
Chanakya Niti : लक्ष्मी और कुबेर को छोड़कर आज के वक्त में किसे रुपयों की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान समय में हर कोई करोड़पति और अरबपति बनना चाहता है। जो लोग करोड़पति और अरबपति हैं, वे भी यहीं चाहते हैं कि उनका बैंक बैलेंस लगातार बढ़ता जाए और उनकी तिजोरी हमेशा रुपयों से भरी रहे। लेकिन आम आदमी ऐसा क्या करे कि वह करोड़पति बन जाए।
इस बारे में महान अर्थशास्त्री और ज्ञानी आचार्य चाणक्य ने अपने अर्थशास्त्र ''चाणक्य नीति'' में अमीर बनने के कुछ सूत्र बताएं हैं। आचार्य चाणक्य ने कहा कि कुछ नियमों का पालन करने और कुछ वस्तुओं का दान करने से व्यक्ति कभी गरीब नहीं होता है और उसकी तिजोरी हमेशा रुपयों से भरी रहती है। आइए जानते हैं कि आचार्य चाणक्य ने क्या कहा है ...
आचार्य चाणक्य ने दान के महत्व के बारे में विस्तार से बताया है। आचार्य चाणक्य की मानें तो धार्मिक कार्यों और अनुष्ठानों में धन का दान महादान कहलाता है। अपने घर की तिजोरी को रुपयों से भरने के लिए धार्मिक कार्यों में अपनी कमाई का कुछ हिस्सा जरूर दान करें। धार्मिक कार्यों में धन दान करते समय कंजूसी बिल्कुल न करें। इस दान का लाभ अगले जन्म तक प्राप्त होता है। साथ ही देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं।
अगर आप चाहते हैं कि आपकी तिजोरी हमेशा भरी रहें, तो समाजिक कार्यों में भी कमाई का कुछ हिस्सा दान करें। इससे मान-सम्मान में वृद्धि होती है। साथ ही पद प्रतिष्ठा में भी बढ़ोत्तरी होती है। इसके अलावा, जरूरतमंदों की मदद करने से भगवान भी प्रसन्न होते हैं। इसके लिए सामाजिक कार्यों के लिए धन का दान जरूर करें।
अगर आप भी अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि पाना चाहते हैं, तो जरूरतमंदों की जरूर मदद करें। आप जरूरतमंदों को अन्न दान दें। वहीं, गरीब बच्चों की शिक्षा पर धन व्यय करें। आप असहाय लोगों की मदद करेंगे, तो ईश्वर आपकी मदद करेंगे। जरूरतमंदों को धन का दान देने से बैंक बैलेंस बढ़ता है।