जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ विकसित हो रहा है बड़ा भविष्य
जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ भविष्य का सबसे सुन्दर तथा सबसे विशाल शहर विकसित हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के पूरे क्षेत्र की बात करें तो जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ 2689 वर्ग किलोमीटर के दायरे में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर विकसित होगा।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट का बहुत जल्दी उद्घाटन हो जाएगा। अगले कुछ दिनों में ही जेवर एयरपोर्ट से हवाई यातायात शुरू हो जाएगा। इस दौरान जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ भविष्य का सबसे सुन्दर तथा सबसे विशाल शहर विकसित हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के पूरे क्षेत्र की बात करें तो जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ 2689 वर्ग किलोमीटर के दायरे में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर विकसित होगा।
जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यीडा के पास मौजूद है बहुत बड़ा लैंड बैंक
जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के पास बहुत बड़ा लैंड बैंक मौजूद है। जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यीडा का लैंड बैंक 2689 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यीडा के पास मौजूद लैंड बैंक का साईज दो लाख 68 हजार हेक्टेयर से भी अधिक है। इतना ही नहीं यीडा के अधिकारी जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ लैंड बैंक को बढ़ाने का लगातार काम कर रहे हैं। यीडा के सीईओ (CEO) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में योजनाबद्ध ढंग से लैंड बैंक को बढ़ाया जा रहा है।
जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ खरीदी जा रही है जमीन
यीडा के सीईओ ( CEO) राकेश कुमार सिंह ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने तकरीबन 4856 करोड़ रुपये से 2700 एकड़ जमीन क्रय की है। यह जमीन पूर्व नियोजित सेक्टरों के अलावा मास्टर प्लान 2041 में नियोजित सेक्टरों में भी खरीदी गई है। प्राधिकरण आगामी वित्त वर्ष के लिए भी जमीन खरीद की मद में सबसे अधिक धनराशि आवंटित करने की योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि यीडा के बजट में पिछले दो वित्त वर्ष से सबसे अधिक आवंटन जमीन खरीद के लिए हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट स्थापित होने के बाद से प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे जमीन की मांग में भी तेजी आई है। उन्होंने बताया कि जमीन क्रय के लिए धनराशि की कमी दूर करने के लिए यीडा ने मुख्यमंत्री औद्योगिक विस्तारीकरण योजना का लाभ उठाया है। इस योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान है। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण अभी तक इस योजना के तहत प्रदेश सरकार से तीन हजार करोड़ का ऋण ले चुका है। चालू वित्त वर्ष में भी प्राधिकरण के लिए प्रदेश सरकार ने डेढ़ हजार करोड़ रुपये का ऋण को मंजूर किया है।
YEIDA का लैंड बैंक: कहां-कहां फैला है पूरा क्षेत्र ?
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण का यह विशाल क्षेत्र उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में फैला हुआ है। इन जिलों में गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस तथा आगरा जिले शामिल हैं। इस पूरे क्षेत्र को यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर करीब 25 किलोमीटर के दायरे में विकसित किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट इसी लैंड बैंक के केंद्र में स्थित है, जिससे इस पूरे इलाके की अहमियत कई गुना बढ़ गई है।
लैंड बैंक का सेक्टर-वाइज उपयोग (योजनाबद्ध वितरण)
YEIDA के मास्टर प्लान के अनुसार, करीब 2,689 वर्ग किलोमीटर के इस लैंड बैंक को अलग-अलग उपयोगों के लिए चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है—
· औद्योगिक क्षेत्र:
भारी उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, MSME क्लस्टर, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स
· आवासीय क्षेत्र:
ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड हाउसिंग, किफायती आवास
· वाणिज्यिक क्षेत्र:
ऑफिस स्पेस, आईटी पार्क, बिजनेस डिस्ट्रिक्ट
· लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग:
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सपोर्ट ज़ोन
· संस्थागत और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर:
विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, रिसर्च सेंटर
· ग्रीन और बफर ज़ोन:
पर्यावरण संतुलन के लिए बड़े ग्रीन बेल्ट
जेवर एयरपोर्ट के आसपास सबसे ज्यादा फोकस क्यों?
जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 10–15 किलोमीटर के दायरे में स्थित जमीन को YEIDA ने हाई-प्रायोरिटी डेवलपमेंट ज़ोन घोषित किया है। इसी क्षेत्र में एयरोसिटी, फिल्म सिटी, एयरपोर्ट आधारित उद्योग, होटल और कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि YEIDA के पूरे लैंड बैंक में सबसे अधिक रिटर्न और विकास की रफ्तार जेवर एयरपोर्ट इन्फ्लुएंस ज़ोन में देखने को मिलेगी।
निवेश और रोजगार के लिहाज से कितना अहम है यह लैंड बैंक ?
- करीब 2.68 लाख हेक्टेयर के इस लैंड बैंक पर योजनाबद्ध विकास से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार, उत्तर भारत का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल क्लस्टर, निर्यात आधारित उद्योगों को नया केन्द्र तैयार होने की संभावना है।
- YEIDA क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के ग्रोथ इंजन के रूप में देखा जा रहा है, जहां जमीन उपलब्ध है, कनेक्टिविटी मजबूत है और नीतियां निवेश-अनुकूल हैं। इस विशाल क्षेत्र को जोड़ने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से लिंक, प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं इसे देश के सबसे बेहतर कनेक्टेड औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल कर रही हैं।
- करीब 2,689 वर्ग किलोमीटर का यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण का लैंड बैंक केवल जमीन का आंकड़ा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य की रीढ़ है। जेवर एयरपोर्ट के साथ जुड़कर यह लैंड बैंक आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और शहरी विकास का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा। साथ ही जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ सबसे सुन्दर तथा सबसे बड़ा शहर स्थापित हो जाएगा। Jewar Airport
Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट का बहुत जल्दी उद्घाटन हो जाएगा। अगले कुछ दिनों में ही जेवर एयरपोर्ट से हवाई यातायात शुरू हो जाएगा। इस दौरान जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ भविष्य का सबसे सुन्दर तथा सबसे विशाल शहर विकसित हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के पूरे क्षेत्र की बात करें तो जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ 2689 वर्ग किलोमीटर के दायरे में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर विकसित होगा।
जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यीडा के पास मौजूद है बहुत बड़ा लैंड बैंक
जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के पास बहुत बड़ा लैंड बैंक मौजूद है। जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यीडा का लैंड बैंक 2689 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यीडा के पास मौजूद लैंड बैंक का साईज दो लाख 68 हजार हेक्टेयर से भी अधिक है। इतना ही नहीं यीडा के अधिकारी जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ लैंड बैंक को बढ़ाने का लगातार काम कर रहे हैं। यीडा के सीईओ (CEO) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में योजनाबद्ध ढंग से लैंड बैंक को बढ़ाया जा रहा है।
जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ खरीदी जा रही है जमीन
यीडा के सीईओ ( CEO) राकेश कुमार सिंह ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने तकरीबन 4856 करोड़ रुपये से 2700 एकड़ जमीन क्रय की है। यह जमीन पूर्व नियोजित सेक्टरों के अलावा मास्टर प्लान 2041 में नियोजित सेक्टरों में भी खरीदी गई है। प्राधिकरण आगामी वित्त वर्ष के लिए भी जमीन खरीद की मद में सबसे अधिक धनराशि आवंटित करने की योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि यीडा के बजट में पिछले दो वित्त वर्ष से सबसे अधिक आवंटन जमीन खरीद के लिए हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट स्थापित होने के बाद से प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे जमीन की मांग में भी तेजी आई है। उन्होंने बताया कि जमीन क्रय के लिए धनराशि की कमी दूर करने के लिए यीडा ने मुख्यमंत्री औद्योगिक विस्तारीकरण योजना का लाभ उठाया है। इस योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान है। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण अभी तक इस योजना के तहत प्रदेश सरकार से तीन हजार करोड़ का ऋण ले चुका है। चालू वित्त वर्ष में भी प्राधिकरण के लिए प्रदेश सरकार ने डेढ़ हजार करोड़ रुपये का ऋण को मंजूर किया है।
YEIDA का लैंड बैंक: कहां-कहां फैला है पूरा क्षेत्र ?
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण का यह विशाल क्षेत्र उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में फैला हुआ है। इन जिलों में गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस तथा आगरा जिले शामिल हैं। इस पूरे क्षेत्र को यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर करीब 25 किलोमीटर के दायरे में विकसित किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट इसी लैंड बैंक के केंद्र में स्थित है, जिससे इस पूरे इलाके की अहमियत कई गुना बढ़ गई है।
लैंड बैंक का सेक्टर-वाइज उपयोग (योजनाबद्ध वितरण)
YEIDA के मास्टर प्लान के अनुसार, करीब 2,689 वर्ग किलोमीटर के इस लैंड बैंक को अलग-अलग उपयोगों के लिए चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है—
· औद्योगिक क्षेत्र:
भारी उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, MSME क्लस्टर, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स
· आवासीय क्षेत्र:
ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड हाउसिंग, किफायती आवास
· वाणिज्यिक क्षेत्र:
ऑफिस स्पेस, आईटी पार्क, बिजनेस डिस्ट्रिक्ट
· लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग:
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सपोर्ट ज़ोन
· संस्थागत और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर:
विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, रिसर्च सेंटर
· ग्रीन और बफर ज़ोन:
पर्यावरण संतुलन के लिए बड़े ग्रीन बेल्ट
जेवर एयरपोर्ट के आसपास सबसे ज्यादा फोकस क्यों?
जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 10–15 किलोमीटर के दायरे में स्थित जमीन को YEIDA ने हाई-प्रायोरिटी डेवलपमेंट ज़ोन घोषित किया है। इसी क्षेत्र में एयरोसिटी, फिल्म सिटी, एयरपोर्ट आधारित उद्योग, होटल और कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि YEIDA के पूरे लैंड बैंक में सबसे अधिक रिटर्न और विकास की रफ्तार जेवर एयरपोर्ट इन्फ्लुएंस ज़ोन में देखने को मिलेगी।
निवेश और रोजगार के लिहाज से कितना अहम है यह लैंड बैंक ?
- करीब 2.68 लाख हेक्टेयर के इस लैंड बैंक पर योजनाबद्ध विकास से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार, उत्तर भारत का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल क्लस्टर, निर्यात आधारित उद्योगों को नया केन्द्र तैयार होने की संभावना है।
- YEIDA क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के ग्रोथ इंजन के रूप में देखा जा रहा है, जहां जमीन उपलब्ध है, कनेक्टिविटी मजबूत है और नीतियां निवेश-अनुकूल हैं। इस विशाल क्षेत्र को जोड़ने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से लिंक, प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं इसे देश के सबसे बेहतर कनेक्टेड औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल कर रही हैं।
- करीब 2,689 वर्ग किलोमीटर का यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण का लैंड बैंक केवल जमीन का आंकड़ा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य की रीढ़ है। जेवर एयरपोर्ट के साथ जुड़कर यह लैंड बैंक आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और शहरी विकास का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा। साथ ही जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ सबसे सुन्दर तथा सबसे बड़ा शहर स्थापित हो जाएगा। Jewar Airport












