जेवर एयरपोर्ट से कैसे बदलेगी आपकी यात्रा? जानिए पूरी डिटेल

इसी जरूरत के जवाब के तौर पर जेवर को चुना गया। उम्मीद है कि जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद दिल्ली के एयर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा व राजस्थान के कुछ हिस्सों के यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक पहुंच पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी।

जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Feb 2026 04:18 PM
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Jewar Airport : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकार ले रहा जेवर एयरपोर्ट अब सिर्फ उड़ानों का नया ठिकाना नहीं, बल्कि पूरे रीजन की आर्थिक दिशा और शहरी पहचान को नई परिभाषा देने वाला प्रोजेक्ट बनकर उभर रहा है। लंबे समय तक दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर रहे नोएडा–ग्रेटर नोएडा को अब अपना एक स्वतंत्र, अंतरराष्ट्रीय स्तर का ग्लोबल गेटवे मिलने जा रहा है। दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ते एयर ट्रैफिक के दबाव ने एक ऐसे आधुनिक विकल्प की जरूरत को और मजबूत किया, जो भविष्य की मांग को भी संभाल सके। इसी पृष्ठभूमि में विकसित हो रहा जेवर एयरपोर्ट आज उत्तर भारत की सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में गिना जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट से मिलेगी बड़ी राहत

दिल्ली का मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लंबे समय से यात्रियों की बढ़ती संख्या और लगातार बढ़ते एयर ट्रैफिक के दबाव में काम कर रहा है। ऐसे में एक ऐसे वैकल्पिक एयरपोर्ट की जरूरत साफ हो गई थी, जो न सिर्फ आधुनिक सुविधाओं से लैस हो, बल्कि भविष्य की मांग को भी सहजता से संभाल सके। इसी जरूरत के जवाब के तौर पर जेवर को चुना गया। उम्मीद है कि जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद दिल्ली के एयर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा व राजस्थान के कुछ हिस्सों के यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक पहुंच पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी।

जेवर के चारों ओर बन रहा ट्रैवल नेटवर्क

गौतम बुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे के बिल्कुल पास स्थित जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोकेशन है। यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा और मथुरा जैसे बड़े शहरों से इसका सीधा रोड कनेक्शन बनता है, वहीं नोएडा और ग्रेटर नोएडा से यहां तक पहुंचना पहले से ही आसान है। आगे चलकर इस एयरपोर्ट को मेट्रो, रैपिड रेल और संभावित रेल कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है, ताकि यात्रियों को एक ही विकल्प पर निर्भर न रहना पड़े। बता दें कि जेवर एयरपोर्ट को एक बार में नहीं, बल्कि फेज-वाइज (चरणबद्ध) तरीके से विकसित किया जा रहा है, ताकि शुरुआती संचालन के साथ ही भविष्य का विस्तार भी तेज़ी से आगे बढ़ सके। पहले चरण में एक रनवे और अत्याधुनिक टर्मिनल के जरिए उड़ानों की शुरुआत की योजना है। इसके बाद अगले चरणों में रनवे की संख्या बढ़ाई जाएगी और यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए कैपेसिटी को कई गुना तक विस्तार देने का रोडमैप तैयार है। लक्ष्य सिर्फ एक वैकल्पिक एयरपोर्ट खड़ा करना नहीं, बल्कि लंबे समय में जेवर को बहु-रनवे, हाई-कैपेसिटी एविएशन हब के रूप में स्थापित करना है, जो एशिया के प्रमुख एयरपोर्ट्स की सूची में जगह बना सके। इसी विज़न के तहत मास्टर प्लान में पैसेंजर टर्मिनल के साथ कार्गो टर्मिनल, मेंटेनेंस हब, कमर्शियल जोन और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को भी संतुलित ढंग से जोड़ा गया है ताकि यह एयरपोर्ट यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और लॉजिस्टिक्स की जरूरतों को भी मजबूती दे सके।

जेवर एयरपोर्ट की हाई-टेक तैयारी

जेवर एयरपोर्ट का डिजाइन सिर्फ आधुनिक वास्तुकला तक सीमित नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और स्मार्ट ऑपरेशन की सोच पर तैयार किया जा रहा है। यात्रियों के अनुभव को सहज बनाने के लिए डिजिटल चेक-इन, ऑटोमैटिक बैगेज हैंडलिंग, उन्नत सुरक्षा सिस्टम और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि भीड़ के बावजूद संचालन तेज़ और व्यवस्थित रहे। इसके साथ ही, इस प्रोजेक्ट में पर्यावरण संरक्षण को भी केंद्र में रखा गया है। सोलर एनर्जी, जल संरक्षण प्रणालियाँ और हरित क्षेत्र के विकास के जरिए इसे ‘ग्रीन एयरपोर्ट’ की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट पर यात्रियों को क्या-क्या मिलेगा?

जेवर एयरपोर्ट पर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने की योजना है। विशाल वेटिंग लाउंज, आधुनिक फूड कोर्ट, शॉपिंग एरिया, वीआईपी लाउंज, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाएं, मेडिकल सेवाएं और डिजिटल पेमेंट विकल्प इन सबका समावेश इसे एक संपूर्ण यात्रा अनुभव प्रदान करेगा। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं होंगी। इसके अलावा कार्गो टर्मिनल को विशेष रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, ताकि निर्यात और आयात गतिविधियों को गति मिल सके। जेवर एयरपोर्ट को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का इंजन कहा जा रहा है। इसके निर्माण और संचालन से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होंगे। निर्माण कार्य, सुरक्षा, ग्राउंड स्टाफ, आतिथ्य, परिवहन और लॉजिस्टिक्स हर क्षेत्र में नौकरियों की संभावनाएं बढ़ेंगी। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक पार्क, वेयरहाउसिंग हब, होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और नई टाउनशिप के विकास की संभावनाएं हैं। रियल एस्टेट बाजार में पहले ही तेजी देखी जा रही है। निवेशकों के लिए यह क्षेत्र आकर्षण का केंद्र बन चुका है। केवल आर्थिक ही नहीं, सामाजिक स्तर पर भी इसका बड़ा प्रभाव पड़ेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। मथुरा, वृंदावन और आगरा जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच और सुगम हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास तेज होगा, जिससे जीवन स्तर में सुधार की संभावना है। स्थानीय व्यवसायों को नए बाजार और अवसर मिलेंगे। Jewar Airport


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जेवर एयरपोर्ट से कैसे बदलेगा नोएडा का भविष्य?

जेवर एयरपोर्ट के निर्माण की रफ्तार के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे बेल्ट, सेक्टर-150, दादरी और ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में जमीन और फ्लैट की मांग तेज हुई है। निवेशक इसे तात्कालिक मुनाफे की दौड़ नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म वैल्यू का मौका मान रहे हैं।

जेवर एयरपोर्ट
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar26 Feb 2026 03:42 PM
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Jewar Airport : उत्तर प्रदेश के पश्चिमी छोर पर बन रहा जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक दिशा बदलने वाली परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों तक दिल्ली पर निर्भर रहने वाले नोएडा–ग्रेटर नोएडा को अब अपनी पहचान का एक स्वतंत्र, वैश्विक प्रवेश द्वार मिलने जा रहा है। असल सवाल यह नहीं कि बदलाव होगा या नहीं सवाल यह है कि यह बदलाव शहर की पहचान से लेकर कारोबार की गति और लोगों के जीवन तक कितनी गहराई से उतरकर असर दिखाएगा।

प्रॉपर्टी को मिलेगा सपोर्ट

एयरपोर्ट किसी भी शहर के लिए सिर्फ हवाई सुविधा नहीं, विकास का सबसे ताकतवर इंजन साबित होता है और यही असर अब आसपास के बाजार में साफ दिखने लगा है। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण की रफ्तार के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे बेल्ट, सेक्टर-150, दादरी और ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में जमीन और फ्लैट की मांग तेज हुई है। निवेशक इसे तात्कालिक मुनाफे की दौड़ नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म वैल्यू का मौका मान रहे हैं। एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउस, होटल, रिटेल हब और कॉर्पोरेट ऑफिस जैसी गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे कमर्शियल प्रॉपर्टी में धीमी लेकिन लगातार कीमत-वृद्धि की मजबूत संभावना बनती है।

सर्विस सेक्टर में आएगा तेज उछाल

किसी भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ सिर्फ उड़ानें नहीं बढ़तीं, बल्कि रोजगार का पूरा इकोसिस्टम खड़ा हो जाता है। जेवर एयरपोर्ट भी इसी बदलाव का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है—जहां एयरलाइंस, ग्राउंड हैंडलिंग, कार्गो, सुरक्षा, मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों में हजारों प्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा होंगी। इसके साथ ही होटल, टैक्सी/कैब, रेस्टोरेंट, रिटेल और सप्लाई-चेन से जुड़ी गतिविधियां मिलकर लाखों अप्रत्यक्ष अवसरों का रास्ता खोलेंगी। नोएडा पहले से आईटी और मैन्युफैक्चरिंग के दम पर अपनी पहचान बना चुका है, लेकिन एयरपोर्ट के आने से यह पहचान ग्लोबल ट्रेड हब की तरफ तेजी से बढ़ सकती है। निर्यात–आयात की प्रक्रियाएँ सरल और तेज होंगी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और ई-कॉमर्स जैसी इंडस्ट्रीज़ के लिए यह इलाका और भी आकर्षक बनेगा

जेवर एयरपोर्ट के साथ कम होगा ट्रैफिक का दबाव

दिल्ली-एनसीआर की ट्रैफिक समस्या लंबे समय से चर्चा में रही है। जेवर एयरपोर्ट के साथ एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल और मेट्रो विस्तार की योजनाएँ भी जुड़ी हुई हैं। इससे नोएडा का दक्षिणी हिस्सा, जो अब तक अपेक्षाकृत शांत था, मुख्यधारा से सीधे जुड़ जाएगा। जब किसी क्षेत्र तक पहुँचना आसान हो जाता है, तो निवेश, पर्यटन और व्यापार—तीनों तेज़ी से बढ़ते हैं। यह सिद्धांत नोएडा पर भी लागू होगा।

जेवर एयरपोर्ट से बदलेगा शहर का स्टेटस

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा किसी भी शहर को विश्व मानचित्र पर स्थापित करता है। अभी तक विदेशी निवेशकों के लिए दिल्ली प्राथमिक गंतव्य था; अब नोएडा भी सीधे वैश्विक संपर्क में होगा।कंपनियाँ अक्सर ऐसे शहरों को प्राथमिकता देती हैं जहाँ एयर कनेक्टिविटी मजबूत हो। इससे नोएडा की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी और वह केवल “दिल्ली के पास का शहर” नहीं, बल्कि स्वयं एक वैश्विक बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।

नोएडा बनेगा मॉडल सिटी

हर विकास अपने साथ चुनौतियाँ भी लाता है। तेज़ी से बढ़ती आबादी, ट्रैफिक दबाव, पर्यावरणीय संतुलन और जल संसाधनों पर प्रभाव ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर प्रशासन को संतुलित योजना बनानी होगी। यदि मास्टर प्लान के अनुरूप ग्रीन जोन, सार्वजनिक परिवहन और स्मार्ट सिटी मॉडल को प्राथमिकता दी गई, तो नोएडा एक संतुलित और आधुनिक शहर बन सकता है। अन्यथा अव्यवस्थित विस्तार समस्याएँ भी खड़ी कर सकता है।

स्थानीय जीवन पर क्या पड़ेगा प्रभाव

दादरी और जेवर जैसे अर्ध-ग्रामीण इलाकों में सामाजिक-आर्थिक बदलाव तेज़ होंगे। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, भूमि मालिकों की आय में परिवर्तन आएगा, और जीवनशैली अधिक शहरी रूप लेगी। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख होने वाली है घोषित

जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यह जनसभा जेवर एयरपोर्ट के पास ही आयोजित की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर आयोजित होने वाली जनसभा में पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नागरिक भाग लेंगे।

जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar25 Feb 2026 04:10 PM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। खबर है कि जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की पूरी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। होली के बाद मार्च के महीने में ही जेवर एयरपोर्ट का विधिवत उद्घाटन हो जाएगा। जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यह जनसभा जेवर एयरपोर्ट के पास ही आयोजित की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर आयोजित होने वाली जनसभा में पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नागरिक भाग लेंगे।

होली-2026 के तुरन्त बाद होगा जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जापान तथा सिंगापुर के दौरे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर एयरपोर्ट की खूब चर्चा की है। मुख्यमंत्री योगी ने जेवर एयरपोर्ट की चर्चा करते हुए यह भी कहा कि अगले महीने यानी कि मार्च 2026 में जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन हो जाएगा। उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने बताया है कि 15 मार्च के बाद किसी भी दिन जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन हो जाएगा। उन्होंने बताया कि होली का महापर्व सम्पन्न होते ही जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख घोषित कर दी जाएगी। श्री गोयल ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन में अब और अधिक विलम्ब नहीं होगा।

भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा जेवर एयरपोर्ट

जेवर एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा। जेवर एयरपोर्ट का निर्माण चरणबद्ध ढंग से किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जेवर एयरपोर्ट के प्रथम चरण का निर्माण 334 हेक्टेयर भूमि पर किया गया है। अगले दो चरण के निर्माण में जेवर एयरपोर्ट पर कुल पाँच रनवे बनाए जाएंगे। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के दूसरे चरण के लिए भूमि के अधिग्रहण का काम परा हो चुका है। जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण के निर्माण के लिए 2052 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण के लिए भूमि का अधिग्रहण करने के लिए बजट में 750 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। जेवर एयरपोर्ट से पहले चरण में केवल घरेलू उड़ाने शुरू की जाएंगी। दूसरा चरण पूरा होने पर अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू हो जाएगी। बताया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होने के साथ ही एशिया का तीसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। 

जेवर एयरपोर्ट पर सिंगापुर की कंपनी करेगी बड़ा निवेश

सिंगापुर की एक कम्पनी जेवर एयरपोर्ट पर बड़ा निवेश करेगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर के दौरे के समय इस बड़े बिजनेश की घोषणा की गई है। इस घोषणा में बताया गया है कि जेवर एयरपोर्ट पर दो योजनाओं में सिंगापुर की कंपनी AISATS कंपनी 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी। इसके तहत नोएडा एयरपोर्ट पर एडवांस कार्गो कैंपस बनेगा। एयर कैटरिंग किचन के माध्यम से उत्तर भारत के सभी हवाई अड्डों और विमानों के लिए भोजन की आपूर्ति की जाएगी। एआई सैट्स का कार्गो कैंपस यूपी के साथ पूरे नॉर्थ इंडिया के लिए हवाई माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख सेंटर ताज सैट्स (Taj SATS) बनेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पादों के लिए बड़ा कार्गो यहां होगा। जेवर एयरपोर्ट पर ही इंटरनेशनल लेवल की एयर कैटरिंग किचन बनेगी। इस किचन से जेवर एयरपोर्ट की उड़ानों के लिए हाई क्वालिटी वाला भोजन मुहैया कराया जाएगा। ये भोजन जेवर नोएडा एयरपोर्ट के साथ दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट, वाराणसी, जयपुर जैसे अन्य हवाई अड्डों की उड़ानों के लिए आपूर्ति की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित फिल्म सिटी से जेवर एयरपोर्ट तक पॉड टैक्सी (Pod Taxi) चलेंगी। यानी एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक बिना किसी ड्राइवर वाली छोटी टैक्सी चलेंगी। जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी बनने के कारण यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टरों 18, 20, 21 और 22 में जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं। Jewar Airport


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