यमुना सिटी में घर-जमीन के बढ़े दाम, 1 अप्रैल से लागू होंगे नए रेट
यमुना सिटी में घर, दुकान, दफ्तर या औद्योगिक भूखंड खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ा अपडेट है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने शहर की विभिन्न श्रेणियों की संपत्तियों की आवंटन दरों में बढ़ोतरी कर दी है।

Yamuna City News : यमुना सिटी में घर, दुकान, दफ्तर या औद्योगिक भूखंड खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ा अपडेट है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने शहर की विभिन्न श्रेणियों की संपत्तियों की आवंटन दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद यमुना सिटी में प्रॉपर्टी खरीदना और महंगा हो जाएगा। नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी। दरअसल, जेवर स्थित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तेजी से विकसित होते ढांचे और उसके आसपास आकार ले रहीं बड़ी परियोजनाओं ने यमुना सिटी की जमीन को पहले ही निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। अब यीडा की नई दरों ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र की रियल एस्टेट वैल्यू और ऊपर जा सकती है।
जेवर एयरपोर्ट बना जमीन की कीमतों में तेजी का बड़ा कारण
यमुना सिटी में प्रॉपर्टी रेट्स की इस नई बढ़ोतरी के पीछे जेवर एयरपोर्ट सबसे अहम वजह माना जा रहा है। एयरपोर्ट के साथ-साथ फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी, एआई सिटी, जापानी, कोरियन और सिंगापुर आधारित औद्योगिक व शहरी परियोजनाओं ने इस क्षेत्र को तेजी से बदलती निवेश पट्टी में बदल दिया है। यही कारण है कि यहां जमीन की मांग लगातार बढ़ रही है और उसके साथ कीमतें भी ऊपर जा रही हैं।
यीडा इससे पहले भी वित्तीय वर्ष 2025-26 में जमीन की कीमतों में 10 प्रतिशत से 62 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर चुका था। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी आवंटन दरों में 3.58 फीसदी तक वृद्धि की गई है। बोर्ड बैठक में राया हेरिटेज सिटी की संशोधित डीपीआर को शासन को भेजने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है।
तीन साल में करीब 40 फीसदी तक चढ़े दाम
यमुना सिटी में पिछले तीन वर्षों के दौरान संपत्तियों की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की दरें अब बढ़कर 36 हजार रुपये से 87 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक पहुंच गई हैं। ग्रुप हाउसिंग श्रेणी में तो सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली है, जहां करीब 68 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो जेवर एयरपोर्ट के आसपास भविष्य को देखते हुए प्लॉट, फ्लैट या व्यावसायिक संपत्ति खरीदना चाहते हैं। अब यमुना सिटी में अपना आशियाना बनाना पहले से ज्यादा खर्चीला हो गया है।
मिक्स्ड लैंड यूज श्रेणी में भी बढ़ी दरें
यीडा ने मिक्स्ड लैंड यूज की कई श्रेणियों में भी दरें बढ़ा दी हैं। औद्योगिक, संस्थागत और रिक्रिएशनल उपयोग वाली जमीनों में 75 प्रतिशत तक, आवासीय श्रेणी में 12 प्रतिशत, वाणिज्यिक में 8 प्रतिशत और संस्थागत उपयोग में 5 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। इसी तरह आवासीय टाउनशिप की आवंटन दर 39,258 रुपये से बढ़ाकर 40,670 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी गई है। वहीं कॉरपोरेट ऑफिस के लिए दर 52,500 रुपये से बढ़कर 54,380 रुपये प्रति वर्गमीटर हो गई है। साफ है कि जेवर एयरपोर्ट के प्रभाव क्षेत्र में अब सिर्फ रहने की जमीन ही नहीं, कारोबार से जुड़ी संपत्तियां भी महंगी होती जा रही हैं।
ट्रांसपोर्ट लैंड यूज की दरें तय करने के लिए बनेगी समिति
यीडा बोर्ड बैठक में ट्रांसपोर्ट लैंड यूज और मल्टीपल लैंड यूज की दरों को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। इन श्रेणियों की दरें तय करने के लिए अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं। ये समितियां सर्वे कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगी, जिसके आधार पर अगली बोर्ड बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह बैठक अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई। इसमें एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ राजेश कुमार, एसीईओ मनीष मीणा, ओएसडी शैलेंद्र सिंह और महाप्रबंधक परियोजना विभाग राजेंद्र भाटी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
जेवर एयरपोर्ट पर इस बार पांच गुना ज्यादा पूंजीगत अंशदान
यीडा ने अपने बजट में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को खास प्राथमिकता दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में एयरपोर्ट के लिए 502 करोड़ रुपये का पूंजीगत अंशदान दिया जाएगा, जबकि बीते वर्ष यह रकम 103 करोड़ रुपये थी। यानी इस बार एयरपोर्ट परियोजना के लिए प्राधिकरण पांच गुना ज्यादा राशि खर्च करेगा। इस अतिरिक्त निवेश से एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीद, विस्थापन और संबंधित निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। इसके अलावा निर्माण गतिविधियों पर भी पहले के मुकाबले करीब ढाई गुना अधिक खर्च किया जाएगा।
11,829 करोड़ के बजट से बदलेगी यमुना सिटी की तस्वीर
यीडा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11,829 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। यह उसके इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। एक समय ऐसा भी था जब प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि उसके भविष्य पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब वही यीडा रिकॉर्ड बजट के साथ बड़े विकास एजेंडे पर आगे बढ़ रहा है। इस वित्तीय वर्ष में कुल 11,811 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इनमें सबसे ज्यादा 8,000 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण और खरीद पर खर्च होंगे। इसके अलावा 2,000 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर, 502 करोड़ रुपये नोएडा एयरपोर्ट पर और 300 करोड़ रुपये कनेक्टिविटी पर खर्च किए जाएंगे।
यीडा क्षेत्र में बनेगा ट्रैफिक पार्क
यीडा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए एक आधुनिक ट्रैफिक पार्क भी विकसित किया जाएगा। इसका निर्माण मैसर्स होंडा फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर फंड के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए यीडा निशुल्क भूमि उपलब्ध कराएगा, हालांकि जमीन का स्वामित्व प्राधिकरण के पास ही रहेगा। इस ट्रैफिक पार्क में कृत्रिम सड़कें, ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और चौराहे तैयार किए जाएंगे, ताकि लोगों को वास्तविक यातायात परिस्थितियों जैसा अनुभव मिल सके। यहां नए चालकों, युवाओं और आम नागरिकों को सुरक्षित ड्राइविंग, सड़क अनुशासन और ट्रैफिक नियमों की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
किस मद में कितना खर्च होगा
भूमि अधिग्रहण : 8000 करोड़ रुपये
विकास कार्य : 2000 करोड़ रुपये
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट : 502 करोड़ रुपये
कनेक्टिविटी परियोजनाएं : 300 करोड़ रुपये
क्या बोले यीडा के एसीईओ
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के मुताबिक, यह प्राधिकरण के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। इसमें भूमि अधिग्रहण पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है, ताकि शहर की परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो। Yamuna City News
Yamuna City News : यमुना सिटी में घर, दुकान, दफ्तर या औद्योगिक भूखंड खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ा अपडेट है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने शहर की विभिन्न श्रेणियों की संपत्तियों की आवंटन दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद यमुना सिटी में प्रॉपर्टी खरीदना और महंगा हो जाएगा। नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी। दरअसल, जेवर स्थित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तेजी से विकसित होते ढांचे और उसके आसपास आकार ले रहीं बड़ी परियोजनाओं ने यमुना सिटी की जमीन को पहले ही निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। अब यीडा की नई दरों ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र की रियल एस्टेट वैल्यू और ऊपर जा सकती है।
जेवर एयरपोर्ट बना जमीन की कीमतों में तेजी का बड़ा कारण
यमुना सिटी में प्रॉपर्टी रेट्स की इस नई बढ़ोतरी के पीछे जेवर एयरपोर्ट सबसे अहम वजह माना जा रहा है। एयरपोर्ट के साथ-साथ फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी, एआई सिटी, जापानी, कोरियन और सिंगापुर आधारित औद्योगिक व शहरी परियोजनाओं ने इस क्षेत्र को तेजी से बदलती निवेश पट्टी में बदल दिया है। यही कारण है कि यहां जमीन की मांग लगातार बढ़ रही है और उसके साथ कीमतें भी ऊपर जा रही हैं।
यीडा इससे पहले भी वित्तीय वर्ष 2025-26 में जमीन की कीमतों में 10 प्रतिशत से 62 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर चुका था। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी आवंटन दरों में 3.58 फीसदी तक वृद्धि की गई है। बोर्ड बैठक में राया हेरिटेज सिटी की संशोधित डीपीआर को शासन को भेजने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है।
तीन साल में करीब 40 फीसदी तक चढ़े दाम
यमुना सिटी में पिछले तीन वर्षों के दौरान संपत्तियों की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की दरें अब बढ़कर 36 हजार रुपये से 87 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक पहुंच गई हैं। ग्रुप हाउसिंग श्रेणी में तो सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली है, जहां करीब 68 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो जेवर एयरपोर्ट के आसपास भविष्य को देखते हुए प्लॉट, फ्लैट या व्यावसायिक संपत्ति खरीदना चाहते हैं। अब यमुना सिटी में अपना आशियाना बनाना पहले से ज्यादा खर्चीला हो गया है।
मिक्स्ड लैंड यूज श्रेणी में भी बढ़ी दरें
यीडा ने मिक्स्ड लैंड यूज की कई श्रेणियों में भी दरें बढ़ा दी हैं। औद्योगिक, संस्थागत और रिक्रिएशनल उपयोग वाली जमीनों में 75 प्रतिशत तक, आवासीय श्रेणी में 12 प्रतिशत, वाणिज्यिक में 8 प्रतिशत और संस्थागत उपयोग में 5 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। इसी तरह आवासीय टाउनशिप की आवंटन दर 39,258 रुपये से बढ़ाकर 40,670 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी गई है। वहीं कॉरपोरेट ऑफिस के लिए दर 52,500 रुपये से बढ़कर 54,380 रुपये प्रति वर्गमीटर हो गई है। साफ है कि जेवर एयरपोर्ट के प्रभाव क्षेत्र में अब सिर्फ रहने की जमीन ही नहीं, कारोबार से जुड़ी संपत्तियां भी महंगी होती जा रही हैं।
ट्रांसपोर्ट लैंड यूज की दरें तय करने के लिए बनेगी समिति
यीडा बोर्ड बैठक में ट्रांसपोर्ट लैंड यूज और मल्टीपल लैंड यूज की दरों को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। इन श्रेणियों की दरें तय करने के लिए अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं। ये समितियां सर्वे कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगी, जिसके आधार पर अगली बोर्ड बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह बैठक अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई। इसमें एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ राजेश कुमार, एसीईओ मनीष मीणा, ओएसडी शैलेंद्र सिंह और महाप्रबंधक परियोजना विभाग राजेंद्र भाटी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
जेवर एयरपोर्ट पर इस बार पांच गुना ज्यादा पूंजीगत अंशदान
यीडा ने अपने बजट में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को खास प्राथमिकता दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में एयरपोर्ट के लिए 502 करोड़ रुपये का पूंजीगत अंशदान दिया जाएगा, जबकि बीते वर्ष यह रकम 103 करोड़ रुपये थी। यानी इस बार एयरपोर्ट परियोजना के लिए प्राधिकरण पांच गुना ज्यादा राशि खर्च करेगा। इस अतिरिक्त निवेश से एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीद, विस्थापन और संबंधित निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। इसके अलावा निर्माण गतिविधियों पर भी पहले के मुकाबले करीब ढाई गुना अधिक खर्च किया जाएगा।
11,829 करोड़ के बजट से बदलेगी यमुना सिटी की तस्वीर
यीडा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11,829 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। यह उसके इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। एक समय ऐसा भी था जब प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि उसके भविष्य पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब वही यीडा रिकॉर्ड बजट के साथ बड़े विकास एजेंडे पर आगे बढ़ रहा है। इस वित्तीय वर्ष में कुल 11,811 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इनमें सबसे ज्यादा 8,000 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण और खरीद पर खर्च होंगे। इसके अलावा 2,000 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर, 502 करोड़ रुपये नोएडा एयरपोर्ट पर और 300 करोड़ रुपये कनेक्टिविटी पर खर्च किए जाएंगे।
यीडा क्षेत्र में बनेगा ट्रैफिक पार्क
यीडा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए एक आधुनिक ट्रैफिक पार्क भी विकसित किया जाएगा। इसका निर्माण मैसर्स होंडा फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर फंड के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए यीडा निशुल्क भूमि उपलब्ध कराएगा, हालांकि जमीन का स्वामित्व प्राधिकरण के पास ही रहेगा। इस ट्रैफिक पार्क में कृत्रिम सड़कें, ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और चौराहे तैयार किए जाएंगे, ताकि लोगों को वास्तविक यातायात परिस्थितियों जैसा अनुभव मिल सके। यहां नए चालकों, युवाओं और आम नागरिकों को सुरक्षित ड्राइविंग, सड़क अनुशासन और ट्रैफिक नियमों की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
किस मद में कितना खर्च होगा
भूमि अधिग्रहण : 8000 करोड़ रुपये
विकास कार्य : 2000 करोड़ रुपये
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट : 502 करोड़ रुपये
कनेक्टिविटी परियोजनाएं : 300 करोड़ रुपये
क्या बोले यीडा के एसीईओ
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के मुताबिक, यह प्राधिकरण के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। इसमें भूमि अधिग्रहण पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है, ताकि शहर की परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो। Yamuna City News











