UP Election: नोएडा में ‘जयचंद’ की चुनावी एंट्री, हर राजनीतिक दल में मौजूद हैं भीतरघाती
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भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:08 AM
UP Election 2022: नोएडा (चुनाव डेस्क)। चुनावी बिगुल बजते ही हर बार की तरह इस बार भी नोएडा विधानसभा (Noida Assembly Seat) के चुनाव में ‘जयचंदों’ की ‘एंट्री’ हो गई है। अधिकतर प्रत्याशियों को ‘जयचंदों’ से जूझना पड़ेगा। अपने-अपने दलों में मौजूद इन ‘गद्दारों’ से कौन प्रत्याशी कैसे निपटेगा, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा। पूरे प्रदेश के साथ ही औद्योगिक नगरी नोएडा (Noida News) में भी चुनावी (UP Election) जंग पूरी तरह से शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को छोड़कर सभी दलों ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। संभावना है कि अगले 24 घंटे में सपा भी अपने प्रत्याशी का नाम घोषित कर देगी। चुनावी अभियान जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा वैसे ही वैसे हार-जीत की संभावना के संकेत भी साफ होने लगेंगे।
चुनाव (UP Election) के प्रथम दौर में प्रत्याशियों के सामने सबसे बड़ी समस्या अपने-अपने दल में ही मौजूद विरोधियों की है। यह विरोधी गद्दारी करके चुनाव में नुकसान पहुंचाने का पुरजोर प्रयास करेंगे। इसी कारण इन विरोधियों को ‘जयचंद’ की संज्ञा दी जा रही है। सब जानते हैं कि ‘जयचंद’ इतिहास का सबसे बड़ा गद्दार हुआ है।
नोएडा विधानसभा क्षेत्र (Noida Assembly Election) में सर्वाधिक ‘जयचंद’ कांग्रेस पार्टी में बताए जा रहे हैं। इसी कारण इस पार्टी की यहां हमेशा से दुर्गति होती रही है। अपवाद इस बार भी नहीं है, जो डेढ़ दर्जन कांग्रेसी यहां से टिकट की दावेदारी कर रहे थे उनमें से कौन-कौन ‘जयचंद’ बनेगा, यह तो साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता किंतु पार्टी प्रत्याशी पंखुड़ी पाठक व उनके रणनीतिकार यह मानकर चल रहे हैं कि भीतरघात से बेहद सावधान रहना पड़ेगा। यही कारण है कि चुनाव के संचालन का काम उन्होंने अपने बेहद विश्वसनीय लोगों के हाथों में ही सौंप रखा है।
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भाजपा के लिए नोएडा की विधानसभा सीट (Noida Seat) को आसान सीट माना जाता रहा है। किंतु ‘जयचंदों’ का खतरा यहां भी खूब बताया जा रहा है। सबको पता था कि नोएडा सीट पर वर्तमान विधायक पंकज सिंह का चुनाव लड़ना तय है फिर भी भाजपा के कुछ नेता टिकट की दावेदारी कर रहे थे। इन नेताओं को लगता था कि पंकज सिंह अपना क्षेत्र बदलकर लखनऊ से चुनाव लड़ सकते हैं। मंझे हुए खिलाड़ी की तरह इन दावेदारों ने आखिरी वक्त तक उम्मीद नहीं छोड़ी थी। किंतु अंत में हुआ वही जो होना था। अब यह दावेदार भीतरघात का पूरा गोला बारूद जुटाने में लग गए हैं।
बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी कृपाराम शर्मा के लिए ‘जयचंदों’ का खतरा सबसे कम बताया जा रहा है। जानकारों का दावा है कि बसपा के नोएडा सीट पर बेहद कम दावेदार थे। जो दावेदार थे भी उनकी हैसियत कृपाराम शर्मा का कुछ नुकसान करने लायक नहीं थी। वैसे भी शर्मा अपने ब्राह्मण समाज के आशीर्वाद व बसपा के अटूट काडर वोट के बलबूते पर चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों के दोनों हिस्सों में ‘जयचंदों’ की संभावना नगण्य है।
समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर अभी तक प्रत्याशी की घोषणा (UP Election) नहीं की है। किंतु तीन प्रमुख दावेदारों में आखिरी रेस चल रही है। अगले 24 से 48 घंटे में प्रत्याशी घोषित होने की संभावना जताई गई है। इस पार्टी में भी प्रत्याशी घोषित होते ही उस प्रत्याशी के लिए कई ‘जयचंदों’ की फौज तैयार है। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि कौन प्रत्याशी अपने-अपने ‘जयचंद’ से कैसे निपटता है। विभिन्न प्रत्याशी अपने-अपने प्रमुख विरोधियों के घरों तक जाकर उन्हें मनाने की औपचारिकताएं पूरी करते हुए भी नजर आ रहे हैं।