
Chanakya Niti : भारत का वैदिक ज्योतिष एक ऐसा अथाह समुद्र है, जिसमें से अनेक विद्याएं विकसित हुई हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की तरह ही मनुष्य का भविष्य जानने और उसके बारे में बहुत कुछ पता करने के लिए मानव के शरीर के अंगों को पढ़ा जाता है। सामुद्रिक शास्त्र एक ऐसी ही विद्या है। इस विद्या का ज्ञान रखने वाले ज्ञाता मानव के शरीर के अंगों को देखकर पता लगा लेते हैं कि व्यक्ति किस नेचर का है और भविष्य में वह क्या कर सकता है।
सामुद्रिक शास्त्र मानव के उन रहस्यों को भी उजागर कर देता है, जो हर रहस्य किसी को पता नहीं होते हैं। उदाहरण के तौर पर किसी महिला या पुरुष की आंख, नाक, कान, बाल या चेहरा देखकर पता लगाया जा सकता है कि उस महिला और पुरुष का व्यवहार कैसा है। भविष्य में वह क्या बन सकता है और उसके साथ क्या क्या हो सकता है।
सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया है कि जिन लोगों की नाक सीधी और लंबी होती है ऐसे व्यक्ति व्यवहार कुशल और नेक दिल होते हैं। जबकि तोते के चोंच के समान नीचे से झुकी हुई नाक वाले व्यक्ति समझदार और भाग्यशाली होते हैं।
ऐसे व्यक्ति अपनी योग्यता और ज्ञान से जीवन में सभी प्रकार के भौतिक सुख-साधन प्राप्त कर सकते हैं। जिनकी नाक लंबी और मोटी होती है, उनकी रूचि सुविधाओं की तरफ अधिक होती है।
जबकि ऐसी महिलाएं जिनकी नाक छोटी और आगे से मोटी होती हैं वह रोमांटिक होती हैं। पारंपरिक विवाह की बजाय प्रेम विवाह इन्हें पसंद होता है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिन महिलाओं की नाक लंबी होती है वह महिला सुख-सुविधाओं से भरपूर जीवन जीती हैं। जबकि छोटे नाक वाली महिलाओं का जीवन संघर्षमय होता है। पुरुषों में जिनके नाक के छेद छोटे होते हैं वह भाग्यशाली माने जाते हैं।