प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जहां परियोजना की अहमियत बताई वहीं समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि, "सपा ने नोएडा को लूट का एटीएम बना दिया था"। इस बयान के बाद कार्यक्रम का फोकस विकास से हटकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की ओर मुड़ता नजर आया।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का उद्घाटन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी विशेष रूप से उल्लेखनीय थी। यह कार्यक्रम विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़ा एक बड़ा सरकारी आयोजन था जिसका मकसद प्रदेश और देश को एक नई कनेक्टिविटी देना था। वास्तव में हुआ भी ऐसा ही कि जेवर एयरपोर्ट की विशेषताओं पर खूब चर्चा की गई लेकिन मामला उस समय गड़बड़ हो गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने भाषणों में राजनीति पर उतर आए। उनके भाषण के एक हिस्से में केवल राजनीति ही नजर आ रही थी। दोनों ही नेताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी को सीधे निशाने पर लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जहां परियोजना की अहमियत बताई वहीं समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि, "सपा ने नोएडा को लूट का एटीएम बना दिया था"। इस बयान के बाद कार्यक्रम का फोकस विकास से हटकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की ओर मुड़ता नजर आया। सरकारी मंच पर इस तरह की बयानबाजी को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या विकास परियोजनाओं के उद्घाटन को राजनीतिक मंच में बदलना जरूरी था या फिर कार्यक्रम को सिर्फ विकास और क्षेत्रीय प्रगति तक सीमित रखा जा सकता था।
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर लंबे समय से इंतजार था और इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का बड़ा ग्रोथ इंजन माना जा रहा है। ऐसे में यह उम्मीद की जा रही थी कि उद्घाटन समारोह पूरी तरह विकास, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय प्रगति पर केंद्रित रहेगा लेकिन भाषणों के दौरान विपक्ष पर हमलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या ऐसे सरकारी मंचों पर राजनीतिक तंज जरूरी हैं? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के मंच पर परियोजना की खूबियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा अधिक प्रभावी होती जिससे जनता को सीधे लाभ और उम्मीदों का संदेश मिलता।
राजनीतिक विश्लेषकों का मत है कि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की सभा में राजनीतिक तंज इसलिए कसा गया क्योंकि कल जेवर के पास दादरी में समाजवादी पार्टी का बड़ा शक्ति प्रदर्शन है। आपको बता दें कि, जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के अगले ही दिन यानी 29 मार्च को समाजवादी पार्टी भी चुनावी मोड में उतरने जा रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ग्रेटर नोएडा के दादरी में आयोजित ‘समानता भाईचारा रैली’ से विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे। दादरी के मिहिर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित इस रैली में 50 हजार से ज्यादा लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है। कार्यक्रम के अनुसार अखिलेश यादव सुबह 11:50 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे से रैली शुरू होगी। यह रैली सिर्फ एक जनसभा नहीं मानी जा रही बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सपा की रणनीतिक शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। विश्लेषकों का मत है कि, जेवर की सभा में दादरी की सभा को कमजोर करने के लिए राजनीतिक तंज कसा गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नोएडा और दादरी से चुनावी अभियान शुरू करना सपा की रणनीतिक चाल हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को राजनीतिक रूप से अहम माना जाता है जहां से चुनावी माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि दादरी रैली के बाद अखिलेश यादव पहले पश्चिमी यूपी के अलग-अलग जिलों में रैलियां करेंगे और फिर पूरे उत्तर प्रदेश में जाकर समर्थन मांगेंगे। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि प्रदेश में चुनावी हलचल अब तेज होने वाली है।
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन से शुरू हुई राजनीतिक चर्चा अब दादरी की रैली के साथ और तेज होने वाली है। एक तरफ सरकार विकास परियोजनाओं को अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर चुका है। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट जहां विकास की नई उड़ान का प्रतीक है वहीं इसके साथ ही प्रदेश में चुनावी राजनीति का नया अध्याय भी शुरू होता दिखाई दे रहा है।