यह देश न केवल बेहद सस्ता है बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और एडवेंचर गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। 2025-2026 के आंकड़ों के अनुसार, लाओस दुनिया के सबसे सस्ते देशों में शुमार है।

अगर आप विदेश यात्रा पर जाना चाहते हैं और बजट को लेकर चिंतित हैं तो दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित लाओस आपके लिए एक आदर्श जगह साबित हो सकता है। यह देश न केवल बेहद सस्ता है बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और एडवेंचर गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। 2025-2026 के आंकड़ों के अनुसार, लाओस दुनिया के सबसे सस्ते देशों में शुमार है।
भारत से लाओस की दूरी लगभग 2,400 से 2,700 किलोमीटर है। नई दिल्ली से लाओस की राजधानी विएनतियान (Vientiane) तक पहुंचने के लिए फ्लाइट में 9 से 11 घंटे का समय लगता है। ज्यादातर फ्लाइट्स बैंकॉक या अन्य शहरों से होकर गुजरती हैं।
लाओस की करेंसी लाओ कीप (LAK) भारत की तुलना में काफी कमजोर है। 1000 लाओ कीप, भारत के लगभग 4-5 रुपए के बराबर है। इसका मतलब है कि आप यहां बहुत ही कम खर्च में यात्रा का आनंद ले सकते हैं। हाल ही में एक ट्रैवल व्लॉगर ने बताया कि भारतीय पर्यटक यहां 200 रुपए में वाटरफॉल, 1000 रुपए में जिपलाइन और 5000 रुपए में हॉट एयर बैलून का मजा ले सकते हैं। पैरामोटरिंग के लिए लगभग 3000 रुपए का खर्च आएगा और स्कूटी किराए पर लेने के लिए मात्र 300 रुपए की जरूरत है। यदि आप ट्रेन से यात्रा करते हैं तो लगभग 1000 रुपए में सफर संभव है।
लाओस को चीन, वियतनाम, कंबोडिया, थाईलैंड और म्यांमार घेरते हैं। यह देश पूरी तरह से जमीन से घिरा हुआ है और इसका कोई समुद्री तट नहीं है। मेकांग नदी (Mekong River) इसके पश्चिमी हिस्से से होकर बहती है और इसे देश की जीवनरेखा माना जाता है।
लाओस 1893 से 1953 तक फ्रांस का उपनिवेश रहा। स्वतंत्रता मिलने के बाद यह देश अपनी संस्कृति और परंपराओं को समेटते हुए आधुनिक पर्यटन के लिए खुल गया। यहां की अधिकांश आबादी बौद्ध धर्म का पालन करती है।
लाओस में घूमने के लिए बहुत कुछ है। खूबसूरत झरने, बौद्ध मंदिर, घने जंगल और पहाड़ आपको प्रकृति के करीब लाते हैं। साथ ही, एडवेंचर के शौकीनों के लिए पैरामोटरिंग, जिपलाइन और हॉट एयर बैलून जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। यह देश न केवल यात्रा के लिए किफायती है, बल्कि अद्भुत अनुभव भी देता है। यदि आप बजट में दुनिया देखने के शौकीन हैं तो लाओस आपके लिए बिल्कुल सही डेस्टिनेशन है।