जेवर एयरपोर्ट रीजन की चमकेगी किस्मत, मेगा निवेश को मिली हरी झंडी

माना जा रहा है कि यह टाउनशिप जेवर एयरपोर्ट रीजन को सिर्फ रहने की नई पहचान नहीं देगी, बल्कि आसपास के इलाके में रोजगार, रियल एस्टेट और शहरी सुविधाओं की रफ्तार भी कई गुना बढ़ा देगी।

जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर
जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 09:58 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द बन रहा नया अर्बन कॉरिडोर अब निवेशकों के लिए हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। इसी रफ्तार को आगे बढ़ाते हुए YEIDA क्षेत्र में 100 एकड़ में इंटरनेशनल थीम बेस्ड रेजिडेंशियल टाउनशिप बसाने की तैयारी है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक इस मेगा प्रोजेक्ट में करीब ₹3,500 करोड़ का निवेश आएगा और उम्मीद है कि अगले वर्ष तक इसका काम जमीन पर उतरना शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि यह टाउनशिप जेवर एयरपोर्ट रीजन को सिर्फ रहने की नई पहचान नहीं देगी, बल्कि आसपास के इलाके में रोजगार, रियल एस्टेट और शहरी सुविधाओं की रफ्तार भी कई गुना बढ़ा देगी।

जेवर एयरपोर्ट रीजन को मिला डेवलपमेंट बूस्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे से उत्तर प्रदेश को निवेश की एक और बड़ी सौगात मिली है। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने राज्य में कुल ₹6,650 करोड़ के निवेश को लेकर तीन MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। खास बात यह है कि इनमें से दो प्रमुख परियोजनाएं गौतमबुद्ध नगर के उन्हीं क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं, जहां जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चलते विकास की रफ्तार पहले ही तेज हो चुकी है। पहले समझौते के तहत जेवर एयरपोर्ट के करीब YEIDA क्षेत्र में एक मेगा ग्रुप हाउसिंग टाउनशिप तैयार की जाएगी। प्रस्तावित प्लान के मुताबिक, यहां हाई-राइज रेजिडेंशियल टावर, सुव्यवस्थित सड़कें, जरूरी शहरी सुविधाएं और नियोजित टाउनशिप मॉडल विकसित किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि परियोजना के जमीन पर उतरते ही करीब 12,000 रोजगार अवसर पैदा होंगे। MoU के तुरंत बाद YEIDA प्रशासन ने भूमि उपलब्धता, सेक्टर प्लानिंग और तकनीकी प्रक्रियाओं पर वर्किंग प्लान तैयार करने का काम तेज कर दिया है,ताकि जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में यह प्रोजेक्ट जल्द से जल्द आकार ले सके।

‘सिंगापुर सिटी’ का प्रस्ताव भी रफ्तार पकड़ सकता है

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द उभर रही यमुना सिटी को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में एक और बड़ा विजन चर्चा में है। सेक्टर-7 में करीब 500 एकड़ में प्रस्तावित ‘सिंगापुर सिटी’ को लेकर बताया जा रहा है कि इसका औपचारिक प्रस्ताव हाल ही में प्राधिकरण की ओर से मुख्यमंत्री को भेजा गया है। ऐसे में सिंगापुर दौरे के दौरान मिले निवेश संकेत को जेवर एयरपोर्ट रीजन के लिए सिर्फ एक डील नहीं, बल्कि इंटरनेशनल-स्टाइल अर्बन डेवलपमेंट की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है। इसी निवेश पैकेज की तीसरी कड़ी में कानपुर–लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने की योजना भी शामिल है। प्रस्ताव के मुताबिक, इस परियोजना में ₹650 करोड़ निवेश और करीब 7,500 रोजगार सृजन का अनुमान है। इसे 2027 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदेश की सप्लाई-चेन, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट इकोनॉमी को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बनेगा हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के असर क्षेत्र में अब रियल एस्टेट के साथ-साथ टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तेज़ी से रफ्तार पकड़ रहा है। निवेश पैकेज की दूसरी बड़ी कड़ी के तहत नोएडा–ग्रेटर नोएडा एनसीआर बेल्ट में 10 एकड़ जमीन पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस प्रोजेक्ट में करीब ₹2,500 करोड़ निवेश और लगभग 1,500 रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। MoU के मुताबिक, इसे 2028 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में लॉजिस्टिक्स के साथ टेक इकोसिस्टम के विस्तार से उत्तर प्रदेश को डेटा सेंटर हब के रूप में मजबूत करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल नोएडा–ग्रेनो में डेटा सेंटर के लिए 11 प्लॉट पहले ही आवंटित हो चुके हैं और कुछ सेंटर संचालन में भी हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट से सटी यमुना सिटी में भी अतिरिक्त कंपनियों को डेटा सेंटर के लिए जमीन देने पर विचार चल रहा है, जिससे यह पूरा इलाका डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की नई धुरी बन सकता है। Jewar Airport

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यमुना–गंगा लिंक को मिली हरी झंडी, जारी हुआ सरकारी बजट

उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) को 1204 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस संबंध में शासन के संयुक्त सचिव द्वारा 17 फरवरी को YEIDA के सीईओ को पत्र भेजा गया है।

यमुना–गंगा लिंक एक्सप्रेसवे
यमुना–गंगा लिंक एक्सप्रेसवे
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar21 Feb 2026 10:48 AM
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Jewar News : जेवर एयरपोर्ट के आसपास बढ़ते ट्रैफिक और भविष्य के कार्गो मूवमेंट को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कनेक्टिविटी से जुड़ी एक अहम परियोजना को रफ्तार दे दी है। यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके तहत YEIDA क्षेत्र के 16 गांवों में करीब 740 एकड़ भूमि खरीदी जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) को 1204 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस संबंध में शासन के संयुक्त सचिव द्वारा 17 फरवरी को YEIDA के सीईओ को पत्र भेजा गया है।

UPEIDA कराएगा निर्माण

लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) कराएगा। प्रस्ताव के अनुसार यह सड़क गंगा एक्सप्रेसवे पर बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र (44.3 किमी पॉइंट) से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-21/फिल्म सिटी के पास (24.8 किमी पॉइंट) आकर जुड़ेगी। परियोजना का करीब 20 किमी हिस्सा JEWAR–YEIDA क्षेत्र में आएगा। इसमें करीब 9 किमी हिस्सा एलिवेटेड बनाया जाएगा। स्थानीय ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए सर्विस रोड भी विकसित की जाएगी, ताकि जेवर क्षेत्र के गांवों की आवाजाही बाधित न हो। लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जिन 16 गांवों की करीब 740 एकड़ जमीन खरीदी जानी है, उस पर 1204 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जेवर क्षेत्र में मेहंदीपुर बांगर, भाईपुर ब्रह्मनान, रबूपूरा, भुन्नातगा, म्याना, फाजिलपुर और कल्लूपुरा जैसे गांवों में प्राधिकरण ने सर्वे के बाद जमीन खरीद की तैयारी तेज कर दी है। प्रक्रिया के तहत YEIDA जमीन खरीदकर UPEIDA को सौंपेगा, जिसके बाद निर्माण कार्य UPEIDA के जरिए आगे बढ़ेगा।

56 गांवों से होकर गुजरेगा कॉरिडोर

गंगा–यमुना लिंक एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट कुल 56 गांवों से होकर गुजरेगा। इनमें गौतमबुद्ध नगर के 8 गांव और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल हैं। बुलंदशहर में खुर्जा तहसील के 14 गांव और शेष बुलंदशहर, सियाना व शिकारपुर क्षेत्रों के गांव बताए गए हैं। परियोजना को करीब 4000 करोड़ रुपये में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का आकलन है कि जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में वाहनों खासतौर पर कार्गो और भारी वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ेगा। एयरपोर्ट पर मालवाहक विमानों के संचालन की तैयारी के चलते लॉजिस्टिक्स की जरूरत और बढ़ जाएगी। ऐसे में यह लिंक एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़कर जेवर को एक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी हब में बदलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट को मिलेगा हाई-स्पीड सपोर्ट

इस लिंक के बनने से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी अधिक मजबूत होगी। आगरा से ग्रेटर नोएडा तक सफर सुगम होने के साथ-साथ गंगा एक्सप्रेसवे की उपयोगिता भी बढ़ेगी खासतौर पर तब, जब उसे जेवर एयरपोर्ट से डायरेक्ट लिंक मिलेगा। इससे कार्गो वाहनों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में समय और लागत दोनों के स्तर पर राहत मिलने की संभावना है। Jewar News

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जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ विकसित हो रहा है बड़ा भविष्य

जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ भविष्य का सबसे सुन्दर तथा सबसे विशाल शहर विकसित हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के पूरे क्षेत्र की बात करें तो जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ 2689 वर्ग किलोमीटर के दायरे में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर विकसित होगा।

यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह
यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar18 Feb 2026 02:32 PM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट का बहुत जल्दी उद्घाटन हो जाएगा। अगले कुछ दिनों में ही जेवर एयरपोर्ट से हवाई यातायात शुरू हो जाएगा। इस दौरान जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ भविष्य का सबसे सुन्दर तथा सबसे विशाल शहर विकसित हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के पूरे क्षेत्र की बात करें तो जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ 2689 वर्ग किलोमीटर के दायरे में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर विकसित होगा।

जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यीडा के पास मौजूद है बहुत बड़ा लैंड बैंक

जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के पास बहुत बड़ा लैंड बैंक मौजूद है। जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यीडा का लैंड बैंक 2689 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यीडा के पास मौजूद लैंड बैंक का साईज दो लाख 68 हजार हेक्टेयर से भी अधिक है। इतना ही नहीं यीडा के अधिकारी जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ लैंड बैंक को बढ़ाने का लगातार काम कर रहे हैं। यीडा के सीईओ (CEO) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में योजनाबद्ध ढंग से लैंड बैंक को बढ़ाया जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ खरीदी जा रही है जमीन

यीडा के सीईओ ( CEO) राकेश कुमार सिंह ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने तकरीबन 4856 करोड़ रुपये से 2700 एकड़ जमीन क्रय की है। यह जमीन पूर्व नियोजित सेक्टरों के अलावा मास्टर प्लान 2041 में नियोजित सेक्टरों में भी खरीदी गई है। प्राधिकरण आगामी वित्त वर्ष के लिए भी जमीन खरीद की मद में सबसे अधिक धनराशि आवंटित करने की योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि यीडा के बजट में पिछले दो वित्त वर्ष से सबसे अधिक आवंटन जमीन खरीद के लिए हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट स्थापित होने के बाद से प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे जमीन की मांग में भी तेजी आई है। उन्होंने बताया कि जमीन क्रय के लिए धनराशि की कमी दूर करने के लिए यीडा ने मुख्यमंत्री औद्योगिक विस्तारीकरण योजना का लाभ उठाया है। इस योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान है। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण अभी तक इस योजना के तहत प्रदेश सरकार से तीन हजार करोड़ का ऋण ले चुका है। चालू वित्त वर्ष में भी प्राधिकरण के लिए प्रदेश सरकार ने डेढ़ हजार करोड़ रुपये का ऋण को मंजूर किया है। 

YEIDA का लैंड बैंक: कहां-कहां फैला है पूरा क्षेत्र ?

यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण का यह विशाल क्षेत्र उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में फैला हुआ है। इन जिलों में गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस तथा आगरा जिले शामिल हैं। इस पूरे क्षेत्र को यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर करीब 25 किलोमीटर के दायरे में विकसित किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट इसी लैंड बैंक के केंद्र में स्थित है, जिससे इस पूरे इलाके की अहमियत कई गुना बढ़ गई है।

लैंड बैंक का सेक्टर-वाइज उपयोग (योजनाबद्ध वितरण)

YEIDA के मास्टर प्लान के अनुसार, करीब 2,689 वर्ग किलोमीटर के इस लैंड बैंक को अलग-अलग उपयोगों के लिए चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है—


·    औद्योगिक क्षेत्र:

भारी उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, MSME क्लस्टर, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स


·    आवासीय क्षेत्र:

ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड हाउसिंग, किफायती आवास


·    वाणिज्यिक क्षेत्र:

ऑफिस स्पेस, आईटी पार्क, बिजनेस डिस्ट्रिक्ट


·    लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग:

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सपोर्ट ज़ोन


·    संस्थागत और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर:

विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, रिसर्च सेंटर


·    ग्रीन और बफर ज़ोन:

पर्यावरण संतुलन के लिए बड़े ग्रीन बेल्ट

जेवर एयरपोर्ट के आसपास सबसे ज्यादा फोकस क्यों?

जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 10–15 किलोमीटर के दायरे में स्थित जमीन को YEIDA ने हाई-प्रायोरिटी डेवलपमेंट ज़ोन घोषित किया है। इसी क्षेत्र में एयरोसिटी, फिल्म सिटी, एयरपोर्ट आधारित उद्योग, होटल और कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि YEIDA के पूरे लैंड बैंक में सबसे अधिक रिटर्न और विकास की रफ्तार जेवर एयरपोर्ट इन्फ्लुएंस ज़ोन में देखने को मिलेगी।

निवेश और रोजगार के लिहाज से कितना अहम है यह लैंड बैंक ?

  1. करीब 2.68 लाख हेक्टेयर के इस लैंड बैंक पर योजनाबद्ध विकास से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार, उत्तर भारत का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल क्लस्टर, निर्यात आधारित उद्योगों को नया केन्द्र तैयार होने की संभावना है।
  2. YEIDA क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के ग्रोथ इंजन के रूप में देखा जा रहा है, जहां जमीन उपलब्ध है, कनेक्टिविटी मजबूत है और नीतियां निवेश-अनुकूल हैं। इस विशाल क्षेत्र को जोड़ने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से लिंक, प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं इसे देश के सबसे बेहतर कनेक्टेड औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल कर रही हैं।
  3. करीब 2,689 वर्ग किलोमीटर का यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण का लैंड बैंक केवल जमीन का आंकड़ा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य की रीढ़ है। जेवर एयरपोर्ट के साथ जुड़कर यह लैंड बैंक आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और शहरी विकास का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा। साथ ही जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ सबसे सुन्दर तथा सबसे बड़ा शहर स्थापित हो जाएगा। Jewar Airport