
Kerala Temples :[/caption]
वेंकटेश्वर मंदिर, तिरुपति (Venkateswara Temple)
आंध्र प्रदेश के पहाड़ी शहर तिरुमाला में स्थित, श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर दक्षिण भारत के प्रसिद्ध और राजसी मंदिरों में से एक है। यहाँ भगवान विष्णु के एक अवतार की पूजा होती है जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने यहां मानव जाति के उद्धारकर्ता के रूप में खुद को प्रकट किया था। हर दिन हजारों भक्त इस मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं। इन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे तिरुमाला मंदिर, तिरुपति मंदिर, तिरुपति बालाजी मंदिर आदि।मंदिर प्रांगण मे बनाये गये अनेक द्वार,मंडपम,और छोटे मंदिर है जो अपने आप मे काफी महत्त्व रखते है ।तिरुपति मंदिर का भक्तिमय वातावरण मन को श्रद्धा और आस्था से भर देता है । पचास हजार से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन करने आते है । ये भारत के सबसे अमीर मंदिरो मे से एक है ।
Kerala Temples : Shree Padmanabhaswamy Temple
यह मंदिर केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित है । इसका निर्माण देशी केरल शैली और वास्तुकला की तमिल शैली के जटिल मिश्रण में किया गया है।इस मंदिर के बारे मे मान्यता है कि पहले यहां भगवान विष्णु की प्रतिमा प्राप्त हुई थी,जिसके बाद वहा पर मंदिर का निर्माण हुआ ।मंदिर की महीन कारीगरी का कमाल देखने योग्य है । ये मंदिर दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में शुमार है।
[caption id="attachment_80415" align="aligncenter" width="640"]
Kerala Temples :[/caption]
अयप्पा मंदिर, सबरीमाला (Sabarimala Sree Dharma Sastha Temple)
Kerala Temples : सबरीमाला मंदिर, भगवान अयप्पा को समर्पित, सभी मंदिरों में सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख मंदिरों में से एक है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। यह मंदिर चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ यह मंदिर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 175 किलोमीटर दूर पहाड़ियों पर स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए 18 पावन सीढ़ियों को पार करना पड़ता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी वार्षिक तीर्थयात्राओं में से एक है, जो हर साल 100 मिलियन से अधिक भक्तों को आकर्षित करता है।
रामनाथस्वामी मंदिर, रामेश्वरम (Ramanathaswamy Temple )
तमिलनाडु में रामेश्वरम द्वीप पर स्थित, रामनाथस्वामी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है । यह मंदिर देश के बारह पवित्र ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक है ।पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम ने भगवान भोलेनाथ से रावण के वध के बाद क्षमा मांगने के लिए यहाँ शिवलिंग की पूजा की थी और तब से यह स्थान एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। खूबसूरत वास्तुकला और आध्यात्मिक महत्व का एक आदर्श मिश्रण, रामेश्वरम मंदिर, जिसे तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। प्राचीन कथाओं के अनुसार, मंदिर परिसर में 112 तालाब हुआ करते थे, जिनमें से केवल 12 शेष हैं।
दक्षिण भारत के ये लोकप्रिय मंदिर स्थापत्य कला और वास्तु कला का बेजोड़ नमूना है । दक्षिण भारत में मंदिर न केवल स्थापत्य बुद्धि का प्रतीक हैं बल्कि समृद्ध परंपरा और संस्कृति का जीवंत प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने भारत को गौरवान्वित किया है।