अक्सर लोग इन दोनों को एक जैसा समझ लेते हैं जबकि असल में इनके काम करने का तरीका, असर और देखभाल सभी अलग होते हैं। अगर आप भी सोच रहे हैं कि आपके बालों के लिए कौन सा ट्रीटमेंट बेहतर रहेगा तो यह आर्टिकल आपके लिए है।

आज के समय में बालों की देखभाल सिर्फ तेल, शैम्पू और कंडीशनर तक सीमित नहीं रह गई है। लोग अपने बालों को मुलायम, चमकदार और आसानी से संभालने लायक बनाने के लिए अलग-अलग हेयर ट्रीटमेंट करवाने लगे हैं। इनमें केराटिन और स्मूथिंग सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले विकल्प बन चुके हैं लेकिन अक्सर लोग इन दोनों को एक जैसा समझ लेते हैं जबकि असल में इनके काम करने का तरीका, असर और देखभाल सभी अलग होते हैं। अगर आप भी सोच रहे हैं कि आपके बालों के लिए कौन सा ट्रीटमेंट बेहतर रहेगा तो यह आर्टिकल आपके लिए है।
केराटिन ट्रीटमेंट बालों के अंदर जाकर काम करता है। यह बालों की कमजोर संरचना को मजबूत बनाता है और रूखे, बेजान और फ्रिजी बालों को धीरे-धीरे स्मूद और सिल्की बनाता है। इस ट्रीटमेंट के बाद बालों में नेचुरल चमक आती है और बाल ज्यादा हेल्दी दिखाई देते हैं। वहीं स्मूथिंग ट्रीटमेंट बालों की बाहरी परत पर काम करता है। यह बालों को तुरंत स्ट्रेट, सॉफ्ट और चमकदार बनाता है। हालांकि इसका असर जल्दी दिखता है लेकिन यह बालों की अंदरूनी सेहत पर ज्यादा असर नहीं डालता।
अगर आपके बाल बहुत ज्यादा घुंघराले, रूखे या फ्रिजी हैं तो केराटिन ट्रीटमेंट बेहतर विकल्प माना जाता है। यह बालों को धीरे-धीरे मैनेजेबल बनाता है और लंबे समय तक फ्रिज कंट्रोल करता है। दूसरी ओर अगर आपके बाल हल्के वेवी हैं या बस थोड़े फ्रिजी हैं तो स्मूथिंग ट्रीटमेंट अच्छा विकल्प हो सकता है। यह तुरंत स्ट्रेट और चमकदार लुक देता है और बालों को स्टाइल करना आसान बना देता है।
केराटिन ट्रीटमेंट के बाद बाल लंबे समय तक सॉफ्ट और शाइनी बने रहते हैं। हालांकि इसके बाद सही शैम्पू और कंडीशनर का इस्तेमाल करना जरूरी होता है। सही देखभाल के साथ इसका असर लंबे समय तक बना रहता है। वहीं स्मूथिंग ट्रीटमेंट का असर शुरुआत में काफी अच्छा दिखता है लेकिन समय के साथ कम हो सकता है। ऐसे में बालों को फिर से टच-अप की जरूरत पड़ सकती है।
केराटिन ट्रीटमेंट का असर आमतौर पर दो से चार महीने तक रहता है। धीरे-धीरे बाल अपने नेचुरल टेक्सचर में वापस आने लगते हैं। स्मूथिंग ट्रीटमेंट का असर थोड़ा कम समय तक रहता है। आम तौर पर यह एक से तीन महीने तक बालों को स्ट्रेट और ग्लॉसी बनाए रखता है उसके बाद असर कम होने लगता है।
केराटिन ट्रीटमेंट में बालों को पोषण देने वाला प्रोटीन इस्तेमाल किया जाता है जिससे बालों को कम नुकसान होता है। हालांकि इसे बार-बार करवाना सही नहीं माना जाता। वहीं स्मूथिंग ट्रीटमेंट में ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है जिससे लंबे समय में बालों को नुकसान हो सकता है। शुरुआत में यह बेहतर रिजल्ट देता है लेकिन बाद में बाल कमजोर हो सकते हैं।
अगर आपके बाल बहुत ज्यादा घुंघराले, रूखे और बेजान हैं तो केराटिन ट्रीटमेंट आपके लिए बेहतर रहेगा। यह बालों को अंदर से मजबूत बनाता है और लंबे समय तक असर देता है लेकिन अगर आप तुरंत स्ट्रेट और चमकदार बाल चाहते हैं और आपके बाल ज्यादा खराब नहीं हैं तो स्मूथिंग ट्रीटमेंट आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। आखिर में यह आपके बालों की जरूरत और पसंद पर निर्भर करता है। सही जानकारी के साथ ट्रीटमेंट चुनने से न सिर्फ आपके बाल खूबसूरत दिखेंगे बल्कि लंबे समय तक हेल्दी भी रहेंगे।