सऊदी अरब में आज शव्वाल का चांद नजर नहीं आया। इसका सीधा मतलब यह है कि वहां रमजान के रोजे पूरे 30 दिन के होंगे। यानी वहां 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी। अगर आज चांद दिख जाता तो अगले ही दिन ईद होती लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

रमजान का महीना अपने साथ इबादत, सब्र और सुकून लेकर आता है और उसके खत्म होने का सबसे खूबसूरत संकेत होता है शव्वाल का चांद। जैसे ही आसमान में चांद नजर आता है वैसे ही दिलों में खुशी की लहर दौड़ जाती है क्योंकि यही चांद लेकर आता है ईद-उल-फितर का त्योहार। इस बार भी लोग बेसब्री से चांद का इंतजार कर रहे थे लेकिन सऊदी अरब से आई खबर ने तारीख को थोड़ा आगे बढ़ा दिया।
सऊदी अरब में आज शव्वाल का चांद नजर नहीं आया। इसका सीधा मतलब यह है कि वहां रमजान के रोजे पूरे 30 दिन के होंगे यानी वहां 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी। अगर आज चांद दिख जाता तो अगले ही दिन ईद होती लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चांद दिखना पूरी तरह मौसम और आसमान की स्थिति पर निर्भर करता है। कई बार साफ आसमान होने के बावजूद चांद नजर नहीं आता इसलिए लोग दूरबीन और टेलीस्कोप का सहारा भी लेते हैं।
भारत में ईद की तारीख का फैसला भी चांद दिखने पर ही होता है लेकिन आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद यहां ईद मनाई जाती है। इस बार चूंकि सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद होगी इसलिए भारत में 21 मार्च को ईद मनाए जाने की पूरी संभावना है। हालांकि, अंतिम फैसला भारत में चांद दिखने के बाद ही लिया जाएगा।
ईद सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि शुक्रिया अदा करने का दिन है। पूरे महीने रोजे रखने के बाद लोग अल्लाह का धन्यवाद करते हैं और अपनी गलतियों के लिए माफी मांगते हैं। इस दिन लोग सुबह ईद की नमाज पढ़ते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, मीठे पकवान बनाते हैं और अपने करीबियों से गले मिलकर खुशियां बांटते हैं।
ईद हमें सिर्फ खुश रहने ही नहीं बल्कि दूसरों को खुश रखने की भी सीख देती है। इस दिन जरूरतमंदों को जकात और फितरा दिया जाता है ताकि हर कोई इस त्योहार को खुशी से मना सके। घर-घर में सेवइयां बनती हैं, बच्चे ईदी का इंतजार करते हैं और पूरा माहौल प्यार और भाईचारे से भर जाता है।