यमुना सिटी अब विकास के उस मोड़ पर पहुंचती दिख रही है, जहां योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि जमीन पर उनका असर भी साफ दिखाई देगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने यीडा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए 2800 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

Yamuna City : यमुना सिटी अब विकास के उस मोड़ पर पहुंचती दिख रही है, जहां योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि जमीन पर उनका असर भी साफ दिखाई देगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने यीडा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए 2800 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इस राशि का इस्तेमाल नए सेक्टरों के विकास, महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मजबूत लैंडबैंक तैयार करने में किया जाएगा। खास बात यह है कि यमुना सिटी को अब एक सामान्य शहरी क्षेत्र नहीं, बल्कि देश के सबसे महत्वाकांक्षी विकास केंद्रों में शुमार किया जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार के साथ यहां अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी, जापानी सिटी, कोरियन सिटी, सिंगापुर सिटी, अमेरिकन सिटी, एआई सिटी और हेरिटेज सिटी जैसी बड़ी योजनाओं को आकार देने की कवायद तेज हो गई है। इसके साथ ही एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब विकसित करने की तैयारी भी यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में यमुना सिटी केवल एक आवासीय क्षेत्र नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग, कारोबार और आधुनिक शहरी विकास का बड़ा केंद्र बन सकती है।
प्राधिकरण का फोकस अब सिर्फ योजनाएं घोषित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यमुना सिटी में इन परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 6 अप्रैल को हेरिटेज सिटी परियोजना को लेकर एक अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में जमीन खरीद की रणनीति, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह के मुताबिक, मौजूदा वित्तीय वर्ष में यमुना सिटी की नई योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी जानी है। इसके लिए राज्य सरकार ने 2800 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। प्राधिकरण ने कई नए सेक्टरों के लिए पहले ही रूपरेखा तैयार कर ली है और अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू होने के बाद यमुना सिटी निवेशकों के लिए और ज्यादा आकर्षक बनने वाली है। प्राधिकरण पहले ही करीब 25 कंपनियों को भूमि आवंटन के लिए आशय पत्र जारी कर चुका है। मंजूरी की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन कंपनियों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे में साफ है कि यमुना सिटी को औद्योगिक, वाणिज्यिक और शहरी विकास के बड़े केंद्र के रूप में तैयार करने की कोशिश तेज हो चुकी है। विकास की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए प्राधिकरण ने पहले से लैंडबैंक तैयार करने की रणनीति बना ली थी। अब सरकार से बजट जारी होने के बाद यमुना सिटी में जमीन खरीद की प्रक्रिया और तेजी पकड़ने की उम्मीद है। इससे आने वाले समय में यहां बड़े निवेश, रोजगार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का रास्ता मजबूत होगा।
इस बजट की एक खास बात यह भी है कि यीडा को दी गई यह राशि बिना ब्याज लौटानी होगी। यानी जमीन खरीद के लिए मिले इस फंड से प्राधिकरण पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा। इससे यमुना सिटी की विकास योजनाओं को आर्थिक रूप से भी बड़ी राहत मिलेगी। यह पहला मौका नहीं है जब राज्य सरकार ने यमुना सिटी के विकास के लिए आर्थिक मदद दी हो। इससे पहले भी जमीन खरीद और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए बजट आवंटित किया जा चुका है। हाल ही में गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण हेतु भी सरकार ने 1204 करोड़ रुपये जारी किए थे। इससे साफ है कि यमुना सिटी को सिर्फ आवासीय या औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक व्यापक और आधुनिक शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है।
सरकार की ओर से बजट जारी होने के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि यमुना सिटी में नए सेक्टरों का विकास और बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाने का काम तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा। एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, एआई सिटी, फिनटेक सिटी, हेरिटेज सिटी और लॉजिस्टिक्स हब जैसी योजनाएं आने वाले वर्षों में यमुना सिटी की तस्वीर बदल सकती हैं। यही वजह है कि अब यह क्षेत्र केवल विकास की योजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य के शहरी नक्शे का अहम केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। Yamuna City