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यह तरीका सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन काम काफी आसान है। लोग अपने पुराने चैट, फोटो और सोशल मीडिया पोस्ट को एक AI प्लेटफॉर्म पर डाल देते हैं।

प्यार में दिल टूटना आसान नहीं होता। यादें बार-बार परेशान करती हैं और आगे बढ़ना मुश्किल लगने लगता है। ऐसे में चीन के युवाओं ने एक नया और थोड़ा अलग रास्ता खोज लिया है। अब वे अपने पुराने पार्टनर को भूलने की कोशिश नहीं कर रहे बल्कि उन्हें एक नए रूप में वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। यहां लोग Artificial Intelligence की मदद से अपने एक्स पार्टनर की एक ‘डिजिटल कॉपी’ बना रहे हैं जिससे वे बात कर सकें और अपने दिल का हाल कह सकें।
यह तरीका सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन काम काफी आसान है। लोग अपने पुराने चैट, फोटो और सोशल मीडिया पोस्ट को एक AI प्लेटफॉर्म पर डाल देते हैं। इसके बाद एक ऐसा वर्चुअल पार्टनर तैयार होता है जो बिल्कुल उसी इंसान की तरह बात करता है। उसकी बोलने की स्टाइल, पसंद-नापसंद और यहां तक कि पुरानी यादें भी उसमें शामिल होती हैं।
ब्रेकअप के बाद जो खालीपन महसूस होता है उसे भरना आसान नहीं होता। ऐसे में यह डिजिटल साथी कुछ लोगों के लिए राहत का काम कर रहा है। लोग घंटों अपने AI पार्टनर से बातें करते हैं, पुरानी यादें शेयर करते हैं और खुद को थोड़ा हल्का महसूस करते हैं। कई लोगों का कहना है कि इससे उन्हें अपने इमोशंस समझने और संभालने में मदद मिलती है।
यह ट्रेंड धीरे-धीरे काफी पॉपुलर होता जा रहा है। खासकर WeChat जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग अपने डिजिटल पार्टनर से बात करते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ यूजर्स तो अपने AI पार्टनर को इतना ट्रेन करते हैं कि वह बिल्कुल असली इंसान जैसा लगने लगता है। यही वजह है कि यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जहां कुछ लोग इसे इमोशनल हीलिंग का अच्छा तरीका मानते हैं वहीं कुछ एक्सपर्ट्स इससे चिंतित भी हैं। उनका कहना है कि यह तरीका लोगों को आगे बढ़ने से रोक सकता है और उन्हें पुरानी यादों में ही फंसा सकता है। साथ ही बिना अनुमति किसी की डिजिटल कॉपी बनाना प्राइवेसी के लिहाज से भी सही नहीं माना जा रहा।
इस ट्रेंड ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। सवाल यह है कि क्या मशीन इंसान की जगह ले सकती है? क्या AI के जरिए किसी रिश्ते की कमी पूरी की जा सकती है? फिलहाल इसका कोई सीधा जवाब नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि तकनीक अब सिर्फ काम तक सीमित नहीं रही बल्कि इंसानी भावनाओं तक भी पहुंच गई है।
अगर देखा जाए तो यह ट्रेंड कुछ लोगों के लिए सुकून देने वाला हो सकता है जबकि कुछ के लिए यह और ज्यादा उलझन पैदा कर सकता है। हर इंसान का दर्द और उसे संभालने का तरीका अलग होता है। ऐसे में यह जरूरी है कि हम समझदारी से फैसला लें और वही रास्ता चुनें जो हमें सच में आगे बढ़ने में मदद करे।
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