Heatwave: विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ला नीना से एल नीनो जैसी स्थिति बनती है तो हीटवेव और तेज हो सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि हम समय रहते सावधानियां अपनाएं और हीट स्ट्रेस से बचाव करें।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस साल मार्च से मई के बीच देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की चेतावनी जारी की है। पिछले महीने फरवरी में भी कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड गर्मी दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ला नीना से एल नीनो जैसी स्थिति बनती है तो हीटवेव और तेज हो सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि हम समय रहते सावधानियां अपनाएं और हीट स्ट्रेस से बचाव करें।
हीटवेव तब होती है जब किसी क्षेत्र में कई दिनों तक तापमान सामान्य से बहुत अधिक बना रहता है। अगर इस दौरान नमी भी ज्यादा हो तो गर्मी का असर और खतरनाक हो सकता है। जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनिया भर में हीटवेव पहले से लंबी और तीव्र हो रही हैं।
हीटवेव का असर सभी पर पड़ता है लेकिन कुछ लोग इसे झेलने में सबसे कमजोर होते हैं-
इन लोगों में तेज गर्मी से डिहाइड्रेशन, कमजोरी, सिरदर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं जल्दी विकसित हो सकती हैं।
गर्मियों में नियमित रूप से पानी पीना बेहद जरूरी है भले ही प्यास न लगे। बच्चों को बार-बार पानी पीने के लिए प्रेरित करें।
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर जाना आवश्यक हो तो छायादार जगह का चयन करें और बीच-बीच में आराम करें।
खिड़कियों पर परदे या ब्लाइंड्स बंद रखें ताकि तेज धूप अंदर न आए। रात में खिड़कियां खोलकर ठंडी हवा आने दें। पंखा या कूलर का इस्तेमाल भी घर को ठंडा रखने में मदद करता है।
गर्मियों में कॉटन जैसे हल्के और ढीले कपड़े पहनें। यह शरीर को ठंडा रखता है और गर्मी के कारण होने वाली परेशानियों को कम करता है।
हीट स्ट्रेस के दौरान शरीर में कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं-