जेवर तथा दादरी की रैलियों का खेल बिगाड़ सकती है बारिश

नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर तथा दादरी के क्षेत्र में 28 तथा 29 मार्च को बारिश होने की आशंका है। इस दौरान जेवर तथा दादरी में होने वाली अलग-अलग रैलियों में बारिश एक बड़ी बाधा बन सकती है। मौसम विभाग की मानें तो 26 मार्च से लेकर 31 मार्च तक उत्तर प्रदेश में बारिश के आसार बन रहे हैं।

मोदी-अखिलेश की रैली
मोदी-अखिलेश की रैली
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar25 Mar 2026 02:56 PM
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Jewar News : नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर तथा दादरी के क्षेत्र में 28 तथा 29 मार्च को बारिश होने की आशंका है। इस दौरान जेवर तथा दादरी में होने वाली अलग-अलग रैलियों में बारिश एक बड़ी बाधा बन सकती है। मौसम विभाग की मानें तो 26 मार्च से लेकर 31 मार्च तक उत्तर प्रदेश में बारिश के आसार बन रहे हैं। बारिश की आशंका के चलते जेवर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली तथा दादरी में सपा मुखिया अखिलेश यादव की रैली प्रभावित हो सकती है।

जेवर तथा दादरी में होनी हैं दो बड़ी रैली

आपको बता दें कि 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। जेवर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के अगले ही दिन 29 मार्च 2026 को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव दादरी में रैली करेंगे। दादरी की रैली को समाजवादी पार्टी की तरफ से उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के प्रचार का आगाज माना जा रहा है।

क्या कहना है मौसम विभाग?

उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर तेजी से करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। इसके पीछे मुख्य वजह उत्तर भारत में लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ बताए जा रहे हैं, जिनका असर पूरे प्रदेश में महसूस किया जाएगा।

26 मार्च से बदल जाएगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार 24 और 25 मार्च तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम सामान्य बना रहेगा और आसमान साफ रहने की संभावना है। हालांकि 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इसके बाद 27 मार्च को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी इसका असर दिखाई देने लगेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 27 मार्च से कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

31 मार्च तक जारी रह सकता है बारिश का सिलसिला

पूर्वानुमान के अनुसार मार्च के अंतिम सप्ताह में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे। इनके प्रभाव से 27 से 29 मार्च के बीच प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है। हाल के दिनों में बारिश और बादलों की वजह से प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जहां पहले तापमान 38 से 40 डिग्री के आसपास पहुंच रहा था, वहीं अब यह घटकर करीब 30 से 35 डिग्री के बीच आ गया है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन मौसम का यह उतार-चढ़ाव अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है।

इन जिलों में दिख सकता है बारिश का ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में सबसे पहले मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और पूर्वांचल के जिलों में भी बादल और बारिश की स्थिति बन सकती है। भारतीय मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले कुछ दिनों में आंधी, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना के चलते किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। Jewar News

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जेवर एयरपोर्ट बना नई कार्यप्रणाली की मिसाल, जानिए क्यों है इतना खास

उत्तर प्रदेश के जेवर एयरपोर्ट ने शुरू होने से पहले ही देशभर में एक नई चर्चा छेड़ दी है। यह परियोजना सिर्फ एक बड़े हवाई अड्डे के रूप में नहीं, बल्कि राजस्व, भूमि अधिग्रहण, निवेश और विकास के नए मॉडल के तौर पर देखी जा रही है।

जेवर एयरपोर्ट परियोजना
जेवर एयरपोर्ट परियोजना
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Mar 2026 09:28 AM
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Jewar Airport : उत्तर प्रदेश के जेवर एयरपोर्ट ने शुरू होने से पहले ही देशभर में एक नई चर्चा छेड़ दी है। यह परियोजना सिर्फ एक बड़े हवाई अड्डे के रूप में नहीं, बल्कि राजस्व, भूमि अधिग्रहण, निवेश और विकास के नए मॉडल के तौर पर देखी जा रही है। खास बात यह है कि जेवर एयरपोर्ट ऐसा पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने जा रहा है, जहां सरकार को हर यात्री पर सीधे तय आय मिलेगी। बताया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले प्रत्येक यात्री से सरकार को 400 रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा। भारतीय विमानन क्षेत्र में इसे बेहद अहम और अलग प्रयोग माना जा रहा है। अब तक देश में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में आमतौर पर सरकार और एयरपोर्ट ऑपरेटर के बीच मुनाफे की हिस्सेदारी का ढांचा लागू होता रहा है। इस व्यवस्था में सरकार की कमाई तय नहीं होती थी, क्योंकि वह ऑपरेटर के लाभ पर निर्भर रहती थी। लेकिन जेवर एयरपोर्ट के लिए अपनाया गया मॉडल इससे बिल्कुल अलग है। यहां प्रति यात्री निश्चित राजस्व का प्रावधान किया गया है। यही वजह है कि अब कई अन्य राज्य भी जेवर एयरपोर्ट के इस ढांचे को गंभीरता से समझ रहे हैं और भविष्य की परियोजनाओं में इसे अपनाने पर विचार कर रहे हैं।

भूमि अधिग्रहण ने बढ़ाई जेवर एयरपोर्ट की ताकत

जेवर एयरपोर्ट की एक और बड़ी खासियत इसका निवेश ढांचा है। यह परियोजना 100 फीसदी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश यानी एफडीआई पर आधारित है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए विदेशी कंपनी का चयन किया गया, जिससे जेवर एयरपोर्ट को वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिली। इस वजह से यह सिर्फ उत्तर प्रदेश या भारत की परियोजना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की नजर में भी एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल बनकर उभरा है।भूमि अधिग्रहण के मामले में भी जेवर एयरपोर्ट ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस परियोजना के लिए कुल 5428 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया, जिसमें पुनर्वास के लिए दी गई जमीन भी शामिल है। नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत इसे देश की सबसे बड़ी प्रक्रियाओं में गिना जा रहा है। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि जिस क्षेत्र में कभी किसानों का विरोध चर्चा का विषय बना था, वहीं जेवर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया गया।

मजबूत तैयारी से चर्चा में है जेवर एयरपोर्ट

इस पूरी प्रक्रिया में सामाजिक प्रभाव आकलन की जिम्मेदारी गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने निभाई। जेवर एयरपोर्ट परियोजना के साथ जुड़कर विश्वविद्यालय ने इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साबित की। अब विश्वविद्यालय अन्य परियोजनाओं में भी सोशल इंपैक्ट असेसमेंट का कार्य कर रहा है। इससे संस्थान को आर्थिक लाभ के साथ-साथ तकनीकी पहचान भी मिली है। साफ है कि जेवर एयरपोर्ट ने केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं बनाया, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी नए अवसर तैयार किए हैं। निर्माण गति के लिहाज से भी जेवर एयरपोर्ट राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनता दिख रहा है। साइट क्लियरेंस से लेकर निर्माण और लोकार्पण की तैयारी तक, पूरी प्रक्रिया को अपेक्षाकृत कम समय में आगे बढ़ाया गया। यही कारण है कि जेवर एयरपोर्ट को अब कई राज्य अध्ययन के विषय के रूप में देख रहे हैं। विभिन्न विभागों और एजेंसियों के अधिकारी यहां की कार्यशैली, प्रबंधन और समन्वय को समझने के लिए रुचि दिखा रहे हैं। बता दे कि लोकार्पण को लेकर भी तैयारियां तेज हो चुकी हैं। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम को भव्य स्वरूप दिया जाएगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है और बड़ी जनसभा की भी तैयारी चल रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आयोजन से जुड़ी हर व्यवस्था समय रहते पूरी कर ली जाए। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट की धरती से किसानों के लिए बड़ी घोषणा करेंगे PM मोदी

जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख नजदीक आ गई है। 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। जेवर एयरपोर्ट का विधिवत उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्रीएक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे।

जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Mar 2026 05:51 PM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख नजदीक आ गई है। 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। जेवर एयरपोर्ट का विधिवत उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्रीएक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों ने दावा किया है कि 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट की धरती से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बहुत बड़ी घोषणा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए होने वाली घोषणा से उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ा फायदा मिलेगा।

जेवर एयरपोर्ट के बहाने विधानसभा चुनाव का आगाज

जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति के लिए ग्रोथ इंजन साबित होगा। 28 मार्च को प्रधानमंत्री जेवर एयरपोर्ट से होने वाले फायदों को विस्तार से गिनवाएंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी घोषणा करेंगे। इस घोषणा में जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए भी घोषणा शामिल रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट की जनसभा के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव के प्रचार का आगाज भी करेंगे। इस जनसभा के साथ ही उत्तर प्रदेश में चुनावी जनसभाओं का सिलसिलाा शुरू हो जाएगा। 

प्रधानमंत्री की जनसभा के बाद अखिलेश यादव की जनसभा

जेवर एयरपोर्ट पर 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा होगी। इस जनसभा के ठीक अगले दिन जेवर एयरपोर्ट से मात्र 60 किलोमीटर दूर दादरी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की जनसभा होगी। अखिलेश यादव की पार्टी समाजवादी पार्टी पहले ही यह घोषणा कर चुकी है कि 29 मार्च को दादरी में होने वाली सपा की रैली से उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव के प्रचार की विधिवत शुरूआत हो जाएगी।

एयरपोर्ट के नाम को लेकर भी हो सकती है बड़ी घोषणा

28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा में जेवर एयरपोर्ट के नाम को लेकर भी कोई बड़ी घोषणा हो सकती है। दरअसल जेवर एयरपोर्ट का असली नाम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट जेवर नगर के पास स्थापित हुआ है। इस कारण बोलचाल की भाषा में इसे जेवर एयरपोर्ट का नाम दिया जा रहा है। जेवर क्षेत्र के नागरिकों की मांग है कि इस एयरपोर्ट का नाम देश के किसी महापुरूष के नाम पर रखा जाए। कुछ लोगों की यह भी मांग है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का अधिकारिक नाम जेवर एयरपोर्ट ही कर दिया जाए। अधिकारिक नाम जेवर एयरपोर्ट रख दिए जाने से पूरी दुनिया में जेवर का नाम, मान तथा सम्मान बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री की जनसभा को लेकर CM योगी सक्रिय

28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सक्रिय हैं। इसी सक्रियता के चलते CM योगी ने रविवार को जेवर एयरपोर्ट पर पहुंचकर सारी तैयारियों का जायजा लिया। रविवार को मुख्यमंत्री लगभग तीन घंटे तक एयरपोर्ट परिसर में रहे। उन्होंने लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया साथ ही पीएम की जनसभा के लिए तैयार किए गए पंडाल में सुरक्षा के इंतजाम देखे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सीधा अल्टीमेंटम दिया है कि प्रधानमंत्री की जनसभा के दौरान किसी भी तरह की चूक बिल्कुल भी नहीं हो। अधिकारी खुद सुरक्षा इंतजाम संभालें। वहीं जनसभा में आने वाले आमजनों को बिल्कुल भी असुविधा नहीं होने के निर्देश दिए गए। Jewar Airport


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