Jewar News: मायावती के इस ग्रह जनपद (घर) में जेवर विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार (आज) को बसपा का बड़ा शक्ति प्रतिक्षण हो रहा है। हम आपको बसपा के इस शक्ति प्रतिक्षण की पल-पल की जानकारी दिनभर उपलब्ध कराएंगे। इसी विषय पर आधारित यह पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

जेवर से लेकर दादरी तथा नोएडा यानी पूरा गौतमबुद्धनगर जिला बहुजन समान पार्टी (बसपा) की मुखिया सुश्री मायावती का ग्रह जनपद है। सुश्री मायावती का जन्म गौतमबुद्धनगर जिले के बादलपुर गांव में हुआ था। मायावती के इस ग्रह जनपद (घर) में जेवर विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार (आज) को बसपा का बड़ा शक्ति प्रतिक्षण हो रहा है। हम आपको बसपा के इस शक्ति प्रतिक्षण की पल-पल की जानकारी दिनभर उपलब्ध कराएंगे। इसी विषय पर आधारित यह पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
आपको बता दें कि, गौतमबुद्ध नगर की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। सपा और भाजपा के बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के बाद अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी जेवर विधानसभा क्षेत्र से अपना सियासी शक्ति प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मंगलवार को जेवर विधानसभा क्षेत्र के दनकौर कस्बे में स्थित आदर्श इंटर कॉलेज के खेल मैदान में बसपा का विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन को पार्टी के राष्ट्रीय चीफ कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद संबोधित करेंगे। दनकौर में होने वाले इस सम्मेलन को सिर्फ एक कार्यकर्ता कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसे मायावती के गृह जिले गौतमबुद्ध नगर में बसपा के मिशन-2027 के नए सियासी आगाज के रूप में देखा जा रहा है। खास बात यह है कि अपने गृह जिले में मायावती परिवार की ओर से लंबे अंतराल के बाद इतनी बड़ी राजनीतिक सभा होने जा रही है।
जेवर विधानसभा क्षेत्र में दनकौर कस्बा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यही वजह है कि बसपा ने अपने बड़े सम्मेलन के लिए जेवर विधानसभा क्षेत्र को चुना है। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में कई दिनों से राजनीतिक चर्चाओं का दौर चल रहा है। बसपा के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता सम्मेलन को सफल बनाने के लिए जुटे हुए हैं। आकाश आनंद के दनकौर पहुंचने को लेकर बसपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है। पार्टी का मकसद पुराने संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करना और 2027 के चुनाव से पहले बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को फिर से मजबूती से जोड़ना माना जा रहा है।
दनकौर सम्मेलन की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा जेवर विधानसभा सीट के बसपा प्रत्याशी को लेकर है। विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सम्मेलन के दौरान पार्टी जेवर सीट के लिए अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर सकती है। सतबीर/सतवीर गुर्जर के नाम की चर्चा सबसे ज्यादा है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक जेवर से बसपा प्रत्याशी के तौर पर सतबीर गुर्जर के नाम की घोषणा आकाश आनंद कर सकते हैं। हालांकि अंतिम घोषणा मंच से ही स्पष्ट होगी। यदि यह घोषणा होती है तो बसपा जेवर में गुर्जर-दलित सामाजिक समीकरण को साधने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिखाई देगी।
गौतमबुद्ध नगर को बसपा सुप्रीमो मायावती का राजनीतिक और पारिवारिक आधार वाला क्षेत्र माना जाता है। दादरी क्षेत्र का बादलपुर उनका पैतृक गांव है। एक समय गौतमबुद्ध नगर की दादरी और जेवर विधानसभा सीटों पर बसपा का मजबूत प्रभाव था। जेवर में बसपा ने 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की थी। 2002 में नरेंद्र कुमार, 2007 में होराम सिंह और 2012 में वेदराम भाटी ने बसपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। दादरी में भी बसपा का मजबूत राजनीतिक आधार रहा है लेकिन पिछले एक दशक में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं। भाजपा ने क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की और बसपा का पारंपरिक कैडर वोट बैंक पहले की तुलना में कमजोर हुआ। अब 2027 से पहले बसपा इसी पुराने आधार को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर रही है।
गौतमबुद्ध नगर में सपा और भाजपा के बड़े कार्यक्रम दादरी क्षेत्र में हुए। इसके बाद बसपा ने दादरी की जगह जेवर विधानसभा क्षेत्र को अपने बड़े कार्यक्रम के लिए चुना है। इसके पीछे जेवर की बदलती राजनीतिक और आर्थिक अहमियत भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में हर राजनीतिक दल के लिए जेवर विधानसभा सीट की अहमियत लगातार बढ़ रही है। बसपा के लिए यह सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां पार्टी का पुराना चुनावी आधार रहा है। पार्टी अब उसी आधार को नए सामाजिक और युवा समीकरणों के साथ जोड़ने की कोशिश करती दिखाई दे रही है।
आकाश आनंद के दनकौर दौरे को बसपा के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पार्टी को अपने निष्क्रिय या कमजोर पड़े संगठन में नई जान फूंकने की जरूरत है। पिछले चुनावों में बसपा का प्रदर्शन कमजोर रहने के बाद कार्यकर्ताओं के बीच नई ऊर्जा पैदा करना पार्टी की बड़ी चुनौती है। दनकौर का सम्मेलन इसी दिशा में पहला बड़ा संदेश माना जा रहा है। आकाश आनंद के सामने तीन बड़ी चुनौतियां दिखाई दे रही हैं-
बसपा की मौजूदा रणनीति में युवा मतदाता खास केंद्र में दिखाई दे रहे हैं। आकाश आनंद हाल के राजनीतिक कार्यक्रमों में युवाओं, रोजगार, आरक्षण और सम्मान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। हाथरस की सभा के बाद दनकौर में उनकी यह राजनीतिक सक्रियता पश्चिमी उत्तर प्रदेश में युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। पार्टी चाहती है कि नई पीढ़ी के मतदाताओं को बसपा की राजनीति से जोड़ा जाए और संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए।
गौतमबुद्ध नगर में बसपा की वापसी सिर्फ एक विधानसभा सीट जीतने का सवाल नहीं है। यह मायावती की राजनीतिक विरासत से भी जुड़ा हुआ है। एक समय जिस क्षेत्र में बसपा का प्रभाव बेहद मजबूत था, वहां पिछले चुनावों में पार्टी का आधार कमजोर हुआ है। ऐसे में 2027 का चुनाव बसपा के लिए गौतमबुद्ध नगर में अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करने की बड़ी परीक्षा होगा। आकाश आनंद का दनकौर पहुंचना इसी परीक्षा की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
जेवर विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक अहमियत पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के कारण जेवर अब केवल विधानसभा क्षेत्र नहीं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण विकास क्षेत्रों में शामिल हो चुका है। एयरपोर्ट के साथ आने वाले निवेश, रोजगार, जमीन और विकास से जुड़े मुद्दे आने वाले चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में बसपा का अपना पहला बड़ा मिशन-2027 कार्यक्रम इसी विधानसभा क्षेत्र में करना राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दनकौर में आज होने वाला बसपा सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। आकाश आनंद का भाषण यह संकेत देगा कि 2027 के चुनाव में बसपा गौतमबुद्ध नगर को लेकर किस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी। क्या पार्टी अपने पुराने दलित वोट बैंक को फिर से एकजुट कर पाएगी? क्या गुर्जर और अन्य प्रभावशाली सामाजिक समूहों को अपने साथ जोड़ पाएगी? क्या युवा मतदाताओं के बीच आकाश आनंद अपनी जगह बना पाएंगे? और सबसे बड़ा सवाल-क्या मायावती के पुराने सियासी गढ़ में बसपा 2027 में फिर से अपनी जमीन मजबूत कर पाएगी? इन सवालों के जवाब की शुरुआत आज जेवर के दनकौर से होती दिखाई दे रही है। सम्मेलन में प्रत्याशी की घोषणा और आकाश आनंद के संबोधन के बाद जेवर की चुनावी राजनीति निश्चित तौर पर और गरमाने की उम्मीद है।
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