जेवर एयरपोर्ट को मिलेगा सुपरफास्ट कनेक्शन, दिल्ली से दूरी होगी कम

इसी सिलसिले में मंगलवार को नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की टीम यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) पहुंची, जहां एयरपोर्ट क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टेशन एलाइनमेंट और परियोजना की व्यवहारिकता पर विस्तृत मंथन किया गया।

हाईस्पीड ट्रेन से जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट
हाईस्पीड ट्रेन से जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar11 Mar 2026 09:34 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को देश के हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ी प्रगति होती दिख रही है। दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर में जेवर एयरपोर्ट को शामिल करने की कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में मंगलवार को नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की टीम यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) पहुंची, जहां एयरपोर्ट क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टेशन एलाइनमेंट और परियोजना की व्यवहारिकता पर विस्तृत मंथन किया गया। यह पहल इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि जेवर एयरपोर्ट को केवल एक हवाई अड्डे के रूप में नहीं, बल्कि मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी वाले बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

गौतमबुद्ध नगर में बन सकते हैं दो हाईस्पीड स्टेशन

प्राधिकरण स्तर पर हुई चर्चा के अनुसार, दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड ट्रेन परियोजना के तहत गौतमबुद्ध नगर में दो स्टेशन प्रस्तावित हैं। पहला स्टेशन नोएडा के सेक्टर-148 में विकसित किए जाने की योजना है, जबकि दूसरा स्टेशन सीधे जेवर एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (GTC) में भूमिगत बनाया जाएगा। यह प्रस्ताव जेवर एयरपोर्ट की रणनीतिक महत्ता को और मजबूत करता है। बीते फरवरी में केंद्रीय बजट में इस रूट को लेकर सहमति मिलने के बाद अब इसे तकनीकी और संरचनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

एलाइनमेंट और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई विस्तार से चर्चा

मंगलवार को NHSRCL के वरिष्ठ अधिकारियों ने YEIDA के अधिकारियों के साथ बैठक में परियोजना के एलाइनमेंट पर गहन चर्चा की। इस दौरान एयरपोर्ट परिसर और आसपास विकसित किए जा रहे बुनियादी ढांचे की जानकारी साझा की गई, ताकि हाईस्पीड ट्रेन का प्रस्तावित स्टेशन भविष्य की किसी अन्य परियोजना में बाधा न बने। अधिकारियों का फोकस इस बात पर रहा कि जेवर एयरपोर्ट में बनने वाले भूमिगत स्टेशन को डीपीआर का हिस्सा इस तरह बनाया जाए, जिससे यात्रियों को निर्बाध और आधुनिक कनेक्टिविटी मिल सके।

जेवर एयरपोर्ट को मिलेगा बड़ा कनेक्टिविटी बूस्ट

जेवर में बन रहा जेवर एयरपोर्ट पहले से ही सड़क, रेल और मेट्रो आधारित कई बड़ी योजनाओं के केंद्र में है। एयरपोर्ट को मेट्रो, नमो भारत, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, यमुना-गंगा एक्सप्रेसवे, एनएच-34, एनएच-91 और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। कई कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर काम आगे बढ़ चुका है, जबकि कुछ के रूट और स्टेशन पहले ही तय किए जा चुके हैं। ऐसे में हाईस्पीड ट्रेन का प्रस्ताव जेवर एयरपोर्ट को उत्तर भारत के सबसे बेहतर तरीके से कनेक्टेड एयरपोर्ट्स में शामिल कर सकता है। परियोजना से जुड़े दावों के मुताबिक, हाईस्पीड ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली के सराय काले खां से जेवर एयरपोर्ट तक करीब 70 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 21 मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह समय NCR के यात्रियों के लिए यात्रा अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। बताया जा रहा है कि हाईस्पीड रेल ट्रैक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के मध्य हिस्से पर एलिवेटेड स्ट्रक्चर में विकसित किया जाएगा। इसके बाद यह कॉरिडोर यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते आगे बढ़ते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के GTC तक पहुंचेगा।

देश का अनोखा एयरपोर्ट मॉडल बन सकता है जेवर

यदि यह योजना तय समयसीमा में आगे बढ़ती है, तो जेवर एयरपोर्ट हाईस्पीड ट्रेन से सीधे जुड़ने वाला देश के चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स में शुमार हो सकता है। इससे यात्रियों को एयर, रेल और रोड—तीनों माध्यमों से एकीकृत आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जेवर एयरपोर्ट की उपयोगिता, यात्री संख्या और निवेश आकर्षण तीनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। यही वजह है कि इस परियोजना को केवल परिवहन विस्तार नहीं, बल्कि NCR के भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल के रूप में भी देखा जा रहा है। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट को मिली बड़ी मंजूरी, CM योगी से मिले एयरपोर्ट के अधिकारी

इस महत्वपूर्ण मंजूरी के साथ अब जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन, परिचालन तैयारियों और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज होती दिखाई दे रही है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।

CM योगी से मिले जेवर एयरपोर्ट अधिकारी
CM योगी से मिले जेवर एयरपोर्ट अधिकारी
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userअभिजीत यादव
calendar10 Mar 2026 01:46 PM
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Jewar Airport : उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल जेवर एयरपोर्ट ने एक और बड़ा पड़ाव पार कर लिया है। जेवर एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया है, जिसके बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना से जुड़े कामों में तेजी आने की उम्मीद और मजबूत हो गई है। इस महत्वपूर्ण मंजूरी के साथ अब जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन, परिचालन तैयारियों और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज होती दिखाई दे रही है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस मुलाकात को परियोजना की प्रगति और अगले चरण की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में जेवर एयरपोर्ट के CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन भी शामिल रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के साथ परियोजना की मौजूदा स्थिति और आगे की दिशा पर चर्चा की।

एयरोड्रम लाइसेंस से मजबूत हुआ जेवर एयरपोर्ट का अगला चरण

किसी भी एयरपोर्ट परियोजना के लिए एयरोड्रम लाइसेंस बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसके बाद संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को औपचारिक गति मिलती है। जेवर एयरपोर्ट के लिए यह मंजूरी सिर्फ एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस बड़े बदलाव का संकेत है जिसके जरिए यह परियोजना निर्माण चरण से आगे बढ़कर परिचालन की ओर बढ़ रही है। अब माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट पर तकनीकी तैयारियां, सिस्टम इंटीग्रेशन, परीक्षण और उड़ान संचालन से जुड़े प्रबंध और तेजी से पूरे किए जाएंगे। लंबे समय से जिस लाइसेंस का इंतजार किया जा रहा था, उसके मिलने के बाद परियोजना का फोकस अब अंतिम तैयारियों पर केंद्रित हो गया है।

मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात ने बढ़ाई अहमियत

एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के तुरंत बाद जेवर एयरपोर्ट के प्रतिनिधिमंडल का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना इस परियोजना की प्राथमिकता को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात में जेवर एयरपोर्ट की मौजूदा प्रगति, उद्घाटन की तैयारी और आगे की प्रशासनिक-सुरक्षा प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परियोजना के अगले चरण की जानकारी साझा की। इस मुलाकात को सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब जेवर एयरपोर्ट को जल्द संचालन की स्थिति में लाने पर जोर बढ़ गया है।

उद्घाटन की दिशा में तेज हुई गतिविधियां

एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की प्रक्रिया ने भी गति पकड़ ली है। हालांकि अंतिम उद्घाटन तिथि अभी घोषित नहीं मानी जा रही, लेकिन संकेत साफ हैं कि अब इस परियोजना से जुड़े शेष काम तेज रफ्तार से आगे बढ़ेंगे। उद्घाटन को लेकर तैयारियां प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर आगे बढ़ रही हैं। जेवर एयरपोर्ट को लेकर लंबे समय से देशभर में उत्सुकता बनी हुई है। ऐसे में यह नई प्रगति उन सभी उम्मीदों को और मजबूत करती है, जो इस एयरपोर्ट को उत्तर भारत की बड़ी एविएशन परियोजनाओं में शामिल करती हैं।

वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की राह हुई और साफ

एयरोड्रम लाइसेंस का सबसे सीधा असर जेवर एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया पर पड़ने वाला है। अब एयरपोर्ट संचालन से जुड़े जरूरी चरणों को पूरा कर नियमित उड़ानों की दिशा में तेजी लाई जाएगी। इससे न सिर्फ यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास, निवेश और कनेक्टिविटी के लिहाज से भी जेवर एयरपोर्ट की भूमिका और बड़ी हो जाएगी। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट टेकऑफ के करीब, जल्द शुरू हो सकती हैं उड़ानें

सके साथ ही जेवर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते के आसपास जेवर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन शुरू हो सकता है, जो उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत और नई सुविधा लेकर आएगा।

जेवर एयरपोर्ट को मिली अहम मंजूरियां
जेवर एयरपोर्ट को मिली अहम मंजूरियां
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userअभिजीत यादव
calendar07 Mar 2026 10:34 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को लेकर बड़ी और बेहद अहम खबर सामने आई है, जिसने जेवर से लेकर पूरे एनसीआर तक उत्साह बढ़ा दिया है। लंबे समय से जिस शुरुआत का इंतजार किया जा रहा था, वह अब हकीकत के बेहद करीब नजर आ रही है। जेवर एयरपोर्ट को सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से एयरोड्रम लाइसेंस भी जारी हो चुका है। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते के आसपास जेवर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन शुरू हो सकता है, जो उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत और नई सुविधा लेकर आएगा।

जेवर एयरपोर्ट ने पार किया सबसे अहम पड़ाव

जेवर एयरपोर्ट के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि उसे ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी यानी BCAS से सुरक्षा संबंधी मंजूरी मिल गई। इसके बाद DGCA ने एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया, जिसे वाणिज्यिक उड़ानें शुरू करने से पहले सबसे अहम नियामकीय मंजूरी माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि अब जेवर एयरपोर्ट परिचालन के अंतिम चरण में पहुंच चुका है और एयरलाइंस के साथ समन्वय तेज किया जा रहा है। शुरुआती आकलन में 45 दिनों के भीतर उड़ान सेवा शुरू होने की बात कही गई थी। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन मार्च के आखिर तक हो सकता है, जबकि व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है। इसी वजह से 20 अप्रैल तक उड़ान शुरू होने की चर्चा को अब अधिक मजबूत आधार मिलता दिखाई दे रहा है। फिलहाल जेवर एयरपोर्ट से पहले चरण में घरेलू यात्री और कार्गो उड़ानों के साथ संचालन शुरू होने की तैयारी है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अभी कुछ और औपचारिकताएं तथा चरणबद्ध विस्तार बाकी है, इसलिए विदेशी रूट्स पर सेवाएं कुछ समय बाद शुरू होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट की कार्गो व्यवस्था भी तैयार बताई जा रही है, इसलिए जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ यात्री सुविधा नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी देखा जा रहा है।

जल्द खुल सकती है बुकिंग

सूत्रों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट पर शुरुआती दौर में उड़ानों का संचालन सीमित समय-सारिणी के साथ होगा। पहले चरण में दिन के समय उड़ानों पर जोर रहेगा और बाद में व्यवस्था को धीरे-धीरे विस्तारित किया जाएगा। यह मॉडल एयरपोर्ट संचालन को सुरक्षित, व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत को लेकर एयरलाइंस कंपनियों की हलचल भी तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और आकाशा एयर ने यहां से सेवाएं शुरू करने की योजना की पुष्टि की है। टिकट बुकिंग उड़ान शुरू होने से करीब 30 दिन पहले खुल सकती है, इसलिए माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के लिए बुकिंग विंडो इसी महीने सक्रिय हो सकती है।

इन शहरों से जुड़ सकता है जेवर एयरपोर्ट

पहले चरण में जेवर एयरपोर्ट से देश के बड़े शहरों को जोड़ने की तैयारी है। शुरुआती कनेक्टिविटी में मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के नाम सामने आए हैं, जबकि पहले की चर्चाओं में चंडीगढ़, चेन्नई, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अहमदाबाद और जयपुर जैसे शहरों को भी संभावित सूची में माना जाता रहा है। यानी जेवर एयरपोर्ट शुरू होते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के यात्रियों को बड़ा विकल्प मिल सकता है।

क्यों खास है जेवर एयरपोर्ट

जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ एक नए एयरपोर्ट के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक धुरी माना जा रहा है। इससे दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी, निवेश को गति मिलेगी और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र को नया आधार मिलेगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने भी कहा है कि यह एयरपोर्ट पर्यटन, निवेश और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट पर रनवे, एटीसी टावर, टर्मिनल, कार्गो सुविधाएं, सुरक्षा ढांचा और प्रमुख परिचालन व्यवस्थाएं लगभग तैयार हैं। एयरपोर्ट के लिए यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली लगभग 750 मीटर लंबी एक्सेस रोड भी पूरी हो चुकी है। सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF संभाल रही है और ग्राउंड स्टाफ से लेकर तकनीकी टीमों की तैनाती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। Jewar Airport

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