
पेरेंट बनना हर किसी की जिंदगी की सबसे बड़ी खुशियों में से एक है। लेकिन आजकल कई कपल लंबे समय तक कोशिश करने के बावजूद बेबी कंसीव नहीं कर पाते। इसके पीछे सिर्फ हेल्थ प्रॉब्लम नहीं, बल्कि फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता में कमी भी जिम्मेदार हो सकती है। यह समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों में हो सकती है। बेबी प्लान करना केवल भावनाओं का फैसला नहीं है, इसके लिए आपका शरीर भी पूरी तरह से तैयार होना चाहिए। यानी आपकी फर्टिलिटी सही होनी चाहिए। Fertility Tips
कई बार छोटी-छोटी गलत आदतें और लाइफस्टाइल से जुड़ी चीजें भी फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं। महिला और पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता सही होना जरूरी है। अगर आप पेरेंट बनने का सपना देख रहे हैं और कंसीव करने में मुश्किल हो रही है, तो समय पर फर्टिलिटी जांच कराना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं वो आम गलतियां जो फर्टिलिटी को कमजोर करती हैं और साथ ही ये भी कि आप इन्हें कैसे सुधार सकते हैं।
गाइनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी की हेड और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रश्मि रेखा बोरा बताती हैं कि शरीर का वजन केवल दिखावे की बात नहीं है, बल्कि यह आपकी प्रजनन क्षमता यानी फर्टिलिटी पर भी गहरा असर डालता है। अगर आपका वजन बढ़ा हुआ है या हेल्दी रेंज से बाहर है, तो कंसीव करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए बेबी प्लान करने वाले कपल्स के लिए जरूरी है कि वे अपने वजन पर ध्यान दें और हेल्दी वेट बनाए रखें। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सही लाइफस्टाइल अपनाकर न सिर्फ फर्टिलिटी सुधारी जा सकती है, बल्कि आपका ओवरऑल हेल्थ भी बेहतर रहेगा। Fertility Tips
डॉ. बोरा का कहना है कि पुरुष हो या महिला, धूम्रपान और शराब जैसी आदतें आपकी प्रजनन क्षमता यानी फर्टिलिटी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। ये आदतें केवल फर्टिलिटी को ही नहीं, बल्कि आपकी समग्र सेहत पर भी नकारात्मक असर डालती हैं। अगर आप बेबी प्लान कर रहे हैं तो इन आदतों से दूरी बनाना जरूरी है। बेहतर होगा कि हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं – शराब और स्मोकिंग से परहेज करें, ताकि आपके शरीर और फर्टिलिटी दोनों की सेहत बनी रहे।
गाइनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी की विशेषज्ञ डॉ. रश्मि रेखा बोरा बताती हैं कि अगर आपका खानपान संतुलित नहीं है और आप ज्यादा फैट, जंक फूड या प्रोसेस्ड फूड खाते हैं, तो यह आपकी फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक असर डाल सकता है। ऐसी डाइट मोटापा, डायबिटीज और अन्य लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देती है। इसलिए बेबी प्लान कर रहे कपल्स के लिए जरूरी है कि वे संतुलित आहार अपनाएं, जिसमें ताजे फल, सब्जियां, दालें, नट्स और सीड्स शामिल हों। सही खानपान न केवल फर्टिलिटी सुधारता है, बल्कि आपकी पूरी सेहत को भी मजबूत बनाता है। Fertility Tips
अगर आपके पीरियड्स नियमित नहीं हैं, ब्लीडिंग बहुत ज्यादा या बहुत कम होती है, या मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान असहनीय दर्द महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण अक्सर हार्मोनल असंतुलन का संकेत होते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) हो सकता है। यह स्थिति महिलाओं की प्रजनन क्षमता यानी फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती है। समय पर सही जांच और सलाह लेने से इस पर काबू पाया जा सकता है, और फर्टिलिटी में सुधार भी संभव है।
आज के तेज-तर्रार जीवन में चाहे महिला हो या पुरुष, हर किसी का शेड्यूल इतना बिजी है कि स्ट्रेस होना आम बात बन गई है। लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि लंबे समय तक तनाव फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। अगर आप भी रोजमर्रा की जिंदगी में तनाव महसूस करते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। मेडिटेशन, योग और गहरी सांस लेने जैसी सरल तकनीकें स्ट्रेस कम करने में मदद कर सकती हैं। तनाव को नियंत्रित करके आप न केवल फर्टिलिटी में सुधार ला सकते हैं, बल्कि अपनी ओवरऑल हेल्थ भी बेहतर बना सकते हैं।
आज के समय में महिलाएं कामकाजी हैं और कई बार लोग शादी का निर्णय देरी से लेते हैं। इससे प्रेग्नेंसी में चुनौतियां बढ़ सकती हैं, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है, खासकर महिलाओं में। इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि इंफेक्शन भी फर्टिलिटी को कम करने का बड़ा कारण है। इसलिए समय पर स्वास्थ्य जांच कराना और संक्रमण से बचाव करना बेहद जरूरी है। इन छोटे-छोटे उपायों से न केवल प्रजनन क्षमता में सुधार हो सकता है, बल्कि ओवरऑल हेल्थ भी बेहतर बनी रहती है। Fertility Tips
अल्कोहल और स्मोकिंग से दूरी रखें।
स्ट्रेस कम करने के लिए रोजाना योग या मेडिटेशन करें।
स्वस्थ खानपान अपनाएं और जंक फूड से बचें।
रोजाना कुछ समय प्राकृतिक वातावरण में बिताएं। Fertility Tips