नारियल तेल में मिलाकर लगा लें ये एक चीज, गायब हो जाएगी डैंड्रफ की सफेद पपड़ी

Hair Care Tips: आजकल बदलती लाइफस्टाइल, तनाव और केमिकल-युक्त हेयर प्रोडक्ट्स की वजह से बालों का झड़ना और डैंड्रफ की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इस लेख में हम आपको असरदार घरेलू उपाय के बारे में बता रहे हैं जिससे आपके बाल फिर से जानदार और खूबसूरत हो जाएंगे।

Hair Care Tips
सर्दियों में बालों का ख्याल कैसे रखें
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userअसमीना
calendar07 Jan 2026 03:56 PM
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता स्ट्रेस, गलत खान-पान और केमिकल-भरे हेयर प्रोडक्ट्स की वजह से बालों का झड़ना और डैंड्रफ की समस्या आम सी बात हो गई है। कम उम्र में ही हेयर फॉल, रूखापन, खुजली और सफेद पपड़ी जैसी परेशानियां लोगों का कॉन्फिडेंस तोड़ देती हैं। महंगे शैंपू, सीरम और ट्रीटमेंट्स आजमाने के बाद भी कई बार कोई खास फर्क नजर नहीं आता। ऐसे में अगर कोई आसान, सस्ता और घरेलू उपाय मिल जाए जो बालों की जड़ों से समस्या को ठीक करे तो इससे बेहतर क्या हो सकता है। आपकी रसोई में मौजूद एक साधारण-सी चीज को अगर नारियल तेल में मिलाकर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो हेयर फॉल कंट्रोल होने के साथ-साथ आपका डैंड्रफ भी रफ्ता-रफ्ता खत्म हो सकता है।

बालों के लिए क्यों फायदेमंद है नारियल तेल?

नारियल तेल सदियों से बालों की देखभाल में इस्तेमाल होता आ रहा है। इसमें मौजूद फैटी एसिड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स स्कैल्प को गहराई से पोषण देते हैं। यह बालों की जड़ों को मजबूत करता है, ड्राइनेस कम करता है और बालों को नेचुरल शाइन देता है। जब नारियल तेल में कोई खास नेचुरल चीज मिलाई जाती है तो इसके फायदे और भी ज्यादा बढ़ जाते हैं।

नारियल तेल में मिलाएं कपूर

नारियल तेल में कपूर मिलाकर लगाने से बालों से जुड़ी कई समस्याओं में राहत मिल सकती है। कपूर में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो स्कैल्प पर मौजूद इंफेक्शन, खुजली और डैंड्रफ को कम करने में मदद करते हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है जिससे बालों की जड़ों तक पोषण पहुंचता है और हेयर फॉल कंट्रोल होने लगता है। नियमित इस्तेमाल से बाल मजबूत, घने और हेल्दी दिखने लगते हैं।

कैसे बनाएं कपूर वाला मैजिक हेयर ऑयल

इस असरदार हेयर ऑयल को बनाना बेहद आसान है। इसके लिए 2–3 चम्मच नारियल तेल लें और उसमें लगभग ¼ चम्मच कपूर या 1 छोटी कपूर की टिकिया डालें। तेल को हल्का गर्म करें ताकि कपूर अच्छी तरह घुल जाए। जब तेल ठंडा हो जाए तो इसे स्कैल्प में हल्के हाथों से मसाज करें। इस तेल को 30-60 मिनट तक या चाहें तो रातभर बालों में लगा रहने दें। बाद में माइल्ड शैंपू से बाल धो लें। हफ्ते में 1-2 बार इसका इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है। ध्यान रहे पहली बार लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।

नारियल तेल और प्याज का रस

अगर आप बालों की ग्रोथ बढ़ाना चाहती हैं और हेयर फॉल कम करना चाहती हैं तो नारियल तेल में प्याज का रस मिलाकर लगाना भी एक बेहतरीन उपाय है। प्याज में मौजूद सल्फर कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ाता है जिससे बालों की ग्रोथ बेहतर होती है। यह स्कैल्प इंफेक्शन और डैंड्रफ को कम करने में भी मदद करता है और बालों को जड़ों से मजबूत बनाता है।

प्याज वाला हेयर ऑयल कैसे बनाएं?

इस तेल को बनाने के लिए 2-3 चम्मच नारियल तेल लें और उसमें 1-2 चम्मच ताजा प्याज का रस मिलाएं। इस मिश्रण को स्कैल्प पर हल्के हाथों से मसाज करते हुए लगाएं। प्याज वाला तेल रातभर बालों में न छोड़ें। इसे नहाने से लगभग 1 घंटे पहले लगाना बेहतर होता है और फिर माइल्ड शैंपू से बाल धो लें। हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन बातों का रखें खास ध्यान

अगर आपकी स्कैल्प बहुत सेंसिटिव है तो किसी भी घरेलू नुस्खे को लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। जरूरत से ज्यादा कपूर या प्याज का रस इस्तेमाल न करें वरना जलन या खुजली हो सकती है। बेहतर रिजल्ट के लिए हेल्दी डाइट, पर्याप्त पानी और स्ट्रेस कम करना भी जरूरी है।

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गोवा छोड़िए! घूम आइए उत्तर प्रदेश का चूका बीच

Chuka Beach: जनवरी के महीने में अगर आप घूमने के लिए किसी शांत और खूबसूरत जगह की तलाश में हैं तो उत्तर प्रदेश का चूका बीच आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अंदर स्थित यह यूपी का इकलौता बीच है, जहां झील का साफ पानी, ठंडी हवा और हरियाली मन को सुकून देती है।

Chuka Beach
चूका बीच
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userअसमीना
calendar03 Jan 2026 04:41 PM
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सर्दियों में घूमने के नाम पर ज्यादातर लोगों के दिमाग में पहाड़ या फिर गोवा जैसे बीच डेस्टिनेशन आ जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में भी एक ऐसा बीच मौजूद है जहां जाकर आप गोवा जैसी फील ले सकते हैं? जी हां, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित चूका बीच (Chuka Beach) जनवरी के महीने में घूमने के लिए एक परफेक्ट और सुकून भरी जगह है। ठंडी हवा, शांत माहौल, झील का नीला पानी और चारों तरफ हरियाली इस जगह को खास बना देती है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह जगह दिल्ली से ज्यादा दूर भी नहीं है जिससे यह वीकेंड ट्रिप के लिए भी शानदार ऑप्शन बन जाती है।

उत्तर प्रदेश का इकलौता बीच चूका बीच

चूका बीच उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित है और यह पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अंदर आता है। यह कोई समुद्री बीच नहीं है बल्कि एक खूबसूरत झील के किनारे बसा हुआ बीच है जो देखने में बिल्कुल किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन जैसा लगता है। यह बीच लगभग 17 किलोमीटर लंबा और 2 किलोमीटर चौड़ा है। जनवरी के महीने में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है जिससे आप यहां ठंडी-ठंडी हवा और शांत माहौल का पूरा आनंद ले सकते हैं। झील का पानी इतना साफ है कि उसमें रंग-बिरंगी मछलियां भी साफ दिखाई देती हैं।

जनवरी में चूका बीच क्यों है बेस्ट?

जनवरी के महीने में चूका बीच घूमने का मजा ही कुछ और होता है। इस समय न ज्यादा गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठंड। सुबह और शाम के वक्त झील के किनारे चलने वाली ठंडी हवा मन को सुकून देती है। यहां का शांत वातावरण, भीड़-भाड़ से दूर नेचर के करीब समय बिताने का मौका देता है। अगर आप शांति, फोटोग्राफी और रिलैक्सेशन पसंद करते हैं तो जनवरी का महीना यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

झील किनारे शानदार स्टे का अनुभव

अगर आप चूका बीच में एक रात रुकने का प्लान बना रहे हैं तो यहां आपको यूनिक और नेचर-फ्रेंडली स्टे ऑप्शन मिलते हैं। झील के किनारे बना ट्री हाउस यहां का सबसे खास आकर्षण है जहां से आपको बीच और झील का शानदार नजारा देखने को मिलता है। इसके अलावा बंबू हट और थारू हट जैसे ऑप्शन भी मौजूद हैं। इन स्टे में रुककर आपको प्रकृति के बीच रहने का एक अलग ही अनुभव मिलेगा जो आपकी ट्रिप को यादगार बना देगा।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में क्या-क्या करें?

चूका बीच के साथ-साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व भी घूमने लायक जगह है। यहां आप जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं जिसमें बाघ, हिरण और कई अन्य वन्य जीव देखने को मिल जाते हैं। इसके अलावा झील किनारे सनसेट देखना, शारदा सागर डैम के पास बोटिंग, और नेचर फोटोग्राफी करना भी एक शानदार अनुभव होता है। पूरा इलाका हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से भरा हुआ है जो तनाव को दूर करने में मदद करता है।

चूका बीच का टिकट और टाइमिंग

चूका बीच में एंट्री के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये का सामान्य टिकट लगता है। क्योंकि यह बीच टाइगर रिजर्व के अंदर स्थित है, इसलिए एंट्री से पहले फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की अनुमति लेना जरूरी होता है। इसके अलावा वाहन शुल्क और अन्य चार्ज भी लग सकते हैं जिनकी जानकारी आप इको-टूरिज्म पोर्टल पर देख सकते हैं। बीच की टाइमिंग की बात करें तो यह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व कैसे पहुंचे?

अगर आप दिल्ली से जा रहे हैं तो पीलीभीत की दूरी लगभग 340 किलोमीटर है, जिसे कार से तय करने में करीब 6 घंटे लगते हैं। ट्रेन से जाने वालों के लिए पीलीभीत रेलवे स्टेशन नजदीकी स्टेशन है, जहां पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से कई ट्रेनें मिल जाती हैं। ट्रेन से यात्रा करने में लगभग 7 घंटे का समय लगता है। इसके अलावा बस से यात्रा करने के लिए आप कश्मीरी गेट या आनंद विहार बस स्टैंड से पीलीभीत के लिए सीधी बस ले सकते हैं।

अगर आप जनवरी के महीने में किसी ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहां शांति हो, प्राकृतिक सुंदरता हो और भीड़-भाड़ से दूर सुकून मिले तो उत्तर प्रदेश का चूका बीच आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। गोवा जैसा अनुभव, जंगल सफारी, शानदार स्टे और खूबसूरत नजारे यह सब कुछ आपको एक ही जगह पर मिल जाता है। यही वजह है कि चूका बीच धीरे-धीरे यूपी के सबसे खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन में शामिल होता जा रहा है।

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बस खुद को एक महीने दे दें, लोग जल-भुनकर हो जाएंगे राख

आज के समय में पर्सनालिटी डेवलपमेंट करियर और लाइफ दोनों के लिए बेहद जरूरी हो गया है। इस आर्टिकल में बताया गया है कि ब्रह्म मुहूर्त में सुबह जल्दी उठने की एक छोटी सी आदत कैसे 21 से 30 दिनों में फोकस, कॉन्फिडेंस, डिसिप्लिन और मानसिक स्पष्टता को बेहतर बना सकती है।

Personality Development
How to Develop Personality
locationभारत
userअसमीना
calendar03 Jan 2026 03:44 PM
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आज के समय में सिर्फ डिग्री या स्किल ही नहीं बल्कि पर्सनालिटी डेवलपमेंट (Personality Development) भी करियर और लाइफ में आगे बढ़ने के लिए बेहद जरूरी हो गया है। आत्मविश्वास, फोकस, डिसिप्लिन और पॉजिटिव सोच एक मजबूत पर्सनालिटी की पहचान हैं। इसी वजह से लोग पर्सनालिटी डेवलपमेंट क्लासेस जॉइन करते हैं और पेरेंट्स बच्चों को ट्रेनिंग दिलवाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ एक छोटी सी आदत अपनाकर आपकी पर्सनालिटी 30 दिनों के अंदर बदल सकती है? और आपकी वो आदत है सुबह जल्दी उठना खासतौर पर ब्रह्म मुहूर्त में।

क्या है बिगड़ती लाइफस्टाइल और बीमारियों की असली वजह?

आज भारत में डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और मानसिक तनाव जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। WHO भी कई बार इस पर चिंता जता चुका है। रिसर्च साफ तौर पर बताती है कि इसका सबसे बड़ा कारण है खराब लाइफस्टाइल। देर रात तक जागना, मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल और फिर सुबह देर से उठना ये आदतें धीरे-धीरे शरीर और दिमाग दोनों को कमजोर बना देती हैं। इसीलिए कहा जाता है, “जवानी में सोया, बुढ़ापे में रोया और जो जल्दी उठा उसने सब कुछ पाया।”

ब्रह्म मुहूर्त क्या है और क्यों है इतना खास?

ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह लगभग 4 बजे से 5:30 बजे के बीच माना जाता है। आयुर्वेद और योग शास्त्रों में इसे सबसे शुद्ध और प्रभावी समय बताया गया है। इस समय वातावरण में शांति होती है, ऑक्सीजन का स्तर ज्यादा होता है और दिमाग सबसे ज्यादा एक्टिव रहता है। यही वजह है कि ध्यान, पढ़ाई और आत्म-विकास के लिए ये समय सबसे बेहतर माना जाता है।

ब्रह्म मुहूर्त पर हुई रिसर्च क्या कहती है?

हाल ही में पब्लिश हुई एक स्टडी में भारत की इस पारंपरिक आदत पर रिसर्च की गई। इसमें लोगों को दो ग्रुप में बांटा गया। पहला ग्रुप ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:30 बजे से पहले उठने वालों का था जबकि दूसरा ग्रुप सुबह 7 बजे से पहले उठने वालों का। 01 दिन, 10 दिन और 20 दिन के बाद ऑब्जर्वेशन में पाया गया कि ब्रह्म मुहूर्त में उठने वालों की मेमोरी, फोकस और स्मरण शक्ति में ज्यादा सुधार देखने को मिला। स्टडी के अनुसार, इस आदत से मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता बढ़ती है।

सुबह 4:30 बजे उठने से मिलने वाले बड़े फायदे

फोकस और मेंटल हेल्थ में जबरदस्त सुधार

ब्रह्म मुहूर्त में उठने से मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस समय वातावरण बेहद शांत होता है जिससे दिमाग रिलैक्स रहता है। उगते सूरज को देखना अंदर से मानसिक शक्ति को बढ़ाता है। सुबह के समय ऑक्सीजन ज्यादा होने से शरीर को नई एनर्जी मिलती है जिससे फोकस और प्रोडक्टिविटी दोनों बढ़ती हैं।

चीजों को बेहतर तरीके से मैनेज करने की क्षमता

सुबह जल्दी उठने से दिन की शुरुआत बिना जल्दबाजी के होती है। आपके पास प्लानिंग करने और जरूरी काम निपटाने के लिए पर्याप्त समय होता है। जब दिन की शुरुआत सही होती है तो बाकी काम भी आसानी से पूरे हो जाते हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस आदत को पूरी तरह अपनाने में लगभग 21 दिन लगते हैं।

पर्सनालिटी में साफ नजर आने वाला बदलाव

जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं, उनमें एक अलग ही पॉजिटिव एनर्जी देखने को मिलती है। वे नियमित रूप से एक्सरसाइज, योग या वॉक कर पाते हैं जिससे शरीर फिट रहता है। फिट बॉडी और हेल्दी माइंड से कॉन्फिडेंस अपने आप बढ़ता है जो पर्सनालिटी को मजबूत बनाता है। सुबह पढ़ाई या बुक रीडिंग करने से नॉलेज बढ़ती है जिसका सीधा असर पर्सनालिटी डेवलपमेंट पर पड़ता है।

हार्मोन बैलेंस और पूरे दिन एनर्जी

रिपोर्ट्स के अनुसार सुबह जल्दी उठने से कोर्टिसोल हार्मोन नेचुरली एक्टिव होता है। इससे दिनभर एनर्जी बनी रहती है और थकान या सुस्ती महसूस नहीं होती। यही कारण है कि जल्दी उठने वाले लोग ज्यादा एक्टिव और मोटिवेटेड रहते हैं।

डिसिप्लिन और जीवन में स्थिरता

अगर आप रोज सुबह 4 से 6 बजे के बीच उठते हैं तो जीवन में अपने आप अनुशासन आ जाता है। टाइम मैनेजमेंट बेहतर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और लाइफ ज्यादा बैलेंस्ड महसूस होती है। यही डिसिप्लिन धीरे-धीरे आपकी पर्सनालिटी को मजबूत बनाता है।

अगर आप सच में चाहते हैं कि आपकी पर्सनालिटी एक महीने में बदले तो महंगी क्लासेस से पहले सुबह जल्दी उठने की आदत जरूर अपनाएं। सिर्फ 21 से 30 दिन लगातार ब्रह्म मुहूर्त में उठकर आप खुद में फोकस, कॉन्फिडेंस, डिसिप्लिन और पॉजिटिविटी का फर्क महसूस करेंगे। याद रखें छोटी सी आदत आपकी पूरी जिंदगी बदल सकती है।

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