2700 एकड़ की बड़ी डील! जेवर एयरपोर्ट के पास बसेंगे नए सेक्टर
यीडा के मुताबिक, इससे पुराने सेक्टरों में विवादों के चलते रुकी परियोजनाओं को अब जरूरी भूमि उपलब्ध होगी और जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर के आसपास नए सेक्टरों, उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने की राह खुल जाएगी।

Jewar Airport : ग्रेटर नोएडा के पास तैयार हो रहा जेवर एयरपोर्ट अब सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का सबसे बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। उड़ानें शुरू होने की उलटी गिनती के बीच इसका असर जमीन पर भी साफ दिखने लगा है,यमुना सिटी में जमीन की मांग अचानक से तेज हो गई है। बढ़ती मांग को भांपते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में किसानों से 2700 एकड़ अतिरिक्त भूमि खरीदकर विकास की बड़ी तैयारी कर दी है। इस खरीद पर करीब 4856 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है। यीडा के मुताबिक, इससे पुराने सेक्टरों में विवादों के चलते रुकी परियोजनाओं को अब जरूरी भूमि उपलब्ध होगी और जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर के आसपास नए सेक्टरों, उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने की राह खुल जाएगी।
मास्टर प्लान 2041 के तहत विकसित होंगे 46 नए सेक्टर
यीडा अधिकारियों के मुताबिक मास्टर प्लान-2041 के तहत जेवर एयरपोर्ट बेल्ट में जमीन जुटाने की कवायद लगातार तेज चल रही है। यमुना सिटी में अब तक 52 सेक्टर आकार ले चुके हैं, जबकि अगले चरण में 46 नए सेक्टर विकसित करने की तैयारी है। प्रस्तावित सूची में सेक्टर-4, 5, 5A, 8A, 8D, 8F और 11 जैसे अहम सेक्टर शामिल हैं, जहां यीडा किसानों से सीधे भूमि क्रय कर रहा है ताकि जेवर एयरपोर्ट के आसपास बनने वाले औद्योगिक क्लस्टर और नई शहरी बसावट को ठोस आधार मिल सके। प्राधिकरण का दावा है कि जमीन खरीद की रफ्तार फंड की कमी से प्रभावित न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री औद्योगिक विस्तारीकरण योजना के तहत मिलने वाले ब्याजमुक्त ऋण का रणनीतिक इस्तेमाल भी किया जा रहा है। यीडा के अनुसार अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच हर महीने औसतन करीब 500 करोड़ रुपये भूमि खरीद पर खर्च हुए। करीब 10 महीनों में किसानों को 3710 करोड़ रुपये (लगभग 64.7%) भुगतान किया जा चुका है, जबकि करीब 1177 करोड़ रुपये बैनामा और अधिग्रहीत भूमि के भुगतान में दिए गए हैं।
यमुना सिटी को मिलेगी नई पहचान
यीडा की रणनीति अब बिल्कुल साफ दिख रही है जेवर एयरपोर्ट को केंद्र में रखकर यमुना सिटी को एक आधुनिक इंडस्ट्रियल-टेक कॉरिडोर के रूप में तेजी से खड़ा किया जा रहा है। इसी रोडमैप के तहत सेक्टर-11 में करीब 750 एकड़ में फिनटेक हब की परिकल्पना की गई है, ताकि टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए बड़ा इकोसिस्टम तैयार हो सके। वहीं एयरपोर्ट के बिल्कुल आसपास सेक्टर-8D को लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जिससे कार्गो मूवमेंट और सप्लाई चेन को नई गति मिलेगी। इस पूरे विकास मॉडल को जमीन पर उतारने के लिए यीडा आंतरिक सड़कों, कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए भी तेजी से भूमि जुटा रहा है, ताकि जेवर एयरपोर्ट के साथ जुड़ी अर्थव्यवस्था को बिना रुकावट रफ्तार मिल सके।
जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में हेल्थकेयर इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा
यमुना सिटी के सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क को लेकर भी गतिविधियां बढ़ी हैं। यीडा के मुताबिक कैंसर समेत सहायक चिकित्सा उपकरणों के निर्माण और निर्यात पर फोकस के साथ कई कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है। अधिकारियों के अनुसार हाल ही में दुबई में आयोजित WHX Dubai कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और भारत सरकार का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जहां मेडिकल डिवाइस पार्क को मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के वैश्विक केंद्र के रूप में पेश करने की कोशिश की गई। इस प्रतिनिधिमंडल में यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया और उद्योग विभाग के विशेष सचिव चंद्र विजय समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। यीडा का कहना है कि विप्रो GE हेल्थकेयर के साथ भी बैठक हुई है, जो मेडिकल डिवाइस पार्क में प्लांट लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। इसके अलावा जापान की ऑलम्पस, स्वीडन की इलेक्टा और सीमेंस हेल्थीनियर्स के साथ भी निर्माण इकाइयां स्थापित करने को लेकर चर्चा चल रही है। Jewar Airport
Jewar Airport : ग्रेटर नोएडा के पास तैयार हो रहा जेवर एयरपोर्ट अब सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का सबसे बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। उड़ानें शुरू होने की उलटी गिनती के बीच इसका असर जमीन पर भी साफ दिखने लगा है,यमुना सिटी में जमीन की मांग अचानक से तेज हो गई है। बढ़ती मांग को भांपते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में किसानों से 2700 एकड़ अतिरिक्त भूमि खरीदकर विकास की बड़ी तैयारी कर दी है। इस खरीद पर करीब 4856 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है। यीडा के मुताबिक, इससे पुराने सेक्टरों में विवादों के चलते रुकी परियोजनाओं को अब जरूरी भूमि उपलब्ध होगी और जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर के आसपास नए सेक्टरों, उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने की राह खुल जाएगी।
मास्टर प्लान 2041 के तहत विकसित होंगे 46 नए सेक्टर
यीडा अधिकारियों के मुताबिक मास्टर प्लान-2041 के तहत जेवर एयरपोर्ट बेल्ट में जमीन जुटाने की कवायद लगातार तेज चल रही है। यमुना सिटी में अब तक 52 सेक्टर आकार ले चुके हैं, जबकि अगले चरण में 46 नए सेक्टर विकसित करने की तैयारी है। प्रस्तावित सूची में सेक्टर-4, 5, 5A, 8A, 8D, 8F और 11 जैसे अहम सेक्टर शामिल हैं, जहां यीडा किसानों से सीधे भूमि क्रय कर रहा है ताकि जेवर एयरपोर्ट के आसपास बनने वाले औद्योगिक क्लस्टर और नई शहरी बसावट को ठोस आधार मिल सके। प्राधिकरण का दावा है कि जमीन खरीद की रफ्तार फंड की कमी से प्रभावित न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री औद्योगिक विस्तारीकरण योजना के तहत मिलने वाले ब्याजमुक्त ऋण का रणनीतिक इस्तेमाल भी किया जा रहा है। यीडा के अनुसार अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच हर महीने औसतन करीब 500 करोड़ रुपये भूमि खरीद पर खर्च हुए। करीब 10 महीनों में किसानों को 3710 करोड़ रुपये (लगभग 64.7%) भुगतान किया जा चुका है, जबकि करीब 1177 करोड़ रुपये बैनामा और अधिग्रहीत भूमि के भुगतान में दिए गए हैं।
यमुना सिटी को मिलेगी नई पहचान
यीडा की रणनीति अब बिल्कुल साफ दिख रही है जेवर एयरपोर्ट को केंद्र में रखकर यमुना सिटी को एक आधुनिक इंडस्ट्रियल-टेक कॉरिडोर के रूप में तेजी से खड़ा किया जा रहा है। इसी रोडमैप के तहत सेक्टर-11 में करीब 750 एकड़ में फिनटेक हब की परिकल्पना की गई है, ताकि टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए बड़ा इकोसिस्टम तैयार हो सके। वहीं एयरपोर्ट के बिल्कुल आसपास सेक्टर-8D को लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जिससे कार्गो मूवमेंट और सप्लाई चेन को नई गति मिलेगी। इस पूरे विकास मॉडल को जमीन पर उतारने के लिए यीडा आंतरिक सड़कों, कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए भी तेजी से भूमि जुटा रहा है, ताकि जेवर एयरपोर्ट के साथ जुड़ी अर्थव्यवस्था को बिना रुकावट रफ्तार मिल सके।
जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में हेल्थकेयर इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा
यमुना सिटी के सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क को लेकर भी गतिविधियां बढ़ी हैं। यीडा के मुताबिक कैंसर समेत सहायक चिकित्सा उपकरणों के निर्माण और निर्यात पर फोकस के साथ कई कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है। अधिकारियों के अनुसार हाल ही में दुबई में आयोजित WHX Dubai कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और भारत सरकार का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जहां मेडिकल डिवाइस पार्क को मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के वैश्विक केंद्र के रूप में पेश करने की कोशिश की गई। इस प्रतिनिधिमंडल में यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया और उद्योग विभाग के विशेष सचिव चंद्र विजय समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। यीडा का कहना है कि विप्रो GE हेल्थकेयर के साथ भी बैठक हुई है, जो मेडिकल डिवाइस पार्क में प्लांट लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। इसके अलावा जापान की ऑलम्पस, स्वीडन की इलेक्टा और सीमेंस हेल्थीनियर्स के साथ भी निर्माण इकाइयां स्थापित करने को लेकर चर्चा चल रही है। Jewar Airport












