Delhi to Khajjiar Trip: हिमाचल प्रदेश का खज्जियार ऐसी ही जगह है जहां पहुंचते ही देवदार के जंगल, हरे-भरे मैदान और ठंडी हवा आपका ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। यहां की खूबसूरती सिर्फ देखने भर की नहीं बल्कि महसूस करने वाली है।

शहर की तेज रफ्तार जिंदगी, ट्रैफिक का शोर और लगातार बजता फोन कई बार इंसान को अंदर से थका देता है। ऐसे में कुछ दिन पहाड़ों के बीच बिताने का ख्याल ही मन को हल्का कर देता है। हिमाचल प्रदेश का खज्जियार ऐसी ही जगह है जहां पहुंचते ही देवदार के जंगल, हरे-भरे मैदान और ठंडी हवा आपका ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। यहां की खूबसूरती सिर्फ देखने भर की नहीं बल्कि महसूस करने वाली है।
चंबा जिले में स्थित खज्जियार अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। चारों तरफ फैले देवदार के पेड़ और पहाड़ों के बीच खुला हरा मैदान इस जगह को बेहद खास बनाते हैं। यहां का माहौल शहरों से बिल्कुल अलग है। न हॉर्न का शोर और न ही हर वक्त भागने की जल्दी बस पहाड़, जंगल और खुली हवा। इसी प्राकृतिक माहौल के कारण खज्जियार को ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ भी कहा जाता है। हालांकि, इसकी असली पहचान यहां के शांत वातावरण और हिमाचली प्रकृति में ही नजर आती है।
खज्जियार का हरा मैदान और उसके बीच मौजूद खज्जियार झील यहां आने वाले पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित करती है। झील के आसपास कुछ देर बैठकर पहाड़ों और हरियाली को देखना ही अपने आप में एक अनुभव है। यहीं स्थित खज्जी नाग मंदिर इस सफर को प्रकृति के साथ आस्था और इतिहास से भी जोड़ता है। मंदिर की ऐतिहासिक पहचान इस जगह को सिर्फ एक हिल स्टेशन नहीं रहने देती बल्कि खज्जियार की यात्रा में एक अलग रंग जोड़ती है।
अगर आप ऐसी छुट्टी चाहते हैं जिसमें दिन का ज्यादातर समय प्रकृति के बीच बीते तो खज्जियार आपको निराश नहीं करेगा। आसपास के जंगलों में नेचर वॉक और फोटोग्राफी का आनंद लिया जा सकता है। हरे मैदानों में घुड़सवारी भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय गतिविधि है। खज्जियार के आसपास कलाटोप वन्यजीव अभयारण्य भी है जहां जंगल और पहाड़ी वातावरण का अलग अनुभव मिलता है। यहां घूमते हुए आपको महसूस होगा कि पहाड़ों की खूबसूरती सिर्फ ऊंची चोटियों में नहीं बल्कि उनके बीच फैले जंगलों और शांत रास्तों में भी छिपी है।
दिल्ली से खज्जियार की सड़क दूरी लगभग 580 से 600 किलोमीटर के आसपास पड़ती है। सड़क मार्ग से जाने पर रास्ते में कई शहरों से होकर गुजरना पड़ता है और यात्रा में करीब 11 से 13 घंटे लग सकते हैं जो ट्रैफिक और सड़क की स्थिति पर निर्भर करता है। आमतौर पर दिल्ली से पानीपत, अंबाला, लुधियाना, जालंधर और पठानकोट की ओर बढ़ते हुए डलहौजी पहुंचा जाता है। डलहौजी से खज्जियार की दूरी करीब 22-24 किलोमीटर है। परिवार के साथ रोड ट्रिप करने वालों के लिए यह सफर अपने आप में खूबसूरत अनुभव बन सकता है।
खज्जियार सिर्फ युवाओं या कपल्स के लिए ही नहीं है। अगर आप माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ कुछ शांत दिन बिताना चाहते हैं तो भी यह जगह अच्छी पसंद हो सकती है। यहां प्राकृतिक नजारे हैं, खुले मैदान हैं और ऐसी जगहें हैं जहां परिवार साथ बैठकर समय बिता सकता है। हालांकि, पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा करते समय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर निकलना बेहतर रहेगा।
खज्जियार घूमने का समय आपकी पसंद पर निर्भर करता है। मार्च से जून के बीच मौसम सुहावना रहता है और हरियाली का आनंद लिया जा सकता है। सितंबर से नवंबर के दौरान मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने पर पहाड़ों के खूबसूरत नजारे देखने का मौका मिलता है। वहीं अगर आपकी इच्छा बर्फ देखने की है तो दिसंबर से फरवरी के दौरान खज्जियार का मौसम अलग अनुभव दे सकता है। हालांकि, सर्दियों में बर्फबारी के कारण सड़क और मौसम की स्थिति बदल सकती है इसलिए यात्रा से पहले स्थानीय अपडेट जरूर देखना चाहिए।
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