उदयपुर टूर की कर ली है प्लानिंग! बिल्कुल मिस न करें ये प्लेस

Places to Visit in Udaipur : उदयपुर अपनी खूबसूरत झीलों, भव्य महलों और अरावली पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। यहां सिटी पैलेस, पिछोला झील, फतेह सागर झील, सज्जनगढ़ पैलेस और जगदीश मंदिर जैसी प्रमुख जगहें घूमने लायक हैं। अगर आप उदयपुर की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो यह गाइड आपके लिए है।

Udaipur Beauty
Best Place to Visit in Udaipur
locationभारत
userअसमीना
calendar15 Jan 2026 01:53 PM
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राजस्थान का उदयपुर जिसे ‘झीलों का शहर’ कहा जाता है। उदयपुर अपने भव्य महलों, खूबसूरत झीलों और अरावली पहाड़ियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। उदयपुर न केवल डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए लोकप्रिय है बल्कि घूमने के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है। हर साल हजारों लोग उदयपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर देखने आते हैं। अगर आप उदयपुर की यात्रा पर जा रहे हैं तो यहां की खास जगहें आपके अनुभव को यादगार बना देंगी।

पिछोला झील और जगमंदिर आइलैंड पैलेस

पिछोला झील उदयपुर की खूबसूरती का प्रतीक है। झील के बीच बने जगमंदिर आइलैंड पैलेस की संगमरमर की इमारतें और हरे-भरे बगीचे इसे और भी आकर्षक बनाते हैं। शाम के समय यहां बोट राइड करना एक अविस्मरणीय अनुभव है जब झील में महलों की परछाई और पानी का प्रतिबिंब नजर आता है।

सिटी पैलेस (City Palace)

सिटी पैलेस उदयपुर की सबसे प्रमुख और पहचान वाली जगह है। यह महल परिसर राजपूत और मुगल वास्तुकला का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। सिटी पैलेस के आंगन, बालकनी और संग्रहालय आपको मेवाड़ की समृद्ध संस्कृति के करीब ले जाते हैं। यहां से पिछोला झील का नजारा सूरज ढलते समय बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।

सज्जनगढ़ (मानसून पैलेस)-Sajjangarh (Monsoon Palace)

सज्जनगढ़, जिसे मॉनसून पैलेस भी कहा जाता है, पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और पूरे उदयपुर और उसकी झीलों का शानदार दृश्य पेश करता है। यहां से सूरज ढलते समय का नजारा देखने लायक होता है जो आपके कैमरे में हमेशा के लिए तस्वीर बन कर रह जाएगा।

फतेह सागर झील (Fateh Sagar Lake)

फतेह सागर झील शहर के हलचल भरे जीवन से दूर शांति और सुकून का अनुभव कराने के लिए एक आदर्श जगह है। यहां आप टहलने या नाव की सवारी का आनंद ले सकते हैं। झील के किनारे बने कैफे और बोटिंग पॉइंट इसे परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए और भी खास बनाते हैं।

जगदीश मंदिर (Jagdish Temple)

सिटी पैलेस के पास स्थित जगदीश मंदिर 17वीं सदी का एक ऐतिहासिक मंदिर है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। इसकी बारीक नक्काशी और मूर्तियां मेवाड़ की कला और कारीगरी को बखूबी दर्शाती हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि कला प्रेमियों के लिए भी आकर्षक स्थल है।

उदयपुर सिर्फ झीलों और महलों का शहर नहीं है बल्कि यह राजसी जीवनशैली, इतिहास और संस्कृति का जीवंत उदाहरण भी है। अगर आप उदयपुर टूर की प्लानिंग कर रहे हैं तो इन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जरूर जाएं।

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मकर संक्रांति पर क्या करें और क्या न करें? यह रही पूरी गाइड

Makar Sankranti Snan Muhurat: मकर संक्रांति 2026 का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करके उत्तरायण होते हैं। सुबह 5:27 से 6:21 बजे तक का ब्रह्म मुहूर्त स्नान के लिए सबसे शुभ माना गया है।

Makar Sankranti
मकर संक्रांति ब्रह्म मुहूर्त स्नान
locationभारत
userअसमीना
calendar14 Jan 2026 04:14 PM
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मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण हो जाते हैं। उत्तरायण का समय देवताओं का काल माना जाता है। इसलिए इस दिन स्नान और दान करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया स्नान और दान पापों का प्रायश्चित करता है और जीवन में सुख, समृद्धि और यश प्रदान करता है।

मकर संक्रांति 2026 का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष मकर संक्रांति 15 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्राह्माश्रम महाराज के अनुसार, इस दिन सुबह 4 बजे से दोपहर 3 बजे तक किसी भी समय पवित्र नदी या तीर्थ स्थल पर स्नान किया जा सकता है। विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना सबसे उत्तम माना गया है। द्रिग पंचांग के अनुसार, 15 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:27 बजे से लेकर सुबह 6:21 बजे तक रहेगा। इस समय स्नान करने से देवताओं का विशेष आशीर्वाद मिलता है।

मकर संक्रांति पर सुबह-सुबह स्नान क्यों जरूरी है?

शास्त्रों में मकर संक्रांति पर समयानुसार स्नान को अलग-अलग प्रकार के रूप में बताया गया है:

4 बजे से 5 बजे तक – मुनि स्नान: इस समय स्नान करने से बल और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

5 बजे से 6 बजे तक – देव स्नान: इस दौरान स्नान करने से धन, वैभव और यश की प्राप्ति होती है।

6 बजे से 8 बजे तक – मानव स्नान: इस समय स्नान सौभाग्य और कार्यों में सफलता दिलाता है।

8 बजे के बाद – राक्षसी स्नान: इसे निषिद्ध माना गया है क्योंकि देर से स्नान करने पर दुख और दरिद्रता आती है।

यदि किसी कारणवश पवित्र नदी या तीर्थ स्थल पर जाना संभव न हो तो घर में ही पानी में गंगाजल और तिल मिलाकर स्नान कर लें। स्नान के बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करना शुभ माना गया है।

मकर संक्रांति पर दान का महत्व

मकर संक्रांति पर स्नान के बाद दान करना बेहद शुभ होता है। इस दिन किए गए दान का पुण्य हमेशा बना रहता है। विशेष रूप से निम्नलिखित चीजों का दान करने की परंपरा है:

तिल और गुड़: शुद्धता और समृद्धि के लिए।

नवीन अन्न और खिचड़ी: गरीबों और जरूरतमंदों को खाने का दान।

कंबल और वस्त्र: सर्दियों में जरूरतमंदों की मदद।

घी: धार्मिक कार्यों और पूजा में उपयोग के लिए।

दान करने से ग्रहों की अशुभता कम होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

स्नान के बाद दान जरूरी!

मकर संक्रांति 2026 पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना और दान करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। सुबह 5:27 से 6:21 बजे तक का समय विशेष रूप से शुभ है। यदि आप इस समय स्नान और दान करते हैं तो जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का प्रवेश होता है। इस पावन पर्व पर अपने परिवार और समाज की भलाई के लिए दान करना न भूलें।

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मकर संक्रांति पर इस स्टाइल में ट्राई करें खीर, बर्तन लेकर आएंगे पड़ोसी

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति 2026 पर इस बार तिल और ड्राई फ्रूट्स से बनी गरमा-गरम तिल की खीर बनाएं। यह स्वाद में लाजवाब होने के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है। ठंडी सर्दियों में तिल की खीर शरीर को गर्माहट देती है और मन को खुश कर देती है।

Makar Sankranti Kheer
मकर संक्राति खीर रेसिपी
locationभारत
userअसमीना
calendar14 Jan 2026 03:45 PM
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मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ से बने लड्डू और बर्फी का स्वाद सबको पसंद है लेकिन क्या आपने कभी गरमा-गरम तिल की खीर ट्राई की है? अगर नहीं तो इस बार मकर संक्रांति पर इसे जरूर बनाएं। तिल, ड्राई फ्रूट्स और दूध से बनी यह खीर स्वाद में लाजवाब होने के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है। ठंडी सर्दियों में यह शरीर को गर्माहट देती है और मन को खुश कर देती है। मकर संक्रांति पर लोग तिल के लड्डू, बर्फी या पापड़ी बनाते हैं लेकिन गरमा-गरम तिल की खीर बनाकर आप परिवार और दोस्तों को चौंका सकते हैं। इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि आप लड्डू-बर्फी का स्वाद भूल जाएंगे। चलिए जानते हैं रेसिपी।

तिल की खीर बनाने की सामग्री

फुल क्रीम मिल्क – 1.5 लीटर

खजूर या गुड़ – 1/2 कप

फ्लेक्ड बादाम – 1/2 कप

कंडेंस्ड मिल्क – 1/2 कप

तिल – 1 कप

मिक्स ड्राई फ्रूट्स – 1 कप

भुने हुए काजू – 1 मुट्ठी

तिल की खीर बनाने का आसान तरीका

1. सबसे पहले एक बड़े बर्तन में दूध डालें और उसे लगातार चलाते रहें ताकि दूध जले नहीं।

2. पैन में तिल को ड्राई रोस्ट करें। जब तिल चटकने लगे तो इन्हें प्लेट में निकाल लें।

3. उसी पैन में थोड़ा घी डालकर ड्राई फ्रूट्स को हल्का सुनहरा होने तक भूनें।

4. जब दूध थोड़ा गाढ़ा होने लगे तो आंच धीमी कर दें। अब इसमें भुने तिल, कंडेंस्ड मिल्क और ड्राई फ्रूट्स डालकर 10 मिनट तक अच्छे से उबालें।

5. अगर चाहें तो गुड़ या कंडेंस्ड मिल्क की मात्रा अपने स्वाद के हिसाब से एडजस्ट कर सकते हैं।

6. आंच बंद कर दें और इसमें खजूर, गुड़ और बाकी के ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छी तरह मिलाएं।

7. आपकी स्वादिष्ट और पौष्टिक तिल की खीर तैयार है। इसे सर्दियों में गरमा-गरम परोसें और ठंड के मौसम का मजा दोगुना करें।

तिल की खीर क्यों है खास?

तिल शरीर को गर्माहट देता है और सर्दियों में पोषण का बेहतरीन स्रोत है। ड्राई फ्रूट्स और बादाम खीर को सेहतमंद बनाते हैं। यह मिठाई बिना ज्यादा तेल या घी के तैयार होती है और हल्की होती है। बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए काफी पौष्टिक भी होती है।

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