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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। ऐसे में सरकार और प्रशासन इस बार शुरुआत से ही कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर फोकस कर रहे हैं। पहले कई एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन की कमी का सामना करना पड़ा था।

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर तैयारियां अब तेजी से आगे बढ़ रही हैं। एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली-एनसीआर में बड़े स्तर पर कनेक्टिविटी प्लान तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और नोएडा अथॉरिटी ने मिलकर एयरपोर्ट तक आसान और सस्ती यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 25 ई-बस रूट फाइनल कर दिए हैं। इस योजना का मकसद सिर्फ यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचाना नहीं है बल्कि सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाना भी है। खास बात यह है कि इन रूटों में गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ जैसे बड़े शहरों को भी जोड़ा गया है जिससे लाखों लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। ऐसे में सरकार और प्रशासन इस बार शुरुआत से ही कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर फोकस कर रहे हैं। पहले कई एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन की कमी का सामना करना पड़ा था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार एयरपोर्ट चालू होने से पहले ही बस नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अगर शुरुआत से बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधा मिलेगी तो यात्रियों को निजी गाड़ियों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा और ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा।
नई योजना में गाजियाबाद के लिए कई अहम रूट तय किए गए हैं। इनमें नोएडा से कौशांबी, नोएडा से गाजियाबाद वाया सिकंदराबाद और नोएडा से लालकुआं होते हुए गाजियाबाद तक की बस सेवा शामिल है। इसके अलावा जेवर से इंदिरापुरम तक भी ई-बस चलाने की तैयारी है। हापुड़ के लिए बसें परी चौक, नोएडा, विजयनगर, लालकुआं, डासना और पिलखुआ होते हुए संचालित की जाएंगी। वहीं मेरठ जाने वाली बसें परी चौक, इंदिरापुरम, मोहन नगर, मुरादनगर और मोदीनगर से होकर गुजरेंगी। इन रूटों से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और एयरपोर्ट जाने वालों को काफी राहत मिल सकती है।
ई-बस रूट इस तरह डिजाइन किए गए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर सकें। नोएडा से कौशांबी जाने वाली बसें सेक्टर-62, इंदिरापुरम, वसुंधरा और वैशाली जैसे इलाकों से होकर गुजरेंगी। वहीं गाजियाबाद रूट पर दादरी, सूरजपुर, विजयनगर और लालकुआं जैसे प्रमुख पॉइंट शामिल किए गए हैं। इससे नोएडा और गाजियाबाद के बीच सफर करने वाले लोगों को भी फायदा होगा।
परिवहन निगम पहले इन सभी रूटों पर ट्रायल रन करेगा। ट्रायल सफल रहने के बाद नियमित बस सेवा शुरू की जाएगी। हालांकि अभी तक संचालन की अंतिम तारीख घोषित नहीं हुई है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि तैयारियां तेजी से चल रही हैं। ई-बसों को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि ये प्रदूषण कम करने में मदद करेंगी और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प होंगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए इस बार हिंडन एयरपोर्ट के अनुभव से भी सीख ली गई है। हिंडन एयरपोर्ट शुरू होने के बाद शुरुआती समय में यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन की काफी दिक्कत हुई थी। इसी वजह से इस बार पहले से ही मजबूत बस नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। प्रशासन चाहता है कि एयरपोर्ट शुरू होते ही यात्रियों को सफर में किसी तरह की परेशानी न हो।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों और कार्गो सेवा की शुरुआत 15 जून से करने की तैयारी चल रही है। वहीं सितंबर तक एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। एयरपोर्ट पर CAT-III लैंडिंग सिस्टम भी लगाया जा चुका है। इससे खराब मौसम और कम विजिबिलिटी में भी उड़ानों का संचालन आसान हो सकेगा।
एयरपोर्ट से 1 जुलाई से चंडीगढ़ के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू करने की भी तैयारी है। जानकारी के मुताबिक, रोजाना दो फ्लाइट्स संचालित होंगी। इससे दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के बीच हवाई यात्रा और आसान हो जाएगी।
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