पूरे 25 साल पहले राजनाथ सिंह ने की थी जेवर एयरपोर्ट बनाने की घोषणा
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा जेवर क्षेत्र के नागरिकों का 25 साल पुराना सपना पूरा हो जाएगा। पूरे 25 साल पहले वर्ष-2001 में उत्तर प्रदेश के उस समय के मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की थी।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा जेवर क्षेत्र के नागरिकों का 25 साल पुराना सपना पूरा हो जाएगा। पूरे 25 साल पहले वर्ष-2001 में उत्तर प्रदेश के उस समय के मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की थी। शुरू में जेवर एयरपोर्ट की स्थापना के काम में बहुत सारी बाधाएं आई थीं। कई बार यह अफवाह भी फैल गई थी कि जेवर में एयरपोर्ट कभी भी नहीं बनेगा। 25 साल बाद 28 मार्च 2026 को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन हो रहा है।
अनेक बार बदलती रही जेवर एयरपोर्ट की स्थिति
जेवर एयरपोर्ट की स्थिति अनेक बार बदलती रही। जेवर में एयरपोर्ट बनाने की घोषणा के 16 वर्षों तक कई बार हवाई अड्डा कभी राजस्थान के भिवाड़ी और कभी हरियाणा और कभी यूपी में फिरोजाबाद के लिए भी तत्कालीन सरकारों ने ले जाने का प्रयास किया लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार और वर्ष 2017 में प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद इस सपने को सच करने के लिए मुख्य कार्य हुआ, जो अब पूरा होने जा रहा है। वर्ष 2003 में केंद्र सरकार की ओर से स्वीकारी गई रिपोर्ट में वर्ष 2007-2008 तक 5000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि यूपीए शासन के दौरान परियोजना रोक दी गई। इसके पीछे तर्क दिया गया कि परियोजना स्थल दिल्ली में एक मौजूदा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के 72 किलोमीटर के अंदर है। आईजीआई के संचालक जीएमआर ग्रुप ने दिल्ली के मौजूदा विमानक्षेत्र के 150 किलोमीटर के अंदर एक और अंतरराष्ट्रीय विमान क्षेत्र की योजना का विरोध किया था। दावा था कि यह यातायात और आईजीआई के राजस्व को प्रभावित करेगा।
दो दशक लग गए जेवर एयरपोर्ट को बनने में
आपको बता दें कि वर्ष-2001 में पहली बार उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा था। यह प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास दबा पड़ा रहा। वर्ष-2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने जेवर एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा। वर्ष-2012 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में जेवर एयरपोर्ट के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया। अखिलेश यादव की सरकार ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने के स्थान पर फिरोजाबाद अथवा आगरा में एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव पास किया था। वर्ष-2017 में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने की फाइनल घोषणा कर दी थी। वर्ष-2018 में केन्द्र सरकार ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। वर्ष-2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी।
जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करके अपना दावा पूरा करेंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक बार दावा किया है कि वें जिस परियोजना की नींव रखते हैं उसका उद्घाटन भी जरूर करते हैं। 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपना यह दावा एक बार फिर पूरा कर देंगे। 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही जेवर एयरपोर्ट की नींव रखी थी। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही PM मोदी का दावा पूरा हो जाएगा। Jewar Airport
Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा जेवर क्षेत्र के नागरिकों का 25 साल पुराना सपना पूरा हो जाएगा। पूरे 25 साल पहले वर्ष-2001 में उत्तर प्रदेश के उस समय के मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की थी। शुरू में जेवर एयरपोर्ट की स्थापना के काम में बहुत सारी बाधाएं आई थीं। कई बार यह अफवाह भी फैल गई थी कि जेवर में एयरपोर्ट कभी भी नहीं बनेगा। 25 साल बाद 28 मार्च 2026 को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन हो रहा है।
अनेक बार बदलती रही जेवर एयरपोर्ट की स्थिति
जेवर एयरपोर्ट की स्थिति अनेक बार बदलती रही। जेवर में एयरपोर्ट बनाने की घोषणा के 16 वर्षों तक कई बार हवाई अड्डा कभी राजस्थान के भिवाड़ी और कभी हरियाणा और कभी यूपी में फिरोजाबाद के लिए भी तत्कालीन सरकारों ने ले जाने का प्रयास किया लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार और वर्ष 2017 में प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद इस सपने को सच करने के लिए मुख्य कार्य हुआ, जो अब पूरा होने जा रहा है। वर्ष 2003 में केंद्र सरकार की ओर से स्वीकारी गई रिपोर्ट में वर्ष 2007-2008 तक 5000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि यूपीए शासन के दौरान परियोजना रोक दी गई। इसके पीछे तर्क दिया गया कि परियोजना स्थल दिल्ली में एक मौजूदा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के 72 किलोमीटर के अंदर है। आईजीआई के संचालक जीएमआर ग्रुप ने दिल्ली के मौजूदा विमानक्षेत्र के 150 किलोमीटर के अंदर एक और अंतरराष्ट्रीय विमान क्षेत्र की योजना का विरोध किया था। दावा था कि यह यातायात और आईजीआई के राजस्व को प्रभावित करेगा।
दो दशक लग गए जेवर एयरपोर्ट को बनने में
आपको बता दें कि वर्ष-2001 में पहली बार उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा था। यह प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास दबा पड़ा रहा। वर्ष-2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने जेवर एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा। वर्ष-2012 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में जेवर एयरपोर्ट के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया। अखिलेश यादव की सरकार ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने के स्थान पर फिरोजाबाद अथवा आगरा में एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव पास किया था। वर्ष-2017 में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने की फाइनल घोषणा कर दी थी। वर्ष-2018 में केन्द्र सरकार ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। वर्ष-2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी।
जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करके अपना दावा पूरा करेंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक बार दावा किया है कि वें जिस परियोजना की नींव रखते हैं उसका उद्घाटन भी जरूर करते हैं। 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपना यह दावा एक बार फिर पूरा कर देंगे। 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही जेवर एयरपोर्ट की नींव रखी थी। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही PM मोदी का दावा पूरा हो जाएगा। Jewar Airport











