलिटी स्टडी) अर्न्स्ट एंड यंग (EY) कंपनी द्वारा पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंप दी गई है। जल्द ही इस योजना का प्रस्तुतीकरण उच्च अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी इस पूरे क्षेत्र को व्यापार, लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट का बड़ा केंद्र बना सकती है। एयरपोर्ट के नजदीक व्यापारिक केंद्र बनने से देश-विदेश के कारोबारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। Jewar Airport
यीडा अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना चीन के झेजियांग प्रांत स्थित प्रसिद्ध यीवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी से प्रेरित है। यह बाजार दुनिया के सबसे बड़े थोक व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता है, जहां अलग-अलग उत्पादों के लिए अलग जोन विकसित किए गए हैं।इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए जेवर एयरपोर्ट के पास बनने वाले ट्रेड सेंटर में इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, फर्नीचर, स्टेशनरी, ज्वैलरी, ऑटो पार्ट्स, घरेलू सामान और अन्य उत्पादों के लिए अलग-अलग व्यापारिक सेक्शन बनाए जाएंगे। मकसद यह है कि व्यापारियों और खरीदारों को एक ही परिसर में हर तरह का सामान उपलब्ध हो सके। फिलहाल भारत में अलग-अलग उत्पादों के लिए अलग-अलग बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता है। इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए नेहरू प्लेस, कपड़ों के लिए चांदनी चौक और फर्नीचर के लिए सहारनपुर जैसे बाजार प्रसिद्ध हैं। लेकिन जेवर एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित यह नया ट्रेड हब इन सभी सुविधाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। Jewar Airport
यीडा के मुताबिक सेक्टर-7, 8 और 8ए में बनने वाले प्रत्येक ट्रेड और बिजनेस सेंटर को करीब 20-20 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जेवर एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण इन केंद्रों को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। प्राधिकरण इन व्यावसायिक केंद्रों को बेचने के बजाय किराये पर देने की योजना बना रहा है। इससे बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद श्रेणियों में बदलाव करना आसान होगा और कारोबारियों को भी अधिक लचीलापन मिल सकेगा। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकसित होने वाले इन इंटरनेशनल बिजनेस सेंटरों से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। साथ ही होटल, ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर निवेश आने की उम्मीद जताई जा रही है। यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, परियोजना की स्टडी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और प्रस्तुतीकरण के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट केवल एविएशन हब ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत का बड़ा अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र भी बन सकता है। Jewar Airport
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