India Hidden Peaks: भारत की 3 ऐसी खूबसूरत चोटियां जो ट्रेकर्स के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन

भारत में एडवेंचर और ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए कई छुपी हुई चोटियां मौजूद हैं। इन चोटियों पर ट्रेकिंग के दौरान हरे-भरे जंगल, घाटियां और सूर्योदय के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। ये जगहें न सिर्फ एडवेंचर प्रेमियों बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यादगार अनुभव प्रदान करती हैं।

Places to Visit
Best Hidden Peaks in India for Trekking
locationभारत
userअसमीना
calendar22 Feb 2026 09:55 AM
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भारत सिर्फ ऐतिहासिक स्थलों और बीचेस के लिए ही नहीं जाना जाता बल्कि यहां की पहाड़ियां और चोटियां भी अपनी अद्भुत सुंदरता के लिए मशहूर हैं। ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए भारत में कई ऐसी चोटियां हैं जिनका नजारा देखने के बाद आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियां तो सब जानते हैं लेकिन भारत में कुछ ऐसी छुपी हुई चोटियां भी हैं जिन्हें देखना हर एडवेंचर लवर के लिए जरूरी है।

महाराष्ट्र की कलसूबाई पीक (Kalsubai Peak Maharashtra)

महाराष्ट्र की नासिक जिले में स्थित कलसूबाई पीक लगभग 5,400 फीट ऊंची है और ट्रेकिंग के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है। इस ट्रेक की शुरुआत बरी के बेस गांव से होती है जहां से लोहे की सीढ़ियों और एडवेंचर ट्रैक के जरिए पीक तक पहुंचा जा सकता है। पीक पर पहुंचते ही आपका दिल थाम जाएगा क्योंकि यहां से नजारा वाकई अद्भुत होता है। कठिनाइयों के बावजूद यहां की प्राकृतिक सुंदरता आपके हर थकान को भुला देगी।

कर्नाटक की नेत्रावती पीक (Netravati Peak Karnataka)

कर्नाटक की नेत्रावती पीक भी ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए एक आदर्श जगह है। यहां तक पहुंचने के लिए लगभग 6 किलोमीटर का ट्रेक करना पड़ता है। इस दौरान आपको हरे-भरे पहाड़ और प्राकृतिक नजारे देखने को मिलेंगे। चोटी पर पहुंचने के बाद सूर्योदय और आसपास के घाटियों का दृश्य बेहद मनमोहक होता है। यह जगह शांति और एडवेंचर दोनों का अद्भुत मिश्रण पेश करती है।

कुलकुमलाई पीक तमिलनाडु (Kulkumlai Peak Tamil Nadu)

तमिलनाडु की कुलकुमलाई पीक अपने सुर्योदय के दृश्य के लिए प्रसिद्ध है। ट्रेक की शुरुआत इडुक्की जिले से होती है और सुबह के समय इस चोटी पर पहुंचना सबसे बेहतरीन अनुभव देता है। यदि आप सूर्योदय देखना चाहते हैं तो सुबह लगभग 3 बजे ट्रेक शुरू करना पड़ता है। यहां से दिखाई देने वाले नजारे न सिर्फ खूबसूरत हैं बल्कि आपको ट्रेकिंग की थकान भी भूल जाने पर मजबूर कर देंगे।

ट्रेकिंग करते समय मौसन का रखें खास ध्यान

इन तीनों चोटियों पर ट्रेकिंग करते समय मौसम का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। उचित जूते, पानी और सुरक्षा उपकरण के साथ ही ट्रेक पर निकलें। ये ट्रेक न सिर्फ एडवेंचर प्रेमियों के लिए बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यादगार अनुभव प्रदान करते हैं। भारत में ऐसी कई छुपी हुई चोटियां हैं जिन्हें देखने के बाद आप अपने ट्रेकिंग और एडवेंचर के अनुभव को कभी नहीं भूलेंगे। कलसूबाई, नेत्रावती और कुलकुमलाई पीक जैसे स्थल हर एडवेंचर लवर की लिस्ट में जरूर होने चाहिए।

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इफ्तार में एक दफा ट्राई करें शाही खजूर की खीर, हर कोई हो जाएगा दीवाना

खजूर की खीर एक स्वादिष्ट और पौष्टिक मिठाई है। यह खास तौर पर रमजान और इफ्तार के लिए बनती है। इसमें खजूर की प्राकृतिक मिठास और दूध का स्वाद मिलता है। खीर बनाने की विधि आसान और समय कम लगने वाली है। आप इसे गरम या ठंडा दोनों तरह परोस सकते हैं।

Khajur Ki Kheer Recipe
खजूर की खीर रेसिपी
locationभारत
userअसमीना
calendar21 Feb 2026 04:34 PM
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रमजान का महीना आते ही घरों में रौनक बढ़ जाती है। दिनभर के रोज़े के बाद जब इफ्तार का वक्त होता है तो हर घर में कुछ खास बनाने की चाह रहती है। इस पवित्र महीने में खजूर का खास महत्व होता है। पैगंबर साहब की सुन्नत के अनुसार रोज़ा खजूर से खोला जाता है इसलिए इफ्तार की थाली में इसका होना लगभग तय होता है। ऐसे में अगर उसी खजूर से एक स्वादिष्ट और सेहतमंद मिठाई बना ली जाए तो इफ्तार की मिठास दोगुनी हो जाती है। अगर आप भी इस बार कुछ अलग और खास बनाना चाहती हैं तो खजूर की खीर एक बेहतरीन विकल्प है। यह खीर स्वाद में शाही लगती है लेकिन बनाने में बिल्कुल आसान है। चलिए जानते हैं खजूर की खीर बनाने की रेसिपी।

खजूर की खीर की सामग्री

  • 1 लीटर फुल क्रीम दूध
  • 8–10 बीज निकाले हुए खजूर
  • 2 बड़े चम्मच भीगे हुए चावल
  • 1 बड़ा चम्मच घी
  • 8–10 काजू (कटे हुए)
  • 8–10 बादाम (कटे हुए)
  • 1 बड़ा चम्मच पिस्ता (कटे हुए)
  • ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
  • 1 चुटकी केसर (वैकल्पिक)
  • चीनी (जरूरत हो तो, वरना खजूर की मिठास काफी होती है)

खजूर की खीर बनाने की विधि

  • खजूर की खीर बनाने के लिए सबसे पहले खजूर को अच्छी तरह धोकर उनके बीज निकाल लें। फिर इन्हें आधा कप गर्म दूध में लगभग 15–20 मिनट के लिए भिगो दें ताकि वे नरम हो जाएं।
  • जब खजूर अच्छे से फूल जाएं तो इन्हें मिक्सर में पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। अब एक भारी तले के बर्तन में लगभग एक लीटर दूध गरम करें।
  • दूध में उबाल आने पर भीगे हुए चावल डाल दें। आंच धीमी रखें और दूध को तब तक पकने दें जब तक चावल पूरी तरह गल न जाएं और दूध गाढ़ा न हो जाए।
  • जब खीर अच्छी तरह पक जाए तो इसमें खजूर का पेस्ट डालें और लगातार चलाते रहें। धीरे-धीरे खीर का रंग हल्का भूरा होने लगेगा और खुशबू पूरे घर में फैल जाएगी।
  • अब एक छोटे पैन में थोड़ा घी गरम करके कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ते हल्के सुनहरे होने तक भून लें। इन्हें खीर में डाल दें। साथ ही इलायची पाउडर और अगर चाहें तो थोड़ा सा केसर वाला दूध भी मिला दें। पांच मिनट धीमी आंच पर पकाकर गैस बंद कर दें।

इफ्तार में जरूर ट्राई करें खजूर की खीर

इसे आप गरमागरम भी परोस सकती हैं लेकिन ठंडा करने के बाद इसका स्वाद और भी निखर जाता है। मिट्टी के छोटे बर्तनों में भरकर फ्रिज में ठंडा करें और ऊपर से थोड़ा पिस्ता या चांदी का वर्क सजा दें। इस रमजान, अपनी इफ्तार की मेज पर खजूर की यह शाही खीर जरूर शामिल करें। यकीन मानिए एक बार जो इसका स्वाद चखेगा वह बार-बार इसे बनाने की फरमाइश करेगा। स्वाद, सेहत और सादगी का ऐसा मेल बहुत कम मिठाइयों में देखने को मिलता है।

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बार-बार बन रहा है ओवरी सिस्ट? तुरंत हो जाएं अलर्ट

Ovarian Cyst: ओवेरियन सिस्ट आजकल महिलाओं में एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन सही जानकारी और समय पर ध्यान देने से इसे मैनेज किया जा सकता है। इस आर्टिकल में जानिए ओवरी में सिस्ट क्यों होता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं, किन योगासन और लाइफस्टाइल बदलाव से राहत मिल सकती है।

ovarian cyst
ओवेरियन सिस्ट क्या है
locationभारत
userअसमीना
calendar21 Feb 2026 04:03 PM
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आजकल ओवेरियन सिस्ट की समस्या काफी आम हो गई है। कई महिलाएं अचानक पेट के निचले हिस्से में दर्द, पीरियड्स में गड़बड़ी या भारीपन महसूस करती हैं और जांच में सिस्ट का पता चलता है। ऐसे में घबराना स्वाभाविक है लेकिन हर सिस्ट खतरनाक नहीं होता। ज्यादातर सिस्ट फंक्शनल होते हैं जो पीरियड्स साइकिल का हिस्सा होते हैं और समय के साथ अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। हालांकि, अगर सिस्ट बार-बार बन रहे हैं या ज्यादा दर्द दे रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ-साथ कुछ योगासन और लाइफस्टाइल बदलाव इस समस्या को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। आइए समझते हैं कि आप क्या-क्या कर सकती हैं।

कोमल हिप-ओपनिंग योगासन करें

कुछ ऐसे योगासन हैं जो पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाते हैं और तनाव कम करते हैं। इससे ओवरी और आसपास की मांसपेशियों को राहत मिल सकती है। सुप्त बद्ध कोणासन पेल्विक हिस्से में रक्त प्रवाह बढ़ाता है और शरीर को रिलैक्स करता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं और घुटनों को बाहर की ओर ढीला छोड़ दें। मलासन एक डीप स्क्वैट पोज है जो हिप्स और पेल्विक फ्लोर को खोलने में मदद करता है। सेतु बंधासन पेल्विक अंगों को मजबूती देता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है। इन आसनों को धीरे-धीरे और आराम से करें। अगर दर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।

हेल्दी और हार्मोन-फ्रेंडली डाइट लें

डाइट का सीधा असर हार्मोन पर पड़ता है। बहुत ज्यादा ठंडा या कच्चा खाना कम करें खासकर अगर शरीर पहले से सेंसिटिव है। गर्म, ताजा और संतुलित भोजन लेना बेहतर होता है। घी, नट्स और एवोकाडो जैसे हेल्दी फैट्स शामिल करें। पत्तागोभी, फूलगोभी और ब्रोकोली जैसी सब्जियां शरीर से अतिरिक्त एस्ट्रोजन को बाहर निकालने में मदद करती हैं जिससे हार्मोन संतुलन बेहतर हो सकता है।

प्राणायाम से करें हार्मोन बैलेंस

तनाव ओवेरियन सिस्ट की समस्या को बढ़ा सकता है। ऐसे में कुछ खास प्राणायाम फायदेमंद हो सकते हैं। नाड़ी शोधन प्राणायाम मन को शांत करता है और हार्मोनल संतुलन में मदद करता है। भ्रामरी प्राणायाम तनाव कम करता है और नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करता है।

रोजाना कुछ मिनट प्राणायाम करने से मन और शरीर दोनों को राहत मिलती है।

तनाव कम करना है जरूरी

लगातार तनाव हार्मोनल असंतुलन को और बिगाड़ सकता है। इसलिए मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। रोज कुछ मिनट शांति से बैठकर गहरी सांस लें। अपनी पसंद की एक्टिविटी के लिए समय निकालें। चाहे वह किताब पढ़ना हो, म्यूजिक सुनना हो या हल्की वॉक करना हो। पर्याप्त नींद लेना भी बेहद जरूरी है।

कैस्टर ऑयल पैक का इस्तेमाल

कुछ लोग पेट के निचले हिस्से पर कैस्टर ऑयल पैक का उपयोग करते हैं जिससे सूजन और दर्द में राहत मिल सकती है। यह लिम्फेटिक सिस्टम को एक्टिव करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल हमेशा किसी एक्सपर्ट की सलाह से ही करें। गलत तरीके से उपयोग करने पर फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है। इन सभी उपायों को अपनाने से ओवेरियन सिस्ट को मैनेज करने में मदद मिल सकती है लेकिन अगर तेज दर्द, लगातार ब्लीडिंग या सिस्ट का आकार बढ़ रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर इलाज और संतुलित लाइफस्टाइल से इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

 

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