Margashirsha Maas 2023: गीता में भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं को कहा मार्गशीर्ष माह,जानें किन उपायों से मिलता है मोक्ष का मार्ग
आरंभ हुआ मार्गशीर्ष माह
Margashirsha Maas 2023
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:21 AM
Margashirsha Maas 2023 : भगवान श्री विष्णु की भक्ति का एक ओर माह मार्गशीर्ष का आरंभ आज से हो रहा है. " भगवान श्री कृष्ण गीता में स्वयं कहते हैं कि महीनों में, मैं मार्गशीर्ष हूँ". अत: ऎसे उत्तम ओर पावन माह के आगमन के साथ ही आरंभ हो जाती है भक्ति की नवीन धारा. हर कोई भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में डूबा हुआ होता है. मार्गशीर्ष माह को एक अन्य नाम अगहन से भी जाना जाता है. सामान्य लोक प्रचलन में अगहन माह को लोग भगवान की भक्ति एवं पवित्र स्नान, साधना एवं दान हेतु बहुत ही शुभ मानते हैं.
kab hai Margashirsha Maas
मार्गशीर्ष माह जब भगवान श्री राम का सीता जी से हुआ विवाह
कार्तिक माह की समाप्ति के पश्चात जब मार्गशीर्ष माह का आगमन होता है तब मान्यताओं के अनुसार भगवान का भी सभी के घर आंगन में निवास होता है. इस शुभ समय पर कई तरह के मांगलिक एवं शुभ कार्यों को किया जाता है. इस माह के दौरान जो व्रत एवं त्यौहार आते हैं वह सभी बेहद विशेष माने गए हैं. शास्त्रों के अनुसार इसी माह के दौरान भगवान श्री राम जी का देवी सीता के साथ विवाह संपन्न होता है जिसके उपलक्ष्य में विवाह पंचमी जैसे बेहद ही शुभ पर्व मनाया जाता है.
मार्गशीर्ष माह में भक्ति और शक्ति का महात्म्य
मार्गशीर्ष माह को बेहद शुभ समय माना गया है. इस समय को भगवान को श्री कृष्ण का आशीष प्राप्त होने के कारण ही यह इतना पवित्र माह हो जाता है. इस माह के दौरान भगवान श्री कृष्ण पूजन का विधान बहुत विशेष होता है. शास्त्रों के अनुसार इस समय पर किए जाने वाले धार्मिक कृत्यों के द्वारा मोक्ष का मार्ग भी सक्षम हो जाता है. इस माह के दौरान किए जाने वाले कुछ कार्यों के द्वारा जीवन को सकारात्मक एवं आध्यात्मिक रुप से उन्नत कर पाना संभव होता है.
मार्गशीर्ष माह में इन उपायों से मिलता है सुख
मार्गशीर्ष माह में किए जाने वाले उपायों का प्रभाव भक्तों को बहुत ही शुभ फल देता है. इस समय पर जीवन में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती है ओर इन उपायों के कारण व्यक्ति कई तरह के शुभ लाभ को पाने में सफल रहता है.
मार्गषीर्ष माह में गीता उपासना करना अत्यंत विशेष होता है. इस समय पर भागवत गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए. माना जाता है की इस समय पर किया जाने वाला गीता का स्वाध्याय भक्तों को शक्ति एवं समृद्धि का सुख प्रदान करता है.
मार्गशीर्ष माह पर भगवान विष्णु के विभिन्न रुपों का पूजन किया जाता है. इस समय पर चतुर्भुज रुप में श्री विष्णु का पूजन भक्तों को कष्टों से मुक्ति प्रदान करने वाला होता है. इस समय पर भगवान के इस रुप का पूजन सार पुरुषार्थों को देने वाला भी माना गया है.
आचार्या राजरानी