क्या आप जानते हैं भारत में सबसे पहले 2026 का सूरज कहां उगेगा? अगर नहीं तो यह आर्टिकल आपके बेहद काम की है। साल 2026 का पहला सूर्योदय देखने के लिए काफी लोग बेताब हैं। यहां जानिए पहला सूर्योदय देखने के लिए इस खूबसूरत जगह कैसे पहुंचें और क्या-क्या देखें।

साल 2025 खत्म होने में बस कुछ ही घंटे बाकी है। साल 2026 (New Year 2026) की अच्छी शुरूआत करने के लिए बड़ी तादाद में लोग ठंडी जगहों पर घूमने निकल पड़े हैं। ऐसे में अगर आपको भीड़भाड़ से दूर नए साल (New Year) की पहली सुबह भारत में ही सबसे पहले उगते सूरज को अपनी आंखों से देखने का मौका मिले तो आप क्या करेंगे? यह खूबसूरत पल न सिर्फ आपकी जिंदगी की सबसे बेहतरीन यादों में शामिल होगा बल्कि आपको एक बढ़िया एक्सपीरिंयस भी देगा। अगर आप न्यू ईयर 2026 (New Year 2026) को कुछ अलग, सुकूनभरा और खास बनाना चाहते हैं तो यह ट्रैवल आइडिया (Travel Ideas) आपके लिए परफेक्ट है।
भारत में सबसे पहले डोंग गांव (Dong Village ) में सूरज उगता है। डोंग गांव अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh ) के अंजॉ जिले में स्थित है। डोंग को भारत का सबसे पूर्वी गांव माना जाता है और इसी वजह से यहां सूर्य की किरणें देश के बाकी हिस्सों से पहले पहुंचती हैं। हर साल 1 जनवरी की सुबह यहां सूर्योदय देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं।
डोंग गांव की भौगोलिक स्थिति इसे खास बनाती है। सूर्य हमेशा पूर्व दिशा से उगता है और डोंग भारत का सबसे पूर्वी बिंदु है। इसके साथ ही यह गांव ऊंचाई पर स्थित है, जिससे यहां सूरज करीब एक से सवा घंटे पहले दिखाई देने लगता है। मौसम के अनुसार यहां सूर्योदय सुबह 4:30 से 5:30 बजे के बीच हो जाता है। इसलिए अगर आप 2026 का पहला सनराइज देखना चाहते हैं, तो आपको सुबह 4 बजे से पहले ही तैयार रहना होगा।
डोंग गांव तक पहुंचने के लिए आपको पहले असम जाना होगा। दिल्ली या किसी भी बड़े शहर से आप गुवाहाटी या डिब्रूगढ़ के लिए फ्लाइट ले सकते हैं। इसके अलावा आप ट्रेन से डिब्रूगढ़ (DBRG) या तिनसुकिया (TSK) रेलवे स्टेशन तक पहुंच सकते हैं। यहां से सड़क मार्ग के जरिए आपको तेजू जाना होगा, जो अंजॉ जिले का मुख्यालय है। तेजू से आगे वालॉन्ग तक टैक्सी या बस मिल जाती है। वालॉन्ग से डोंग गांव तक आपको कुछ दूरी ट्रैकिंग करके तय करनी होती है। यह ट्रैक आसान है और प्राकृतिक नजारों से भरा हुआ है जो आपकी ट्रिप को और भी खास बना देता है।
डोंग वैली सिर्फ सूर्योदय के लिए ही नहीं बल्कि अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी जानी जाती है। यहां बहती लोहित नदी का नीला और साफ पानी पहाड़ों के बीच बेहद खूबसूरत नजर आता है। नदी के किनारे बैठकर प्रकृति को निहारना एक अलग ही सुकून देता है। आप यहां तिलम हॉट स्प्रिंग भी जा सकते हैं जहां प्राकृतिक गर्म और मिनरल युक्त पानी मिलता है। ठंड के मौसम में यहां स्नान करना शरीर को राहत देता है और जोड़ों के दर्द में भी फायदेमंद माना जाता है। डोंग घाटी के पास स्थित सिको डिडो झरना एक और आकर्षण है जहां का शांत माहौल मन को ताजगी से भर देता है। इसके अलावा तेजू के पास मौजूद हवा कैंप से पूरी घाटी का नजारा बेहद शानदार दिखाई देता है।
डोंग गांव में रहने वाली मेयो जनजाति की संस्कृति बेहद अनोखी है। यहां के लोग सरल जीवन जीते हैं और प्रकृति के बेहद करीब रहते हैं। उनकी परंपराएं, पहनावा और जीवनशैली आपको एक अलग ही अनुभव देती है। नए साल की शुरुआत इतनी शांति और सादगी के साथ करना वाकई खास बन जाता है।
अगर आप भीड़-भाड़, पार्टी और शोर-शराबे से दूर रहकर नए साल की शुरुआत शांति, प्रकृति और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करना चाहते हैं तो डोंग गांव आपके लिए सबसे बेहतरीन जगह है। यहां 2026 का पहला सूर्योदय देखना न सिर्फ रोमांचक होगा बल्कि यह आपको नए साल की शुरुआत एक नई सोच और नई ऊर्जा के साथ करने का मौका देगा।