विनय संकोची
पौष्टिकता (Nutritional)से भरपूर अमरूद (Guava) को संस्कृत में 'अमृतफल' कहते हैं। आयुर्वेद के अनुसार अमरूद कसैला, मधुर, खट्टा, तीक्ष्ण, बलवर्धक उन्माद-नाशक, त्रिदोष-नाशक और बेहोशी को नष्ट करने वाला होता है। बड़ों के साथ बच्चों के लिए भी यह पौष्टिक व संतुलित आहार है। अमरूद से स्नायु-मंडल, पाचन-संस्थान, हृदय तथा दिमाग को बल मिलता है। पके हुए 100 ग्राम अमरूद में 152 मिलीग्राम विटामिन 'सी', 7 ग्राम पाचन क्रिया में सहायक रेशे, 33 मिलीग्राम कैल्शियम और 1 मिलीग्राम लोहा प्राप्त होता है। साथ ही इसमें फॉस्फोरस और पोटेशियम की प्रचुर मात्रा होती है, जो शरीर को पुष्ट बनाती है। अमरूद के पेड़ की जड़ें, तने, पत्ते सभी दवा में काम आते हैं। अमरूद विश्व में सर्वाधिक मात्रा में भारत में ही पैदा होता है। आइए जानते हैं गुणकारी अमरूद के औषधीय तत्वों से होने वाले कुछ फायदों के बारे में :
• अमरूद में संतरे के मुकाबले 4 गुना अधिक विटामिन 'सी' होता है। विटामिन 'सी' में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाते हैं और कैंसर से लड़ने में शरीर की मदद करते हैं।
• अमरूद में मौजूद पोटैशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करता है, जिससे ब्लड प्रेशर की समस्या से छुटकारा मिलता है। इसके अतिरिक्त शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है।
• अमरूद में आयोडीन अच्छी मात्रा में होता है जिससे थायराइड की समस्या में आराम होता है। इससे शरीर का हार्मोनल संतुलन बना रहता है।
• गुलाबी अमरूद में लाइकोपीन टमाटर से दोगुनी मात्रा में होता है, जो त्वचा का अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाव करता है और त्वचा के कैंसर से बचाता है।
• सर्दी जुकाम होने पर भुना हुआ अमरूद नमक व कालीमिर्च के साथ खाने से जुकाम से छुटकारा मिलता है। इसमें मौजूद विटामिन 'सी' जुकाम में काफी फायदेमंद साबित होता है।
• अमरूद में पाए जाने वाला रेशा या फाइबर मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने की सबसे अच्छी औषधि है। जिन लोगों का पेट खराब रहता है वह लोग अमरूद का सेवन अवश्य करें।
• आंखों में रोशनी कम होने पर रोज एक अमरूद का सेवन करें। इसमें आंखों के लिए जरूरी विटामिन 'ए' प्रचुर मात्रा में मिलता है।
• पेट में दर्द होने की स्थिति में अमरूद की कोमल पत्तियां लेकर धोकर पीसें। फिर पानी में मिलाएं, छानें व पी लें। पेट दर्द में आराम मिलेगा। अमरूद के ताजे पत्तों को चबाएं, इससे दर्द करते दांतों को आराम मिलेगा। मसूड़ों में सूजन हो, तो अमरूद के पत्ते पानी में डालकर उबालें और इस पानी से कुल्ला करें लाभ होगा। अमरूद के पत्तों का रस निकालें, इसमें थोड़ा कत्था मिलाएं तथा मुंह में लगाएं, छाले दूर होंगे।
• यदि किसी को मलेरिया हो जाए तो उसे रोज दिन में तीन बार अमरूद अवश्य खिलाएं, बहुत प्रभावी रहेगा।
• अमरूद वजन घटाने के साथ-साथ पौष्टिकता भी प्रदान करता है। इसमें पोटेशियम अधिक मात्रा में होता है, जिससे मांसपेशियां उन्नत तो होती ही हैं, साथ में फैट भी नष्ट होता है। अमरूद में फाइबर की मात्रा ज्यादा होने के कारण शरीर से सैचुरेटेड फैट को कम करने में मदद मिलती है। इसको खाने से पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है, जिसके कारण यह वजन घटाने वालों के लिए आदर्श आहार माना जाता है।
• अमरूद को गर्म रेत में सेंककर खाएं, हर प्रकार की खांसी में आराम मिलेगा। विशेषकर काली खांसी भी ठीक होती नजर आएगी।
विशेष : अमरूद को औषधि के रूप में इस्तेमाल करने से पूर्व किसी योग्य आयुर्वेदाचार्य से परामर्श करें।