जेवर एयरपोर्ट रीजन की चमकेगी किस्मत, मेगा निवेश को मिली हरी झंडी
माना जा रहा है कि यह टाउनशिप जेवर एयरपोर्ट रीजन को सिर्फ रहने की नई पहचान नहीं देगी, बल्कि आसपास के इलाके में रोजगार, रियल एस्टेट और शहरी सुविधाओं की रफ्तार भी कई गुना बढ़ा देगी।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द बन रहा नया अर्बन कॉरिडोर अब निवेशकों के लिए हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। इसी रफ्तार को आगे बढ़ाते हुए YEIDA क्षेत्र में 100 एकड़ में इंटरनेशनल थीम बेस्ड रेजिडेंशियल टाउनशिप बसाने की तैयारी है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक इस मेगा प्रोजेक्ट में करीब ₹3,500 करोड़ का निवेश आएगा और उम्मीद है कि अगले वर्ष तक इसका काम जमीन पर उतरना शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि यह टाउनशिप जेवर एयरपोर्ट रीजन को सिर्फ रहने की नई पहचान नहीं देगी, बल्कि आसपास के इलाके में रोजगार, रियल एस्टेट और शहरी सुविधाओं की रफ्तार भी कई गुना बढ़ा देगी।
जेवर एयरपोर्ट रीजन को मिला डेवलपमेंट बूस्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे से उत्तर प्रदेश को निवेश की एक और बड़ी सौगात मिली है। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने राज्य में कुल ₹6,650 करोड़ के निवेश को लेकर तीन MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। खास बात यह है कि इनमें से दो प्रमुख परियोजनाएं गौतमबुद्ध नगर के उन्हीं क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं, जहां जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चलते विकास की रफ्तार पहले ही तेज हो चुकी है। पहले समझौते के तहत जेवर एयरपोर्ट के करीब YEIDA क्षेत्र में एक मेगा ग्रुप हाउसिंग टाउनशिप तैयार की जाएगी। प्रस्तावित प्लान के मुताबिक, यहां हाई-राइज रेजिडेंशियल टावर, सुव्यवस्थित सड़कें, जरूरी शहरी सुविधाएं और नियोजित टाउनशिप मॉडल विकसित किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि परियोजना के जमीन पर उतरते ही करीब 12,000 रोजगार अवसर पैदा होंगे। MoU के तुरंत बाद YEIDA प्रशासन ने भूमि उपलब्धता, सेक्टर प्लानिंग और तकनीकी प्रक्रियाओं पर वर्किंग प्लान तैयार करने का काम तेज कर दिया है,ताकि जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में यह प्रोजेक्ट जल्द से जल्द आकार ले सके।
‘सिंगापुर सिटी’ का प्रस्ताव भी रफ्तार पकड़ सकता है
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द उभर रही यमुना सिटी को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में एक और बड़ा विजन चर्चा में है। सेक्टर-7 में करीब 500 एकड़ में प्रस्तावित ‘सिंगापुर सिटी’ को लेकर बताया जा रहा है कि इसका औपचारिक प्रस्ताव हाल ही में प्राधिकरण की ओर से मुख्यमंत्री को भेजा गया है। ऐसे में सिंगापुर दौरे के दौरान मिले निवेश संकेत को जेवर एयरपोर्ट रीजन के लिए सिर्फ एक डील नहीं, बल्कि इंटरनेशनल-स्टाइल अर्बन डेवलपमेंट की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है। इसी निवेश पैकेज की तीसरी कड़ी में कानपुर–लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने की योजना भी शामिल है। प्रस्ताव के मुताबिक, इस परियोजना में ₹650 करोड़ निवेश और करीब 7,500 रोजगार सृजन का अनुमान है। इसे 2027 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदेश की सप्लाई-चेन, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट इकोनॉमी को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बनेगा हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के असर क्षेत्र में अब रियल एस्टेट के साथ-साथ टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तेज़ी से रफ्तार पकड़ रहा है। निवेश पैकेज की दूसरी बड़ी कड़ी के तहत नोएडा–ग्रेटर नोएडा एनसीआर बेल्ट में 10 एकड़ जमीन पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस प्रोजेक्ट में करीब ₹2,500 करोड़ निवेश और लगभग 1,500 रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। MoU के मुताबिक, इसे 2028 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में लॉजिस्टिक्स के साथ टेक इकोसिस्टम के विस्तार से उत्तर प्रदेश को डेटा सेंटर हब के रूप में मजबूत करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल नोएडा–ग्रेनो में डेटा सेंटर के लिए 11 प्लॉट पहले ही आवंटित हो चुके हैं और कुछ सेंटर संचालन में भी हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट से सटी यमुना सिटी में भी अतिरिक्त कंपनियों को डेटा सेंटर के लिए जमीन देने पर विचार चल रहा है, जिससे यह पूरा इलाका डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की नई धुरी बन सकता है। Jewar Airport
Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द बन रहा नया अर्बन कॉरिडोर अब निवेशकों के लिए हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। इसी रफ्तार को आगे बढ़ाते हुए YEIDA क्षेत्र में 100 एकड़ में इंटरनेशनल थीम बेस्ड रेजिडेंशियल टाउनशिप बसाने की तैयारी है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक इस मेगा प्रोजेक्ट में करीब ₹3,500 करोड़ का निवेश आएगा और उम्मीद है कि अगले वर्ष तक इसका काम जमीन पर उतरना शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि यह टाउनशिप जेवर एयरपोर्ट रीजन को सिर्फ रहने की नई पहचान नहीं देगी, बल्कि आसपास के इलाके में रोजगार, रियल एस्टेट और शहरी सुविधाओं की रफ्तार भी कई गुना बढ़ा देगी।
जेवर एयरपोर्ट रीजन को मिला डेवलपमेंट बूस्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे से उत्तर प्रदेश को निवेश की एक और बड़ी सौगात मिली है। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने राज्य में कुल ₹6,650 करोड़ के निवेश को लेकर तीन MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। खास बात यह है कि इनमें से दो प्रमुख परियोजनाएं गौतमबुद्ध नगर के उन्हीं क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं, जहां जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चलते विकास की रफ्तार पहले ही तेज हो चुकी है। पहले समझौते के तहत जेवर एयरपोर्ट के करीब YEIDA क्षेत्र में एक मेगा ग्रुप हाउसिंग टाउनशिप तैयार की जाएगी। प्रस्तावित प्लान के मुताबिक, यहां हाई-राइज रेजिडेंशियल टावर, सुव्यवस्थित सड़कें, जरूरी शहरी सुविधाएं और नियोजित टाउनशिप मॉडल विकसित किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि परियोजना के जमीन पर उतरते ही करीब 12,000 रोजगार अवसर पैदा होंगे। MoU के तुरंत बाद YEIDA प्रशासन ने भूमि उपलब्धता, सेक्टर प्लानिंग और तकनीकी प्रक्रियाओं पर वर्किंग प्लान तैयार करने का काम तेज कर दिया है,ताकि जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में यह प्रोजेक्ट जल्द से जल्द आकार ले सके।
‘सिंगापुर सिटी’ का प्रस्ताव भी रफ्तार पकड़ सकता है
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द उभर रही यमुना सिटी को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में एक और बड़ा विजन चर्चा में है। सेक्टर-7 में करीब 500 एकड़ में प्रस्तावित ‘सिंगापुर सिटी’ को लेकर बताया जा रहा है कि इसका औपचारिक प्रस्ताव हाल ही में प्राधिकरण की ओर से मुख्यमंत्री को भेजा गया है। ऐसे में सिंगापुर दौरे के दौरान मिले निवेश संकेत को जेवर एयरपोर्ट रीजन के लिए सिर्फ एक डील नहीं, बल्कि इंटरनेशनल-स्टाइल अर्बन डेवलपमेंट की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है। इसी निवेश पैकेज की तीसरी कड़ी में कानपुर–लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने की योजना भी शामिल है। प्रस्ताव के मुताबिक, इस परियोजना में ₹650 करोड़ निवेश और करीब 7,500 रोजगार सृजन का अनुमान है। इसे 2027 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदेश की सप्लाई-चेन, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट इकोनॉमी को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बनेगा हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के असर क्षेत्र में अब रियल एस्टेट के साथ-साथ टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तेज़ी से रफ्तार पकड़ रहा है। निवेश पैकेज की दूसरी बड़ी कड़ी के तहत नोएडा–ग्रेटर नोएडा एनसीआर बेल्ट में 10 एकड़ जमीन पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस प्रोजेक्ट में करीब ₹2,500 करोड़ निवेश और लगभग 1,500 रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। MoU के मुताबिक, इसे 2028 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में लॉजिस्टिक्स के साथ टेक इकोसिस्टम के विस्तार से उत्तर प्रदेश को डेटा सेंटर हब के रूप में मजबूत करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल नोएडा–ग्रेनो में डेटा सेंटर के लिए 11 प्लॉट पहले ही आवंटित हो चुके हैं और कुछ सेंटर संचालन में भी हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट से सटी यमुना सिटी में भी अतिरिक्त कंपनियों को डेटा सेंटर के लिए जमीन देने पर विचार चल रहा है, जिससे यह पूरा इलाका डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की नई धुरी बन सकता है। Jewar Airport












