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A1 और A2 दूध का मुख्य अंतर उसमें पाए जाने वाले एक खास प्रोटीन से जुड़ा होता है। दूध में बीटा-केसीन नाम का प्रोटीन मौजूद होता है और इसी के अलग-अलग प्रकारों के आधार पर दूध को A1 और A2 में बांटा जाता है। A1 दूध में A1 बीटा-केसीन प्रोटीन पाया जाता है जबकि A2 दूध में A2 बीटा-केसीन प्रोटीन मौजूद होता है।

दूध को हमेशा से शरीर के लिए सबसे जरूरी और पौष्टिक चीजों में गिना जाता है। बचपन से ही हमें रोज दूध पीने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसमें शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं लेकिन पिछले कुछ सालों में A1 और A2 दूध को लेकर लोगों के बीच काफी चर्चा बढ़ गई है। कई लोग A2 दूध को ज्यादा हेल्दी बताते हैं तो कुछ इसे सिर्फ महंगा ट्रेंड मानते हैं। ऐसे में आम लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर A1 और A2 दूध में असली फर्क क्या है और कौन-सा दूध शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
A1 और A2 दूध का मुख्य अंतर उसमें पाए जाने वाले एक खास प्रोटीन से जुड़ा होता है। दूध में बीटा-केसीन नाम का प्रोटीन मौजूद होता है और इसी के अलग-अलग प्रकारों के आधार पर दूध को A1 और A2 में बांटा जाता है। A1 दूध में A1 बीटा-केसीन प्रोटीन पाया जाता है जबकि A2 दूध में A2 बीटा-केसीन प्रोटीन मौजूद होता है। यह अंतर गायों की नस्ल की वजह से होता है। विदेशी नस्ल की गायें जैसे जर्सी और होल्सटीन आमतौर पर A1 दूध देती हैं जबकि भारतीय देसी गायें जैसे गिर, साहीवाल और रेड सिंधी ज्यादातर A2 दूध देती हैं।
कई लोगों का मानना है कि A2 दूध पचाने में थोड़ा आसान होता है। कुछ रिसर्च में भी यह बात सामने आई है कि कुछ लोगों को A1 दूध पीने के बाद गैस, पेट फूलना या भारीपन महसूस हो सकता है। माना जाता है कि A1 प्रोटीन टूटने पर BCM-7 नाम का कंपाउंड बनता है जो कुछ लोगों के पाचन को प्रभावित कर सकता है। वहीं A2 दूध को कई लोग हल्का और पेट के लिए ज्यादा आरामदायक मानते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की बॉडी अलग होती है इसलिए इसका असर भी अलग-अलग हो सकता है।
A1 और A2 दूध देखने में लगभग एक जैसे लगते हैं लेकिन कई लोग मानते हैं कि A2 दूध थोड़ा ज्यादा गाढ़ा और क्रीमी महसूस होता है। हालांकि स्वाद में बहुत बड़ा अंतर नहीं होता और यह काफी हद तक व्यक्ति की पसंद पर निर्भर करता है।
अक्सर लोग यह देखकर हैरान हो जाते हैं कि A2 दूध की कीमत सामान्य दूध से काफी ज्यादा होती है। इसकी सबसे बड़ी वजह देसी गायों की सीमित संख्या और उनका पारंपरिक पालन-पोषण तरीका है। देसी गायों से दूध उत्पादन विदेशी नस्ल की गायों के मुकाबले कम होता है। साथ ही कई A2 दूध ब्रांड ऑर्गेनिक और नेचुरल तरीके से दूध तैयार करने का दावा करते हैं जिससे इसकी कीमत और बढ़ जाती है।
पोषण की बात करें तो दोनों तरह के दूध में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन B12 और पोटैशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यानी A1 और A2 दूध के न्यूट्रिशन में बहुत बड़ा अंतर नहीं होता। फर्क मुख्य रूप से प्रोटीन के प्रकार और पाचन क्षमता को लेकर माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति को सामान्य दूध पीने के बाद पेट से जुड़ी परेशानी होती है तो वह A2 दूध ट्राई कर सकता है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि A1 दूध नुकसानदायक है।
A2 दूध को लेकर कई बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन वैज्ञानिक दुनिया में इस पर अभी भी लगातार रिसर्च चल रही है। कुछ अध्ययन इसे पाचन के लिए बेहतर बताते हैं लेकिन अभी तक यह पूरी तरह साबित नहीं हुआ है कि A1 दूध स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सबसे जरूरी बात यह है कि दूध शुद्ध, ताजा और आपकी बॉडी के लिए सही हो। केवल ट्रेंड देखकर महंगा दूध खरीदना जरूरी नहीं है।
जिन लोगों को दूध पीने के बाद गैस या पेट दर्द की शिकायत होती है उनके लिए A2 दूध बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके अलावा छोटे बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील पाचन वाले लोगों के लिए भी इसे अच्छा माना जाता है। हालांकि हर व्यक्ति की जरूरत और शरीर अलग होता है इसलिए सही चुनाव वही है जो आपकी बॉडी को सूट करे और आपके बजट में भी फिट बैठे।
A1 और A2 दोनों तरह के दूध पोषण से भरपूर होते हैं। दोनों में जरूरी विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं। अंतर सिर्फ इनके प्रोटीन के प्रकार में है। अगर आपका पाचन सामान्य है और आपको किसी तरह की परेशानी नहीं होती तो सामान्य दूध भी पूरी तरह सही है।
वहीं अगर आपको दूध पीने के बाद पेट से जुड़ी दिक्कत होती है तो A2 दूध ट्राई किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि दूध शुद्ध और अच्छी गुणवत्ता वाला हो।
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