यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने दी बड़ी खुशखबरी, होगा 220 करोड़ का निवेश

यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में यीडा के क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। इसी कड़ी में यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार 13 मार्च 2026 को बड़ी खुशखबरी दी है।

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मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में यीडा के क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जा रही
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar13 Mar 2026 06:23 PM
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YEIDA : यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में यीडा के क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। इसी कड़ी में यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार 13 मार्च 2026 को बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने यह खुशखबरी देते हुए बताया है कि फॉच्र्यून कंपनियों में शामिल प्रसिद्ध उद्योग समूह मैसर्स स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड यीडा के क्षेत्र में 220 करोड़ रूपए का निवेश करेगी। यीडा ने कंपनी को लेटर ऑफर इनटेंट (LOI) सौंप दिया है।

राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है यीडा

आपको बता दें कि यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध IAS अधिकारी हैं। उनके नेतृत्व में यीडा के क्षेत्र में तेजी के साथ विकास हो रहा है। शुक्रवार को यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने प्रसिद्ध उद्योग समूह स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो को एक महत्वपूर्ण LOI सौंपा है। इस LOI के मुताबिक मिंडा समूह यीडा के सेक्टर-8 D में 7 एकड़ जमीन पर अपना उद्योग स्थापित करेगा। इस उद्योग की स्थापना में 220 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा।

यीडा ने प्रेस नोट जारी करके दी जानकारी

शुक्रवार को यीडा की तरफ से एक प्रेस नोट जारी किया गया। इस प्रेस नोट में बताया गया है कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के द्वारा शुक्रवार को मैसर्स स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर 8D में 7 एकड़ के भूखंड का लेटर ऑफ इनटेंट मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह एवं शैलेन्द्र कुमार भाटिया (अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी) द्वारा कंपनी के कार्यकारी निदेशक अशोक दास एवं पीयूष गोयल को सौंपा गया। इस अवसर पर श्री अमित जालान, प्रमुख (कॉरपोरेट मामलों), मिंडा ग्रुप भी उपस्थित रहे। प्रेस नोट में बताया गया कि उत्तर प्रदेश शासन की निवेश प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत फॉर्च्यून 500 कंपनियों में शामिल होने के कारण कंपनी को सहायक अनुदान प्रदान किया गया है। मैसर्स स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इस परियोजना में लगभग 20,00,000 यूनिट स्विच, सेंसर एवं अन्य संबंधित ऑटो स्विच प्रणाली का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना पर कंपनी द्वारा लगभग 220 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस परियोजना की स्थापना से क्षेत्र में कई प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

अनेक देशों में स्थापित है मिंडा उद्योग समूह के उद्योग

यीडा द्वारा जारी प्रेस नोट में यह भी बताया गया है कि स्पार्क मिंडा ग्रुप की कंपनी मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड की भारत सहित वियतनाम, इटली, जापान और इंडोनेशिया में कुल 27 उत्पादन इकाइयाँ वर्तमान में संचालित हैं। कंपनी वैश्विक स्तर पर मेकेट्रॉनिक्स, सूचना एवं कनेक्टेड सिस्टम, प्लास्टिक एवं इंटीरियर, आफ्टरमार्केट उत्पाद तथा इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्यरत है। कंपनी द्वारा पुणे और बेंगलुरु में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।

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जेवर एयरपोर्ट को मिली बड़ी मंजूरी, CM योगी से मिले एयरपोर्ट के अधिकारी

इस महत्वपूर्ण मंजूरी के साथ अब जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन, परिचालन तैयारियों और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज होती दिखाई दे रही है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।

CM योगी से मिले जेवर एयरपोर्ट अधिकारी
CM योगी से मिले जेवर एयरपोर्ट अधिकारी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Mar 2026 01:46 PM
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Jewar Airport : उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल जेवर एयरपोर्ट ने एक और बड़ा पड़ाव पार कर लिया है। जेवर एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया है, जिसके बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना से जुड़े कामों में तेजी आने की उम्मीद और मजबूत हो गई है। इस महत्वपूर्ण मंजूरी के साथ अब जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन, परिचालन तैयारियों और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज होती दिखाई दे रही है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस मुलाकात को परियोजना की प्रगति और अगले चरण की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में जेवर एयरपोर्ट के CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन भी शामिल रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के साथ परियोजना की मौजूदा स्थिति और आगे की दिशा पर चर्चा की।

एयरोड्रम लाइसेंस से मजबूत हुआ जेवर एयरपोर्ट का अगला चरण

किसी भी एयरपोर्ट परियोजना के लिए एयरोड्रम लाइसेंस बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसके बाद संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को औपचारिक गति मिलती है। जेवर एयरपोर्ट के लिए यह मंजूरी सिर्फ एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस बड़े बदलाव का संकेत है जिसके जरिए यह परियोजना निर्माण चरण से आगे बढ़कर परिचालन की ओर बढ़ रही है। अब माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट पर तकनीकी तैयारियां, सिस्टम इंटीग्रेशन, परीक्षण और उड़ान संचालन से जुड़े प्रबंध और तेजी से पूरे किए जाएंगे। लंबे समय से जिस लाइसेंस का इंतजार किया जा रहा था, उसके मिलने के बाद परियोजना का फोकस अब अंतिम तैयारियों पर केंद्रित हो गया है।

मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात ने बढ़ाई अहमियत

एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के तुरंत बाद जेवर एयरपोर्ट के प्रतिनिधिमंडल का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना इस परियोजना की प्राथमिकता को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात में जेवर एयरपोर्ट की मौजूदा प्रगति, उद्घाटन की तैयारी और आगे की प्रशासनिक-सुरक्षा प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परियोजना के अगले चरण की जानकारी साझा की। इस मुलाकात को सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब जेवर एयरपोर्ट को जल्द संचालन की स्थिति में लाने पर जोर बढ़ गया है।

उद्घाटन की दिशा में तेज हुई गतिविधियां

एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की प्रक्रिया ने भी गति पकड़ ली है। हालांकि अंतिम उद्घाटन तिथि अभी घोषित नहीं मानी जा रही, लेकिन संकेत साफ हैं कि अब इस परियोजना से जुड़े शेष काम तेज रफ्तार से आगे बढ़ेंगे। उद्घाटन को लेकर तैयारियां प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर आगे बढ़ रही हैं। जेवर एयरपोर्ट को लेकर लंबे समय से देशभर में उत्सुकता बनी हुई है। ऐसे में यह नई प्रगति उन सभी उम्मीदों को और मजबूत करती है, जो इस एयरपोर्ट को उत्तर भारत की बड़ी एविएशन परियोजनाओं में शामिल करती हैं।

वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की राह हुई और साफ

एयरोड्रम लाइसेंस का सबसे सीधा असर जेवर एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया पर पड़ने वाला है। अब एयरपोर्ट संचालन से जुड़े जरूरी चरणों को पूरा कर नियमित उड़ानों की दिशा में तेजी लाई जाएगी। इससे न सिर्फ यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास, निवेश और कनेक्टिविटी के लिहाज से भी जेवर एयरपोर्ट की भूमिका और बड़ी हो जाएगी। Jewar Airport

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PM मोदी के हाथों होगा जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन, जल्द शुरू होंगी सेवाएं

संसद में केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि जेवर एयरपोर्ट पर यात्री उड़ान सेवाएं एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के लगभग 45 दिन के भीतर शुरू की जा सकती हैं। इससे साफ है कि अब जेवर एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का सपना जमीन पर उतरने के बेहद करीब पहुंच चुका है।

PM मोदी करेंगे जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण
PM मोदी करेंगे जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Mar 2026 09:40 AM
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Jewar Airport : उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित जेवर एयरपोर्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। संसद में केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि जेवर एयरपोर्ट पर यात्री उड़ान सेवाएं एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के लगभग 45 दिन के भीतर शुरू की जा सकती हैं। इससे साफ है कि अब जेवर एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का सपना जमीन पर उतरने के बेहद करीब पहुंच चुका है। नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने राज्यसभा में कहा कि आमतौर पर किसी भी एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद उड़ान संचालन शुरू होने में करीब डेढ़ से दो महीने का समय लगता है। इसी अवधि में एयरलाइंस, ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियां और अन्य संबंधित संस्थाएं अपनी परिचालन तैयारियों को अंतिम रूप देती हैं। ऐसे में जेवर एयरपोर्ट से भी लगभग 45 दिनों के भीतर यात्री सेवाएं शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।

प्रधानमंत्री मोदी के हाथों होगा लोकार्पण

सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि उड़ानों की शुरुआत से पहले जेवर एयरपोर्ट का औपचारिक लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि यह आयोजन न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि देश के एविएशन सेक्टर के लिए भी एक अहम क्षण होगा। राज्यसभा में यह जानकारी उस समय सामने आई जब सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने सवाल उठाया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिल चुका है, तो यहां से पहली यात्री उड़ान आखिर कब शुरू होगी। इस पर जवाब देते हुए नागर विमानन मंत्री ने कहा कि लाइसेंस मिलने के बाद एयरलाइंस को अपना शेड्यूल तय करने, टिकट बिक्री शुरू करने और संचालन संबंधी योजनाएं लागू करने के लिए कुछ समय चाहिए होता है।

एयरलाइंस करेंगी शेड्यूल और टिकटिंग की तैयारी

मंत्री के मुताबिक, एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद एयरलाइंस अपनी व्यावसायिक रणनीति के तहत रूट तय करती हैं, उड़ानों का टाइम-टेबल बनाती हैं और टिकट बिक्री की प्रक्रिया शुरू करती हैं। यही वजह है कि जेवर एयरपोर्ट पर भी लाइसेंस के तुरंत बाद उड़ानें शुरू नहीं होंगी, बल्कि तय प्रक्रियाओं के बाद चरणबद्ध तरीके से संचालन आगे बढ़ेगा। इस पूरी प्रक्रिया में एयरलाइन कंपनियों, सुरक्षा एजेंसियों, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट, ग्राउंड स्टाफ और तकनीकी व्यवस्थाओं का समन्वय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गेमचेंजर बनेगा जेवर एयरपोर्ट

जेवर एयरपोर्ट को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है। इसके शुरू होने से न सिर्फ हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि निवेश, रोजगार, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी। खासतौर पर यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र और ग्रेटर नोएडा-जेवर बेल्ट में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।

सरकार और प्रशासनिक स्तर पर भी यह संदेश दिया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने वाली परियोजना है। Jewar Airport

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