महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से अलग होते हैं और समय रहते इन्हें पहचानना बेहद जरूरी है। चलिए जानते हैं महिलाओं को हार्ट अटैक से पहले शरीर कौन से संकेत देता है, किन वजहों से महिलाओं को दिल का दौरा पड़ता है और समय रहते कैसे बचा जा सकता है।

दिल की बीमारियां आजकल सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रह गई हैं बल्कि अब इस बीमारी का सामना लगभग हर किसी को करना पड़ रहा है खासकर युवा महिलाओं को। हार्ट अटैक अब एक ऐसी समस्या बन गई है जो अचानक किसी को भी अपनी चपेट में ले सकती है। हैरानी की बात यह है कि महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर पुरुषों से अलग और कई बार इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। जिस कारण महिलाओं को कई बार सही समय पर इलाज नहीं मिल पाता और स्थिति गंभीर हो जाती है।
हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मांसपेशियों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह रुक जाता है। ऐसा ज्यादातर तब होता है जब धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रॉल या अन्य पदार्थ जमा होकर ब्लॉकेज बना लेते हैं। ये जमाव जिसे प्लाक कहा जाता है कभी-कभी फट जाता है और खून का थक्का बनाता है। यही थक्का रक्त के प्रवाह को रोक देता है और हार्ट अटैक का कारण बनता है।
महिलाओं में इसके संकेत थोड़े अलग और कभी-कभी भ्रमित करने वाले होते हैं। कई बार छाती में दर्द की जगह पीठ, जबड़े, गर्दन या कंधे में दर्द महसूस होता है। कुछ महिलाओं को सीने में जलन या भारीपन महसूस होता है जिसे वे सामान्य गैस या अपच समझकर अनदेखा कर देती हैं। इसके अलावा, बिना किसी कारण थकान महसूस होना, चक्कर आना, मतली या उल्टी होना और ठंडा पसीना आना भी ऐसे संकेत हैं जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।
सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि महिलाएं अक्सर अपनी तबीयत को लेकर लापरवाह रहती हैं। वे परिवार, काम और जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त रहती हैं कि खुद की सेहत को पीछे छोड़ देती हैं लेकिन सच यह है कि दिल से जुड़ी कोई भी तकलीफ शरीर के लिए चेतावनी होती है। अगर आपको सीने में असामान्य बेचैनी, सांस लेने में दिक्कत या लगातार थकान महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। देर करना जानलेवा साबित हो सकता है।
हार्ट अटैक से बचने के लिए जीवनशैली में थोड़ा बदलाव बेहद जरूरी है। रोजाना थोड़ा पैदल चलना, जंक फूड की जगह हेल्दी डाइट अपनाना और तनाव से दूर रहना आपके दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकता है। नींद पूरी लेना, स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाना और नियमित हेल्थ चेकअप करवाना भी दिल की सुरक्षा के लिए अहम कदम हैं। याद रखिए, हार्ट अटैक के मामले में समय ही सबसे बड़ी दवा है। अगर लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए और तुरंत इलाज शुरू किया जाए तो दिल को नुकसान से बचाया जा सकता है। महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता दें क्योंकि एक स्वस्थ दिल ही एक खुशहाल जिंदगी की कुंजी है।