
Chanakya Niti : आज बहुत सारी महिलाओं की ये शिकायत होती है कि उनके पति उन्हें प्यार नहीं करते हैं और बाहर वाली की तरफ भागते रहते हैं। न केवल कामकाजी बल्कि गृहणी भी यह शिकायत करती हैं। महिलाएं ये भी शिकायत करते देखी जा सकती है कि उनके पति उन्हें पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाते हैं और रात को प्यार के नाम पर केवल फोरमल्टी ही पूरी करते हैं।
दरअसल, हम आपको बता दें कि मर्द केवल उन्हीं महिलाओं को पूरी तरह से संतुष्ट कर पाते हैं, जो स्त्री अपने पति की भावनाओं को समझती हैं।
भारत के महान अर्थशास्त्री, परम ज्ञानी और विद्धान आचार्य चाणक्य ने पति पत्नी के संबंधों को लेकर बहुत सारी बातें सदियों पहले ही अपने नीति शास्त्र में लिख दी थी। से सभी बातें आज शत प्रतिशत सत्य साबित हो रही हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि बहुत सारे मर्द ऐसे होते हैं जो अपनी पत्नी को टूटकर प्यार करते हैं। प्यार को चरम तक पहुंचाते हैं, जिससे न केवल वह बल्कि उनकी बीवी भी बेहद संतुष्ट रहती है।
अब बात करते हैं कि आखिर वो कौन सी और किस तरह की महिलाएं होती है, जिनके पति उन्हें न केवल अपार प्यार करते हैं, बल्कि अपनी पत्नी को जीवनभर संतुष्ट भी रखते हैं। महान ज्ञाता आचार्य चाणक्य नीति शास्त्र में लिखते हैं कि
सा भार्या या शुचिदक्षा सा भार्या या पतिव्रता। सा भार्या या पतिप्रीता सा भार्या सत्यवादिनी॥
यहां आचार्य चाणक्य पत्नी के स्वरूप की चर्चा करते हुए कहते हैं कि वही पत्नी है, जो पवित्र और कुशल हो। वही पत्नी है, जो पतिव्रता हो। वही पत्नी है, जिसे अपने पति से प्रीति हो। वही पत्नी है, जो पति से सत्य बोले। आशय यही है कि जिसका आचरण पवित्र हो, कुशल गृहिणी हो, जो पतिव्रता हो, जो अपने पति से सच्चा प्रेम करे और उससे कभी झूठ न बोले, वही स्त्री पत्नी कहलाने योग्य है। जिस स्त्री में ये गुण नहीं होते, उसे पत्नी नहीं कहा जा सकता।
अर्थात् आदर्श पत्नी वही है जो मन, वचन तथा कर्म से पवित्र हो, उसके गुणों का गहन विवेचन करते हुए बताया गया है कि शरीर और अन्तःकरण से शुद्ध, आचार-विचार स्वच्छ, गृहकार्यों यथा भोजन, पीसना, कातना, धोना, सीना-पिरोना और साज-सज्जा आदि में निपुण, मन, वचन और शरीर से पति में अनुरक्त और पति को प्रसन्न करना ही अपना कर्त्तव्य-कर्म मानने वाली निरन्तर सत्य बोलने वाली; कभी हंसी-मजाक में भी ऐसी कोई बात नहीं करने वाली जिससे थोड़ा भी संदेह पैदा होता हो, वही घर स्वर्ग होगा वरना समझिए कि वह इन गुणों के अभाव में घर नहीं नरक है।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि जो स्त्री अपने पति के प्रति वफादार हो, अपने पति की हर बात मानती हो तथा पति को सच्चा प्यार करती हो, ऐसी स्त्री को ही उसका मर्द बेहद प्यार करता है और जीवनभर संतुष्टि प्रदान करता है।