पीएम नरेंद्र मोदी ने यमुना अथॉरिटी से जुड़े 4 प्रोजेक्ट के लिए के लिए दिए 274 करोड़
दिल्ली
चेतना मंच
26 Oct 2022 09:25 PM
New Delhi- नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Yamuna Authority) की चार महत्वकांक्षी परियोजनाओं के लिए पैसा देने की मंजूरी दे दी है। सरकार ने इन चारों परियोजनाओं के लिए 274 करोड़ रुपए के बिल को पास किया है।
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने 'प्रधानमंत्री की गति शक्ति योजना' के तहत फंडिंग करने का ऐलान किया है। केंद्र सरकार द्वारा 20 अक्टूबर को यह मंजूरी दी गई है।
यमुना अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुण वीर सिंह (Dr Arunveer Singh Yamuna Authority) ने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाले पैसे की बदौलत यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी, और इससे जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के चारों ओर औद्योगिक गतिविधियां भी तेज होगी। युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
केंद्र सरकार ने 4 परियोजनाओं के लिए 274 करोड़ रुपए देने का किया ऐलान -
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी में चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की जा रही है। जिसके लिए केंद्र सरकार ने 274 करोड़ रुपए का बिल पास किया है। आइए जानते हैं कौन कौन सी है वह 4 परियोजनाएं जिनके लिए सरकार ने पास किया है बिल-
1. गौरतलब है यमुना अथॉरिटी के सेक्टर 10 में प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क और इलेक्ट्रिकल व्हीकल पार्क का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए भूमि अधिग्रहण हेतु सरकार से पैसे की मांग की गई थी। केंद्र सरकार से इस परियोजना के लिए 550.09 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए 55.09 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है, जो कि मांग की गई राशि का 10% है।
2. यमुना अथॉरिटी की दूसरी परियोजना टॉय पार्क है। इसका निर्माण जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास सेक्टर 33 में किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए 48.02 करोड़ रुपए की लागत बताई गई थी। केंद्र सरकार ने इसके लिए 28.95 करोड रुपए की मंजूरी दी है। इस परियोजना से जुड़ी सबसे खास बात यह है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रोजेक्ट की अपील की थी, जिसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने टॉय पार्क प्रोजेक्ट की घोषणा की। इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का एक खास उद्देश्य यह है कि चीन पर भारत की खिलौनों के आयात को लेकर जो निर्भरता है, वह समाप्त की जा सके।
3. यमुना अथॉरिटी (Yamuna Authority) की तीसरी महत्वपूर्ण परियोजना अपैरल पार्क, एमएसएमई पार्क व हैंडीक्राफ्ट पार्क है। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण हो चुका है परियोजना को पूरा करने के लिए 143.72 करोड़ रुपए की कुल लागत बताई गई थी। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 128.12 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर पहले ही बहुत तेज गति से काम चल रहा है। अब प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना से मिली आर्थिक सहायता के बाद यह परियोजना ठीक वक्त पर पूरी हो जाएगी।
4. यमुना अथॉरिटी की चौथी परियोजना मेडिकल डिवाइस पार्क है। इस परियोजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास सेक्टर 28 में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना को पूरा करने के लिए 439.49 करोड़ रुपए की कुल लागत है। केंद्र सरकार से इस परियोजना के लिए 69.50 करोड़ रुपए मिलेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण हो चुका है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 31 अक्टूबर को इस परियोजना की आधारशिला रखेंगे। उत्तर भारत में बनने वाला यह पहला मेडिकल डिवाइस पार्क होगा। जानकारी के लिए आपको बता दें केंद्र सरकार मेडिकल डिवाइस पार्क में आने वाली इकाइयों को सब्सिडी देने के लिए पहले ही यमुना अथॉरिटी को 100 करोड़ रुपए दे चुकी है।
सरकार से पैसे मिलने की मजदूरी पर क्या कहना है मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुण वीर सिंह का -
केंद्र सरकार से मिली आर्थिक सहायता पर यमुना इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुण वीर सिंह का कहना है कि -"यह बड़ी आर्थिक सहायता है। हमारे महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट जैसे मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क, अपैरल पार्क, लेदर एंड फुटवियर पार्क और प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क इस आर्थिक सहायता के दायरे में आ गए हैं। अब ये सारी परियोजनाएं वक्त पर और आसानी से पूरी हो जाएगी। दिवाली से ठीक पहले 20 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत इन चारों परियोजनाओं को 276 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी है"।