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अक्सर लोग सिर्फ ब्रांड देखकर फाउंडेशन खरीद लेते हैं लेकिन असली बात यह है कि हर स्किन के लिए एक जैसा फाउंडेशन सही नहीं होता। स्किन टोन, अंडरटोन और स्किन टाइप को समझे बिना सही चुनाव करना मुश्किल होता है।

मेकअप चाहे हल्का हो या पार्टी लुक के लिए थोड़ा ग्लैमरस, एक चीज जो पूरे लुक की नींव होती है वह है फाउंडेशन। अगर फाउंडेशन सही चुना जाए तो चेहरा साफ, चमकदार और नेचुरल दिखता है लेकिन अगर शेड गलत हो जाए तो पूरा मेकअप बिगड़ सकता है। कई बार चेहरा गर्दन से अलग दिखने लगता है या फिर स्किन जरूरत से ज्यादा सफेद या डल नजर आती है। अक्सर लोग सिर्फ ब्रांड देखकर फाउंडेशन खरीद लेते हैं लेकिन असली बात यह है कि हर स्किन के लिए एक जैसा फाउंडेशन सही नहीं होता। स्किन टोन, अंडरटोन और स्किन टाइप को समझे बिना सही चुनाव करना मुश्किल होता है। इसलिए अगर आप चाहती हैं कि आपका मेकअप प्रोफेशनल और सुंदर लगे तो सबसे पहले सही फाउंडेशन चुनना सीखना जरूरी है।
फाउंडेशन खरीदने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी स्किन कैसी है। सिर्फ गोरी या सांवली स्किन जान लेना काफी नहीं होता। आपको यह भी समझना होगा कि आपकी स्किन का अंडरटोन क्या है। अंडरटोन यानी आपकी त्वचा के नीचे छिपा वह रंग जो आपके लिए सही फाउंडेशन तय करता है। आमतौर पर अंडरटोन तीन तरह के होते हैं वॉर्म, कूल और न्यूट्रल। वॉर्म अंडरटोन में हल्का पीला या गोल्डन असर होता है, कूल टोन में गुलाबी या हल्का नीला असर दिखता है जबकि न्यूट्रल टोन दोनों का संतुलन होता है।
अगर आपको अपना अंडरटोन समझने में परेशानी हो रही है तो एक आसान तरीका आपकी कलाई की नसें हैं। प्राकृतिक रोशनी में अपनी कलाई को ध्यान से देखें। अगर नसें हरी दिखाई देती हैं तो आपका अंडरटोन वॉर्म हो सकता है। अगर नसें नीली या बैंगनी दिखती हैं तो यह कूल टोन की निशानी है। अगर आपको दोनों रंगों का मिश्रण नजर आता है तो आपकी स्किन न्यूट्रल टोन में हो सकती है। यह छोटा सा तरीका फाउंडेशन चुनने में बहुत मदद करता है और गलत शेड खरीदने से बचाता है।
कई लोग सिर्फ रंग देखकर फाउंडेशन चुन लेते हैं लेकिन स्किन टाइप भी उतना ही जरूरी है। अगर आपकी स्किन ऑयली है तो मैट फिनिश वाला फाउंडेशन ज्यादा बेहतर रहेगा क्योंकि यह चेहरे पर अतिरिक्त तेल को कंट्रोल करता है। अगर स्किन ड्राई है तो हाइड्रेटिंग या लिक्विड फाउंडेशन अच्छा विकल्प हो सकता है क्योंकि यह चेहरे को सूखा और पाउडरी नहीं दिखने देता। वहीं कॉम्बिनेशन स्किन वालों को ऐसा फाउंडेशन चुनना चाहिए जो दोनों तरह की जरूरतों को संतुलित कर सके।
अगर आपकी स्किन व्हीटिश यानी गेहुँआ रंग की है और अंडरटोन वॉर्म है तो मैट या लिक्विड फाउंडेशन अच्छा परिणाम देता है। बहुत ज्यादा हल्का शेड लेने से चेहरा नकली और अलग दिख सकता है इसलिए हमेशा अपने प्राकृतिक रंग के करीब शेड चुनना बेहतर होता है। कई बार एक ही शेड पूरी तरह मैच नहीं करता। ऐसे में दो शेड्स को मिलाकर भी परफेक्ट फाउंडेशन तैयार किया जा सकता है। यह तरीका प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट भी अक्सर अपनाते हैं।
फेयर स्किन पर अक्सर लोग बहुत ज्यादा हल्का फाउंडेशन चुन लेते हैं जिससे चेहरा जरूरत से ज्यादा सफेद दिखने लगता है। ऐसे में बेज टोन वाला फाउंडेशन ज्यादा अच्छा लगता है क्योंकि यह स्किन को नेचुरल फिनिश देता है। फाउंडेशन खरीदने से पहले उसे हमेशा जॉलाइन या गर्दन पर लगाकर चेक करें। हाथ पर टेस्ट करने से सही अंदाजा नहीं मिलता क्योंकि चेहरे और हाथ का रंग अक्सर अलग होता है। सही टेस्ट वही है जो चेहरे और गर्दन के बीच संतुलन बनाए।
मेकअप का असली जादू तभी दिखता है जब बेस सही हो। फाउंडेशन सिर्फ चेहरा सुंदर दिखाने के लिए नहीं बल्कि पूरे मेकअप को लंबे समय तक टिकाने के लिए भी जरूरी होता है। सही फाउंडेशन आपकी त्वचा को नेचुरल ग्लो देता है और बाकी मेकअप को भी बेहतर बनाता है। इसलिए अगली बार फाउंडेशन खरीदते समय सिर्फ ट्रेंड या ब्रांड पर नहीं बल्कि अपनी स्किन की जरूरत पर ध्यान दें। सही चुनाव आपको हर बार एक सुंदर, फ्रेश और कॉन्फिडेंट लुक देगा। आखिर खूबसूरत मेकअप की शुरुआत सही फाउंडेशन से ही होती है।
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