Singh Sankranti 2023: सिंह संक्रांति कब है? इस दिन इस एक चीज का दान करने से मिलता है प्रसिद्धि का योग
Singh Sankranti 2023
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:36 AM
Singh Sankranti 2023: सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना संक्रांति कहलाता है. हर वर्ष सूर्य 12 राशियों में भ्रमण करता है जिसे एक सौर वर्ष के रुप से भी जाना जाता है. एक के बाद एक राशि में विचरण करते हुए सूर्य की स्थिति एवं उसके प्रभावों में कुछ न कुछ अंतर भी अवश्य दिखाई देता है. इसी में सिंह राशि में सूर्य का जाना सिंह संक्रांति का खास समय होता है. सिंह संक्रांति के समय पर किया गया स्नान दान अमोघ फल प्रदान करने वाला कार्य माना गया है
snan daan samay importance and impact of singh sankrantiwhat is the date of sankranti इस वर्ष सिंह संक्रांति 17 अगस्त 2023 को मनाई जाएगी. सिंह संक्रांति के दिन पर कई प्रकार के धार्मिक कर्म किए जाते हैं इसमें दान, स्नान जप तप की महिमा बहुत अधिक मानी गई है. सिंह संक्रांति के दिन एक वस्तु का दान करना बेहद ही शुभ और विशेष माना गया है. सिंह संक्रांति के दिन घी के दान की महत्ता इस प्रकार रही है की इस संक्रांति को कुछ स्थानों में घी संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन पर अपनी सामर्थ्य अनुसार किए गए दान का प्रभाव कई गुना प्राप्त होता है.
2023 सिंह संक्रान्ति दान पुण्यकाल समय singh sankranti time shubh muhurat puja vidhi:
सिंह संक्रान्ति पुण्य काल मुहूर्त 17 अगस्त 2023 को बृहस्पतिवार, के दिन से होगा. सिंह संक्रान्ति पुण्य काल 06:44 से 13:44 तक रहने वाला है. सिंह संक्रान्ति महा पुण्य काल 11:33 से 13:44 तक रहेगा. सूर्य का सिंह संक्रान्ति में प्रवेश समय 13:44 के करीब होगा.
आइये जानते हैं सिंह संक्रांति में घी दान का महत्व Singh Sankranti 2023 Significance Of Ghee
17 अगस्त 2023 को मनाई जाने वाली संक्रांति के दिन कुछ चीजों का दान विशेष माना गया है. 17 अगस्त को सूर्य देव कर्क राशि से निकलकर अपनी राशि सिंह में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष अनुसार ये समय सूर्य के संक्रमण का काल समय होता है. कुछ विशेष समय काल के दौरान यदि कुछ कार्यों को कर लिया जाता है तो उसके द्वारा नकारात्मक चीजें शांत होती हैं तथा सकारात्मक ऊर्जाओं की शक्ति व्यक्ति को प्राप्त होती है.
सिंह राशि सूर्य के स्वामित्व की राशि है. इस संक्रमण काल के समय सूर्य का जल तत्व युक्त कर्क राशि से निकल कर अग्नि तत्व युक्त सिंह राशि में जाना कई तरह के बदलावों का सूचक बनता है. इस समय पर वातावरण में होने वाले बदलाव का असर सीधे व्यक्ति पर पड़ता है अत: इस कारण से इस समय के दोरान स्नान कार्य को बेहद जरूरी माना गया है. उसी के साथ साथ कुछ वस्तुओं का दान भी धार्मिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अनुकूल होता है. घी एक ऎसा पदार्थ है जो शक्ति एवं ऊर्जा को प्रदान करता है. इस समय पर इस वस्तु का हव यज्ञ इत्यादि में उपयोग किया जाना वातावरण में मौजूद अशुद्धियों को समाप्त करने में सहायक बनता है तथा शुभता का संचार इसके द्वारा होता है.
सिंह संक्रांति महत्व importance of singh sankranti
इस दिन घी के सेवन करने की ओर अधिक बल दिया जाता है, इस दिन घी खाने से व्यक्ति पशु योनि से मुक्ति पाता है तथा उसके पुण्य कर्मों में वृद्धि होती है. इस संक्रांति से संबंधित धार्मिक साक्ष्यों में संक्रांति समय स्नान दान जप तप की महिमा का वर्णन विस्तार पूर्वक प्राप्त होता है. सूर्य देव के साथ इस दिन पितरों को भी नमस्कार किया जाता है. पित्तरों के निमित्त दान कार्य संपन्न होता है. इस पावन पर्व के दिन भगवान विष्णु का पूजन होता है तथा श्री हरि के अन्य स्वरुप भगवान नरसिम्हा की पूजा का भी विशेष विधान बताया गया है.
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