करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मॉडल पर विकसित जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण में फिलहाल एक रनवे से उड़ान संचालन शुरू होगा, जबकि भविष्य में इसे पांच रनवे वाले विशाल अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब के रूप में विस्तार देने की योजना है।

Jewar Airport : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गौतमबुद्धनगर के जेवर में बने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को विकास की एक बड़ी सौगात दी। करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मॉडल पर विकसित जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण में फिलहाल एक रनवे से उड़ान संचालन शुरू होगा, जबकि भविष्य में इसे पांच रनवे वाले विशाल अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब के रूप में विस्तार देने की योजना है। शुरुआती चरण में यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देने की क्षमता रखेगा। दोपहर 12:30 बजे उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए इस ऐतिहासिक क्षण को जनता की भागीदारी से जोड़ दिया। उन्होंने लोगों से अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाने का आग्रह करते हुए कहा कि जेवर एयरपोर्ट केवल एक सरकारी परियोजना नहीं, बल्कि इस पूरे क्षेत्र की मेहनत, सपनों और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री के एक आह्वान ने जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन को यादगार बना दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने तो सिर्फ पर्दा हटाया है, असली उद्घाटन तो यहां मौजूद जनता करेगी। इसके बाद जैसे ही लोगों ने अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट ऑन कर हाथ आसमान की ओर उठाए, पूरा माहौल रोशनी, जोश और राष्ट्रगौरव से भर गया। भारत माता की जय के नारों के बीच यह दृश्य किसी ऐतिहासिक क्षण से कम नहीं था। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि जेवर एयरपोर्ट जनता के सपनों, परिश्रम और भविष्य की नई उड़ान का प्रतीक है, इसलिए इसका उद्घाटन भी जनता के हाथों से ही होना चाहिए।
वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत ने विकास की रफ्तार को थमने नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से दुनिया के कई देशों में खाने-पीने की वस्तुओं, पेट्रोल, डीजल और गैस को लेकर चिंता का माहौल है। भारत भी बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है, लेकिन सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे इस अंतरराष्ट्रीय संकट का असर आम परिवारों, किसानों और देश की अर्थव्यवस्था पर न्यूनतम रहे। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और संयम तथा विश्वास के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बढ़ती रणनीतिक अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह इलाका अब देश के दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। दादरी वह अहम बिंदु है, जहां ये दोनों माल गलियारे एक-दूसरे से जुड़ते हैं। इस नेटवर्क ने उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को बंगाल और गुजरात के समुद्री तटों से और मजबूत बनाया है। इसका सीधा लाभ किसानों, कारोबारियों और उद्योगों को मिलेगा, क्योंकि यहां पैदा होने वाले कृषि उत्पाद और औद्योगिक सामान अब सड़क, रेल और हवाई मार्ग से बेहद तेजी के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकेंगे।
उन्होंने कहा कि यही मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश को निवेश का नया केंद्र बना रही है। जब सड़क, रेल, माल गलियारे और हवाई संपर्क एक साथ मजबूत होते हैं, तो पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने लगती है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, आने वाले समय में यह इलाका लॉजिस्टिक्स, उद्योग, निर्यात और रोजगार के लिहाज से देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत ने अपने विकास अभियान को रुकने नहीं दिया। उन्होंने बताया कि बीते कुछ ही हफ्तों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई बड़े प्रोजेक्ट्स को गति मिली है। नोएडा में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की नींव रखी गई, दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार हुआ और अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भी हो गया। उन्होंने इन सभी परियोजनाओं को “डबल इंजन सरकार” के विकास मॉडल का मजबूत उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रोजेक्ट्स मिलकर उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाई दे रहे हैं। सेमीकंडक्टर फैक्ट्री देश को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, जबकि मेट्रो और नमो भारत ट्रेन आधुनिक और तेज कनेक्टिविटी का आधार तैयार कर रही हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने वाली एक बड़ी कड़ी के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यह एयरपोर्ट इतना विस्तृत और सक्षम होगा कि यहां से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भर सकेगा। यह केवल इसकी क्षमता ही नहीं, बल्कि इसके राष्ट्रीय महत्व को भी दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर भी हमला बोलते हुए कहा कि एक समय था जब नोएडा को विकास के बजाय भ्रष्टाचार और लूट का माध्यम बना दिया गया था, लेकिन आज वही नोएडा उत्तर प्रदेश की तरक्की का मजबूत इंजन बनता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट “डबल इंजन सरकार” की कार्यसंस्कृति और प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने याद दिलाया कि इस एयरपोर्ट परियोजना को वर्ष 2003 में मंजूरी जरूर मिल गई थी, लेकिन लंबे समय तक यह फाइलों में दबकर रह गई। केंद्र और राज्य की पिछली सरकारों ने इस दिशा में गंभीरता से काम नहीं किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में केंद्र में उनकी सरकार बनने और बाद में उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नई गति मिली। अब जेवर एयरपोर्ट केवल योजना नहीं, बल्कि धरातल पर उतरी हकीकत बन चुका है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और नए भारत की महत्वाकांक्षा का प्रतीक बताया।
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद सभी गणमान्य अतिथियों और जनसभा में आए लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम में मौजूद लोगों, खासकर युवाओं के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दिन इसलिए भी विशेष है, क्योंकि यह एयरपोर्ट केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि नए भारत के भविष्य की उड़ान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें इस परियोजना का शिलान्यास करने का अवसर मिला था और अब उद्घाटन का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब तेजी से उन राज्यों की श्रेणी में शामिल हो रहा है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मौजूद हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा और बुलंदशहर जैसे शहरों के लिए नए आर्थिक अवसर लेकर आएगा। इससे न केवल हवाई संपर्क मजबूत होगा, बल्कि क्षेत्र में निवेश, उद्योग, पर्यटन और व्यापार की संभावनाएं भी कई गुना बढ़ेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट किसानों, छोटे और लघु उद्योगों, कारोबारियों और युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। यहां से सिर्फ विमान ही उड़ान नहीं भरेंगे, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का सपना भी नई ऊंचाई पाएगा। उनके अनुसार, जेवर एयरपोर्ट आने वाले समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नई पहचान, नई ताकत और नई आर्थिक ऊर्जा का केंद्र बनने जा रहा है। Jewar Airport