कब है तुलसी विवाह? जानें तुलसी विवाह पर कितने दिए जलाए
भारत
चेतना मंच
29 Oct 2025 12:54 PM
तुलसी का पौधा धार्मिक व स्वास्थ की दृस्टि से अनमोल है। भारत के लाखों घरो में तुलसी के पौधों की पूजा भी होती है। साथ ही तुलसी विवहा का महत्व भी हमारी संस्कृत में अहम है। हिंदू पंचांग के अनुसार, तुलसी विवाह हर साल देवउठनी एकादशी या द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में तुलसी विवाह एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें पवित्र तुलसी पौधे का विवाह तुलसी और विष्णु (या उनके शालिग्राम स्वरूप) के साथ संपन्न किया जाता है। पवित्र तुलसी पौधे को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है यह विवाह चतुर्मास (विवाह आदि के लिए असमय अवधि) के अंत को दर्शाता है और विवाह-ऋतु की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। Tulsi Vivah 2025
तुलसी विवाह का महत्व
तुलसी विवाह हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और शुभ पर्व है। यह पर्व देवउठनी एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप का विवाह देवी तुलसी (वृंदा) से कराया जाता है। तुलसी विवाह को “देव विवाह” भी कहा जाता है, क्योंकि यह देवताओं के विवाह का प्रतीक है। तुलसी विवाह का पर्व न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह परिवार में प्रेम, एकता और समृद्धि का प्रतीक भी है। इस वर्ष तुलसी विवाह पर दीये जलाने का यह अवसर है, जिसमें सही तिथि, समय और विधि का पालन कर आप अपने घर-परिवार में आनंद, समृद्धि एवं सौभाग्य ला सकते हैं। जिन्हें अपनाने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और सौभाग्य का निवास होता है, साथ ही धन और वैभव में वृद्धि होती है। Tulsi Vivah 2025
तुलसी विवाह 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
तिथि: रविवार, 2 नवंबर 2025
पर्व: तुलसी विवाह (देवउठनी द्वादशी)
मुहूर्त प्रारंभ: सुबह 07:31 बजे से
समापन: अगले दिन प्रातः तक (स्थानानुसार भिन्नता संभव)
इस दिन भगवान विष्णु और माता तुलसी का विवाह पूरे विधि-विधान से किया जाता है। घरों में मण्डप सजाए जाते हैं, तुलसी को सोलह श्रृंगार से सजाया जाता है। दीपक जलाकर पूजा की जाती है।
तुलसी के पास 5, 11 या 21 दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
दीपक को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके रखें।
घी का दीपक जलाना सर्वोत्तम है, परंतु सरसों या तिल के तेल का दीपक भी शुभ होता है।
दीपक इस प्रकार रखें कि तुलसी की पत्तियों पर आंच न पड़े।
दीप जलाने का सर्वोत्तम समय गोधूलि बेला (सूर्यास्त के समय) माना गया है।
अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार 11, 21, 51 या 108 दीये भी जला सकते हैं।
तुलसी विवाह के दिन दीपदान का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, तुलसी के पास विषम संख्या में दीये जलाने चाहिए। Tulsi Vivah 2025
तुलसी विवाह पर दीपदान के लाभ
घर में धन, समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है।
माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।
घर में सुख-शांति और प्रेम बढ़ता है।
नकारात्मक ऊर्जा और कलह का नाश होता है।
तुलसी विवाह के दिन श्रद्धा भाव से दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शास्त्रों के अनुसार इसके अनेक लाभ बताए गए हैं Tulsi Vivah 2025