होटल में कॉर्नर रूम बुक करना आपके स्टे को और आरामदायक बना सकता है। कॉर्नर रूम में आमतौर पर ज्यादा स्पेस और बेहतर रोशनी मिलती है। कई बार इन कमरों में दो खिड़कियां भी होती हैं जिससे व्यू और भी अच्छा होता है। अधिकतर होटलों में कॉर्नर रूम की कीमत स्टैंडर्ड रूम जितनी ही रहती है।

घूमने का शौक आजकल हर किसी में है। चाहे छुट्टियों के लिए कोई छोटी ट्रिप हो या लंबा टूर लोग हमेशा अपने ठहरने की सुविधा पर ध्यान देते हैं। ऐसे में होटल में स्टे करना आम बात है लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि होटल के सभी कमरे समान नहीं होते। खासकर कॉर्नर रूम जो अक्सर स्टैंडर्ड रूम से थोड़े बड़े और आरामदायक होते हैं। इन कमरों के पीछे छिपा है एक खास राज जो जानकर आप अगली बार बुकिंग करते समय फायदा उठा सकती हैं।
होटलों की बिल्डिंग डिजाइन इस तरह की जाती है कि कॉर्नर रूम के दो बाहरी दीवारों की वजह से उनका आकार थोड़ा बड़ा हो जाता है। कई बार इनमें दो खिड़कियां भी होती हैं जिससे कमरे में प्राकृतिक रोशनी ज्यादा आती है। यही नहीं कमरे का व्यू भी बेहतर होता है और जगह की वजह से अंदर रहने का अनुभव और आरामदायक बन जाता है।
अधिकांश होटलों में कॉर्नर रूम की कीमत स्टैंडर्ड रूम जितनी ही रहती है। इसका मतलब है कि आप ज्यादा स्पेस और बेहतर व्यू पाने के लिए एक्स्ट्रा पैसे नहीं खर्च करेंगी। चेक-इन के समय रिसेप्शन पर सीधे पूछने पर अगर रूम उपलब्ध हो तो आप आसानी से उसे ले सकती हैं।
लेट चेकआउट की रिक्वेस्ट हमेशा सुबह पूछना सबसे सही होता है। उस समय होटल को पता होता है कि आज कितने कमरे बुक हैं और उन्हें आपके लिए सुविधा देने में आसानी होती है। हर गेस्ट के बाद बेडशीट जरूर बदल दी जाती है लेकिन ब्लैंकेट और तकिए हर बार धोए या बदले नहीं जाते। इसलिए कमरे में पहुंचते ही आप तकिए या ब्लैंकेट अलग रख सकती हैं और साफ-सफाई का ध्यान खुद रख सकती हैं।
अगर आप होटल की वेबसाइट या फोन से सीधे बुकिंग करें तो छोटी-छोटी सुविधाएं मांगना आसान होता है। इसके लिए आपको अतिरिक्त चार्ज भी नहीं देना पड़ता। थर्ड पार्टी ऐप की तुलना में डायरेक्ट बुकिंग में होटल से बातचीत भी ज्यादा सहज होती है।