सर्दियों में गुड़ खाने के चमत्कारी फायदे, दूर होती हैं कई बीमारी
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2021 08:36 AM
गुड़ (jaggery) का इस्तेमाल सर्दियों (winter) में सबसे ज्यादा किया जाता है। चीनी की जगह गुड़ (jaggery) का इस्तेमाल करने से खांसी-जुकाम से बचाव होने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सेहत के लिए गुड़ बहुत गुणकारी होता है, यह बात हम सभी जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुड़ (jaggery) का इस्तेमाल त्वचा को निखारने और कई परेशानियों में भी कारगर है।
गुड में विटामिन -A और विटामिन -B, सुक्रोज, ग्लूकोज, आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, जस्ता, मैग्नेशियम तत्व पाए जाते हैं। फास्फोरस की मात्रा अधिक रहती है। गुड़ में कई तरह के आवश्यक मिनरल्स और विटामिन होते है।
सर्दी में गुड़ खाने के फायदे
1. गुड़ सर्दी-जुकाम भगाने में काफी असरदार है। काली मिर्च और अदरक के साथ गुड़ खाने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है। खांसी से बचने के लिए चीनी के बजाए गुड़ खाना चाहिए। गुड़ को अदरक के साथ गर्म कर खाने से गले की खराश और जलन में राहत मिलती है।
2. गुड़ शरीर को मजबूत और एक्टिव बनाए रखता है। शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए दूध के साथ गुड़ का सेवन करने से ताकत आती है और शरीर ऊर्जावान बना रहता है। अगर आपको दूध नहीं पसंद है, तो एक कप पानी में पांच ग्राम गुड़, थोड़ा सा नींबू का रस और काला नमक मिलाकर सेवन करने से आपको थकान महसूस नहीं होगी।
3. गुड़ ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने का काम भी करता है। खासतौर पर हाई ब्लड प्रेशर से परेशान लोगों को रोजाना गुड़ खाने की सलाह दी जाती है।
4. गुड़ में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और फास्फोरस पाया जाता है। यह दोनों तत्व हड्डियों को मजबूती देने में बेहद मददगार हैं। गुड़ के साथ अदरक खाने से जोड़ों के दर्द से छुटकारा मिलता है।
5. आपको गैस या एसिडिटी है, तो गुड़ खाने से फायदा मिलेगा। वहीं, गुड़, सेंधा नमक और काला नमक मिलाकर खाने से खट्टी डकारों से छुटकारा मिल जाता है।
5. गुड़ आयरन का बहुत बड़ा स्रोत है। अगर आपका हिमोग्लोबिन कम है, तो रोजाना गुड़ खाने से तुरंत लाभ मिलने लगेगा। गुड़ खाने से शरीर में लाल रक्त़ कोशिकाओं की मात्रा बढ़ जाती है।
6. 1 चम्मच पिसे हुए गुड़ में 1 टीस्पून ब्लैमक टी, 1 टीस्पून अंगूर का रस, एक चुटकी हल्दी समेत थोड़ा सा गुलाबजल मिक्स करें। इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर इसे सामान्य पानी से धो लें।
संत कमल किशोर, आयुर्वेदाचार्य