जेवर एयरपोर्ट को मिली बड़ी मंजूरी, नवरात्र में उद्घाटन कर सकते हैं PM मोदी

माना जा रहा है कि आगामी नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते हैं, जिससे उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar06 Mar 2026 08:10 PM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से चर्चा में रहे जेवर एयरपोर्ट को अब बड़ी प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। सुरक्षा क्लियरेंस मिलने के महज एक दिन बाद ही एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया गया है, जिसे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। इसके साथ ही एयरपोर्ट के औपचारिक उद्घाटन का रास्ता लगभग साफ हो गया है। माना जा रहा है कि आगामी नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते हैं, जिससे उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा मंजूरी के बाद तेजी से पूरी हुई प्रक्रिया

जेवर एयरपोर्ट को गुरुवार को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से सुरक्षा मंजूरी मिली थी। इसके बाद माना जा रहा था कि एयरोड्रम लाइसेंस मिलने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है, लेकिन प्रक्रिया अपेक्षा से कहीं तेज रही। शुक्रवार को ही DGCA ने औपचारिक रूप से एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया, जिससे एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में बड़ी बाधा दूर हो गई।

45 दिनों में शुरू हो सकती हैं यात्री उड़ानें

नियमों के अनुसार एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के लगभग 45 दिनों के भीतर एयरपोर्ट से नियमित उड़ान संचालन शुरू किया जा सकता है। इसी समयसीमा के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि 20 अप्रैल के बाद जेवर एयरपोर्ट से देश के प्रमुख शहरों के लिए यात्री उड़ानें शुरू हो सकती हैं। शुरुआती चरण में इंडिगो, आकाश एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख एयरलाइंस यहां से अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। इन उड़ानों के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवाई यात्रा का एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों को मिलेगा फायदा

जेवर एयरपोर्ट के चालू होने से न केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर को राहत मिलेगी। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लाखों यात्रियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट दिल्ली के मौजूदा हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री योगी ने पहले ही दिया था संकेत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने सिंगापुर दौरे के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जल्द उद्घाटन का संकेत दिया था। इसके बाद परियोजना से जुड़ी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया गया। अब एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद उद्घाटन की तैयारियां भी तेज हो गई हैं और प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम की रूपरेखा पर काम शुरू कर दिया गया है।

अधिकारियों ने दी जानकारी

जेवर एयरपोर्ट लिमिटेड के नोडल अधिकारी और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, DGCA ने शुक्रवार को जेवर एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस मंजूरी के बाद एयरपोर्ट के उद्घाटन और संचालन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। तय समयसीमा के अनुसार 45 दिनों के भीतर एयरपोर्ट पूरी तरह ऑपरेशन के लिए तैयार हो जाएगा। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट ने पार किया अहम पड़ाव, जल्द शुरू होंगी उड़ानें

जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से सशर्त मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के लिए एयरोड्रम लाइसेंस का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है। अब सबकी निगाहें डीजीसीए के अंतिम निरीक्षण पर टिकी हैं।

जेवर एयरपोर्ट को मिली BCAS से मंजूरी
जेवर एयरपोर्ट को मिली BCAS से मंजूरी
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userअभिजीत यादव
calendar06 Mar 2026 09:30 AM
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Jewar Airport : दिल्ली-एनसीआर के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल जेवर एयरपोर्ट अब संचालन के एक और अहम पड़ाव के करीब पहुंच गया है। जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से सशर्त मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के लिए एयरोड्रम लाइसेंस का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है। अब सबकी निगाहें डीजीसीए के अंतिम निरीक्षण पर टिकी हैं।

सुरक्षा मंजूरी ने बढ़ाई जेवर एयरपोर्ट की रफ्तार

अधिकारियों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट पर विकसित सुरक्षा ढांचे को तय मानकों के अनुरूप पाया गया है। लंबे समय से यहां सुरक्षा उपकरणों की स्थापना, परीक्षण और उनकी प्रभावशीलता की जांच चल रही थी। अब BCAS की सशर्त मंजूरी मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट के परिचालन की दिशा में बड़ा प्रशासनिक अवरोध दूर हो गया है। जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी एंटी-हाइजैक कंटीजेंसी प्लान को माना जाता है। अधिकारियों ने बताया कि इस आपातकालीन सुरक्षा योजना को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी थी। यह प्लान किसी विमान के अपहरण, बम की सूचना या अन्य गंभीर सुरक्षा खतरे की स्थिति में लागू होता है। इस व्यवस्था में विमानन कंपनियां, एयरपोर्ट प्रबंधन, सुरक्षा एजेंसियां, स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन तंत्र और सरकार मिलकर समन्वित कार्रवाई करते हैं। यही वजह है कि जेवर एयरपोर्ट के लिए इस मंजूरी को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट पर जरूरी सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं की लंबे समय से पड़ताल की जा रही थी। संबंधित संसाधनों की स्थापना के बाद उनकी क्षमता और आपात स्थितियों में उपयोगिता की जांच की गई। परीक्षण के दौरान सुरक्षा इंतजाम संतोषजनक पाए गए, जिसके बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को समग्र सुरक्षा मंजूरी का रास्ता मिला। BCAS से हरी झंडी मिलने के बाद अब जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीम करेगी। यही निरीक्षण तय करेगा कि एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस कब जारी किया जाएगा। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों की औपचारिक शुरुआत संभव होगी।

लाइसेंस मिलते ही एयरलाइंस तैयार करेंगी उड़ान शेड्यूल

अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही जेवर एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिलेगा, एयरलाइंस कंपनियां अपनी टिकट बुकिंग और उड़ानों का शेड्यूल जारी करने की प्रक्रिया तेज कर देंगी। इसका सीधा मतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब जमीन पर बने ढांचे से आगे बढ़कर वास्तविक परिचालन की दहलीज पर खड़ा है। सुरक्षा मानकों पर मुहर लगने के बाद जेवर एयरपोर्ट के मार्च में शुभारंभ की संभावना और मजबूत मानी जा रही है। हालांकि उद्घाटन और कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन एक साथ शुरू होने की उम्मीद नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, औपचारिक उद्घाटन के बाद नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने में करीब 45 दिन का समय लग सकता है।

दिल्ली-एनसीआर के लिए गेमचेंजर बन सकता है जेवर एयरपोर्ट

विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एक नया एयरपोर्ट नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बड़ा एविएशन, लॉजिस्टिक्स और निवेश केंद्र बन सकता है। जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र और आसपास के जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे यात्रियों को वैकल्पिक हवाई सुविधा, कारोबारी गतिविधियों को रफ्तार और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट में नौकरी कैसे मिलेगी? योग्यता से आवेदन तक की पूरी गाइड

यही वजह है कि जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही युवा यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि यहाँ नौकरी कैसे मिलेगी, किन योग्यताओं की जरूरत होगी और आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि एयरपोर्ट में नौकरी का अर्थ केवल पायलट या एयर होस्टेस की नौकरी नहीं होता।

जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी नौकरियां
जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी नौकरियां
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userअभिजीत यादव
calendar02 Mar 2026 04:22 PM
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Jewar Airport : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की एक नई किरण बन चुका है। जब किसी क्षेत्र में इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आकार लेता है, तो उसके साथ केवल इमारतें और रनवे ही नहीं बनते, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी जन्म लेते हैं। यही वजह है कि जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही युवा यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि यहाँ नौकरी कैसे मिलेगी, किन योग्यताओं की जरूरत होगी और आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि एयरपोर्ट में नौकरी का अर्थ केवल पायलट या एयर होस्टेस की नौकरी नहीं होता। एक एयरपोर्ट अपने आप में एक छोटा-सा शहर होता है, जहाँ सैकड़ों तरह के काम एक साथ चलते हैं। यात्रियों की सहायता करने वाले कर्मचारी, सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले अधिकारी, बैगेज संभालने वाले स्टाफ, तकनीकी टीम, सफाई और मेंटेनेंस कर्मचारी, आईटी विशेषज्ञ, कार्गो विभाग के कर्मचारी, रिटेल स्टोर और फूड कोर्ट में काम करने वाले लोग इन सभी की भूमिका मिलकर एयरपोर्ट को सुचारु रूप से चलाती है।

जेवर एयरपोर्ट: क्यों है यहां नौकरी का सुनहरा मौका?

जेवर एयरपोर्ट एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े और आधुनिक एयरपोर्ट्स में से एक के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी स्विट्जरलैंड की कंपनी Zurich Airport International को दी गई है, जो विश्वस्तरीय मानकों के लिए जानी जाती है। इस एयरपोर्ट के पूर्ण रूप से चालू होने पर यहां हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी। एयरलाइंस, ग्राउंड हैंडलिंग कंपनियां, सुरक्षा एजेंसियां, कार्गो सर्विस, होटल, ट्रांसपोर्ट, रिटेल स्टोर और फूड कोर्ट इन सभी क्षेत्रों में मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। यही कारण है कि यह परियोजना केवल यातायात सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास की धुरी बन रही है।

जेवर एयरपोर्ट में किस प्रकार की नौकरियां मिल सकती हैं?

यदि आप यह सोचते हैं कि एयरपोर्ट की नौकरी केवल पायलट या एयर होस्टेस तक सीमित होती है, तो यह धारणा अधूरी है। यहां करियर के दर्जनों रास्ते खुलते हैं। सबसे पहले बात करें एयरपोर्ट ऑपरेशन की। इसमें टर्मिनल मैनेजमेंट, फ्लाइट कोऑर्डिनेशन, बैगेज हैंडलिंग और यात्री सहायता जैसी भूमिकाएं शामिल होती हैं। इसके अलावा ग्राउंड स्टाफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, जो यात्रियों के चेक-इन से लेकर बोर्डिंग तक हर प्रक्रिया को संभालता है। सुरक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में भर्तियां होती हैं। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा संभालता है। इसके अतिरिक्त निजी सुरक्षा एजेंसियां भी नियुक्त की जाती हैं। तकनीकी क्षेत्र में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, मैकेनिकल इंजीनियर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल स्टाफ और आईटी सपोर्ट टीम की जरूरत होती है। इसके साथ ही एयरपोर्ट परिसर में खुलने वाले होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग आउटलेट्स में भी बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होते हैं।

शैक्षणिक योग्यता और जरूरी स्किल्स

एयरपोर्ट में नौकरी पाने के लिए योग्यता पद के अनुसार अलग-अलग होती है। यदि आप ग्राउंड स्टाफ या कस्टमर सर्विस में जाना चाहते हैं तो सामान्यतः बारहवीं या स्नातक की डिग्री पर्याप्त हो सकती है। लेकिन तकनीकी और प्रबंधन पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में डिग्री या डिप्लोमा आवश्यक होता है। अंग्रेजी भाषा पर पकड़ एयरपोर्ट नौकरी के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल है। चूंकि यहां देश-विदेश के यात्री आते हैं, इसलिए संवाद कौशल मजबूत होना चाहिए। इसके अलावा कंप्यूटर का ज्ञान, विनम्र व्यवहार और टीमवर्क की क्षमता आपको दूसरों से आगे खड़ा करती है। यदि आप सुरक्षा क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो शारीरिक फिटनेस भी जरूरी है। वहीं इंजीनियरिंग और आईटी क्षेत्र के लिए तकनीकी दक्षता प्राथमिक आवश्यकता है।

आवेदन की प्रक्रिया: कहां और कैसे करें अप्लाई?

एयरपोर्ट में नौकरी के लिए सीधे एयरपोर्ट अथॉरिटी के बजाय अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से आवेदन करना होता है। एयरपोर्ट संचालन से जुड़ी भर्तियों की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और विश्वसनीय जॉब पोर्टल्स पर जारी की जाती है। एयरलाइंस कंपनियां, ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियां और रिटेल ब्रांड्स अपनी-अपनी भर्ती प्रक्रियाएं चलाते हैं। इसलिए नियमित रूप से जॉब पोर्टल्स, कंपनी वेबसाइट और समाचार अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। ध्यान रहे कि किसी भी भर्ती के नाम पर पैसे की मांग करने वाले फर्जी एजेंटों से सावधान रहें। एयरपोर्ट की आधिकारिक भर्तियां पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होती हैं।

इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया कैसी होती है?

एयरपोर्ट की नौकरी में चयन प्रक्रिया आमतौर पर लिखित परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन और पर्सनल इंटरव्यू के चरणों से गुजरती है। कस्टमर सर्विस से जुड़े पदों पर आपकी व्यक्तित्व, भाषा और व्यवहार का विशेष मूल्यांकन किया जाता है। तकनीकी पदों के लिए विषय संबंधी ज्ञान की परीक्षा ली जाती है। सुरक्षा से जुड़े पदों के लिए शारीरिक परीक्षण और मेडिकल टेस्ट भी अनिवार्य हो सकता है। यदि आप पहले से एयरपोर्ट या एविएशन सेक्टर में अनुभव रखते हैं, तो चयन की संभावना और बढ़ जाती है।

सैलरी और करियर ग्रोथ

एयरपोर्ट में शुरुआती वेतन पद के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। ग्राउंड स्टाफ या कस्टमर सर्विस प्रतिनिधि को शुरुआती स्तर पर सामान्य वेतन मिलता है, लेकिन अनुभव और प्रमोशन के साथ आय में तेजी से वृद्धि होती है। तकनीकी और प्रबंधन पदों पर वेतनमान अधिक आकर्षक होता है। इसके अलावा एयरपोर्ट सेक्टर में काम करने का अनुभव आपके करियर को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जा सकता है। एविएशन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, और इस क्षेत्र में स्थिरता के साथ-साथ विकास की भी अपार संभावनाएं हैं।

स्थानीय युवाओं के लिए विशेष अवसर

जेवर और आसपास के क्षेत्रों जैसे ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर और अलीगढ़ के युवाओं के लिए यह एयरपोर्ट विशेष अवसर लेकर आया है। राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने पर भी जोर दे रही हैं, ताकि वे रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से एविएशन सेक्टर के लिए तैयार किया जा रहा है। यह पहल क्षेत्रीय बेरोजगारी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। Jewar Airport

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