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जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह की मांग और लगातार उठाई गई चिंताओं का असर साफ दिखाई दिया। लंबे समय से एयरपोर्ट पर प्रस्तावित महंगी यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) को लेकर सवाल उठा रहे विधायक की चिंता के बाद आखिरकार यात्रियों को राहत मिल गई है।

Jewar Airport : उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी एक बड़ी राहतभरी खबर सामने आई है। जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह की मांग और लगातार उठाई गई चिंताओं का असर साफ दिखाई दिया। लंबे समय से एयरपोर्ट पर प्रस्तावित महंगी यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) को लेकर सवाल उठा रहे विधायक की चिंता के बाद आखिरकार यात्रियों को राहत मिल गई है। अब जेवर एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) के मुकाबले कम शुल्क चुकाना पड़ेगा। एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने नई शुल्क दरों को मंजूरी दे दी है। Jewar Airport
नई गाइडलाइंस के अनुसार, 31 मार्च 2027 तक जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले घरेलू यात्रियों को ₹490 और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को ₹980 यूजर चार्ज देना होगा। वहीं एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों के लिए घरेलू शुल्क ₹210 और अंतरराष्ट्रीय शुल्क ₹420 निर्धारित किया गया है। हालांकि, 1 अप्रैल 2027 के बाद इन शुल्कों में हल्की बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके तहत घरेलू यात्रियों के लिए प्रस्थान शुल्क बढ़कर ₹541 और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ₹1083 तक पहुंच सकता है। बावजूद इसके, माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट से यात्रा करना IGI एयरपोर्ट की तुलना में अब भी सस्ता विकल्प रहेगा। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट के संचालन से पहले ही एयरलाइंस कंपनियों ने किराए को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, आकासा एयर और इंडिगो जैसी कंपनियों ने कुछ रूट्स पर टिकट दरों में कमी भी की है। बताया जा रहा है कि नोएडा से बेंगलुरु का टिकट, जो पहले करीब 8 हजार रुपये से अधिक दिख रहा था, उसे घटाकर लगभग 6500 रुपये तक कर दिया गया। इसके अलावा अन्य शहरों के किराए में भी संशोधन किया गया है। शुरुआत में टिकट दरें अपेक्षा से अधिक होने पर यात्रियों में निराशा थी, लेकिन अब किराए में आई नरमी से लोगों को राहत मिलने लगी है। Jewar Airport
जेवर एयरपोर्ट केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि एयरलाइंस कंपनियों के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह विमान ईंधन (ATF) पर लगने वाला टैक्स है। दिल्ली में जहां ATF पर करीब 25 प्रतिशत वैट लगाया जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के लिए इसे घटाकर सिर्फ 1 प्रतिशत कर दिया है। ईंधन पर टैक्स में यह भारी अंतर एयरलाइंस कंपनियों की परिचालन लागत को काफी कम करेगा। Jewar Airport
आपको बता दें कि जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने हाल ही में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रस्तावित यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) और अन्य यात्री शुल्कों को लेकर केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर चिंता जताई थी। उन्होंने मांग की थी कि यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए शुल्क संरचना का दोबारा मूल्यांकन किया जाए। अपने पत्र में उन्होंने कुछ ऐसे तुलनात्मक आंकड़े भी साझा किए, जिसने जेवर एयरपोर्ट की प्रतिस्पर्धात्मकता को लेकर नई चर्चा छेड़ दी। विधायक ने बताया था कि 7 मई 2026 को इंडिगो द्वारा जारी फ्लाइट शेड्यूल के अनुसार 15 जून से लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट तक की उड़ान का किराया करीब 5072 रुपये दिखाया गया था, जबकि इसी अवधि में लखनऊ से दिल्ली के IGI एयरपोर्ट तक का किराया लगभग 3600 से 4300 रुपये के बीच था। उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि जेवर एयरपोर्ट से सफर दिल्ली के मुकाबले महंगा रहेगा, तो यात्रियों का रुझान प्रभावित हो सकता है और यह महत्वाकांक्षी परियोजना शुरुआती दौर में ही प्रतिस्पर्धा की चुनौती का सामना करेगी। ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने अपने पत्र में एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले टैक्स का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में एयरलाइंस को आकर्षित करने के लिए ATF पर टैक्स दर काफी कम रखी गई है, ऐसे में इसका सीधा फायदा यात्रियों को सस्ती हवाई सेवाओं के रूप में मिलना चाहिए। उनका मानना था कि जेवर एयरपोर्ट केवल NCR ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनने जा रहा है, इसलिए यहां से हवाई यात्रा को आम लोगों के लिए किफायती बनाए रखना बेहद जरूरी है। Jewar Airport
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