कब है गोपाष्टमी? जानें गौ माता की पूजा का शुभ मुहूर्त
भारत
चेतना मंच
28 Oct 2025 04:40 PM
दीपावली,गोवर्धन पूजा,भेया दूज और छठ के बाद अब हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी, गोपियों और गौ माता की आराधना के लिए बेहद ही शुभ माना जाता है। गोपाष्टमी को “गायों की पूजा का पर्व” भी कहा जाता है, क्योंकि इसी दिन नंद बाबा ने भगवान श्रीकृष्ण को पहली बार गौ-सेवा का उत्तरदायित्व सौंपा था। Gopashtami 2025
सनातन परंपराओं के अनुसार इस पावन दिन गौमाता की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख, समृद्धि व शांति आती है। इस दिन गोपियों की पूजा का विधान है क्योंकि उनकी पूजा करने से व्यक्ति में प्रेम और समर्पण का भाव भगवान के प्रति बढ़ता है। ऐसे हम आपको बताएगें हैं। कि इस साल कब मनाई जाएगी गोपाष्टमी, क्या है। पूजा का शुभ मुहूर्त। Gopashtami 2025
गोपाष्टमी का धार्मिक महत्व
गोपाष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि “सेवा और समर्पण” का भी प्रतीक है। इस दिन गौमाता की सेवा करने से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलता है, बल्कि मन की शुद्धि और आत्मिक शांति भी प्राप्त होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बाल्यावस्था में जब श्रीकृष्ण ने नंद महाराज से कहा कि अब वे गायों की सेवा करेंगे, तभी से यह दिन गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाने लगा। गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना गया है, इसलिए इस दिन गाय की पूजा से भगवान विष्णु, ब्रह्मा, महेश और समस्त देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। गोपाष्टमी पर राधा-कृष्ण और गोपियों की भी आराधना की जाती है, जिससे व्यक्ति के भीतर प्रेम, करुणा और भक्ति की भावना जागृत होती है।
2025 में कब हैगोपाष्टमी ?
इस वर्ष में गोपाष्टमी 30 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि की शुरुआत 29 अक्टूबर, बुधवार सुबह 9:23 बजे से होगी और इसका समापन 30 अक्टूबर, गुरुवार सुबह 10:06 बजे होगा। उदय तिथि के अनुसार पर्व 30 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। गोपाष्टमी पर गौ पूजन का शुभ मुहूर्त समय सुबह 7:57 बजे से 8:25 बजे तक रहेगा। इस दौरान गायों, बछड़ों और श्रीकृष्ण-राधा की विधिवत पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है और व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर होती है।
1.प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2.पूजा स्थल को साफ कर रंगोली और दीपक से सजाएं।
3.गौमाता और बछड़े को स्नान कराएं, फिर हल्दी, रोली, फूल और चंदन से श्रृंगार करें।
4.उन्हें हरा चारा, गुड़, फल और रोटी खिलाएं।
5.श्रीकृष्ण और राधा की पूजा करें, फिर गौमाता की आरती कर उनकी परिक्रमा करें।
6.पूजा के बाद गौशाला में चारा या दान देना शुभ माना जाता है। Gopashtami 2025
ब्रजभूमि में गोपाष्टमी उत्सव
उत्तर प्रदेश के मथुरा, वृंदावन और गोकुल में यह पर्व बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। भक्तजन सुबह से ही गौशालाओं में जाकर गायों को सजाते हैं, उन्हें पुष्पमालाएं पहनाते हैं। श्रीकृष्ण के भजन-कीर्तन करते हैं। माना जाता है कि इस दिन गाय की चरणरज माथे पर लगाने से पापों से मुक्ति मिलती है। जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। Gopashtami 2025