
कोई भी धार्मिक पर्व हो या राष्ट्रीय पर्व उसकी तैयारी के दौरान छोटी-छोटी बातें बातचीत करके बताएं कि यह पर हम क्यों मनाते हैं किस तरह से मनाते हैं और यह पर मनाने का क्या मकसद है इसकी शुरुआत कब हुई। मान लीजिए 15 अगस्त का राष्ट्रीय पर्व है तो पतंग उसके हाथ में देने के दौरान हम उसे बता सकते हैं, कि यह पतन कितनी आजादी से आसमान तक उड़ता है लेकिन इसकी डोर हमें अपने हाथ में खींच कर रखनी होती है। इसका अनुशासन का भी इसको खींचना कभी इसको ढीला करना कभी इसमें दुमका डालना लगाना है किस लिए जरूरी है आप हंसी हंसी में बता सकते हैं कि आपके जिंदगी की उड़ान को भी इतने ही ऊंचा जाना है लेकिन हमें स्वयं कितना अनुशासन में रहना होता है और अपनी आदतों को कितना ढिलाई देकर और कितना खींचतान कर हवा में उड़ना होता है। ताकि हमारी जीवन की पतंग सबसे ऊपर हो और सफलता की बुलंदियों पर हो। और आजादी का असली अर्थ भी बताते हैं हमारे देश के आजादी के दीवाने छोटी से छोटी उम्र में किस तरह से बड़े-बड़े काम करके हमारे देश का गौरव बने हमें अपनी मिट्टी से उनकी पहचान कराना जरूरी है।
[caption id="attachment_107966" align="aligncenter" width="360"]
Kid With confidence[/caption]
इसीलिए हमने आपको बताया है कि आप कितना भी व्यस्त हूं आपका बेटा बेटी आपकी सुंदर दुनिया का एक वह हिस्सा है जिसकी जड़े गमले की तरह घर में होती हैं लेकिन उसकी फूल पत्तियां और उसका भविष्य आसमान की उड़ान की तरह होता है। हमें उन्हें हर बात पर डांटकर बच्चा का कर चुप कर देना या उन्हें बाहर की दुनिया से दूर रखना बिलकुल उचित बिल्कुल नहीं क्योंकि इससे हम आज एक कदम रुकते हैं तो दूसरा कदम वह खुद ही रोक देता है... हमें उनके बढ़ते कदमों में अपने कदम साथ-साथ बढ़ाने हैं ताकि आपका बच्चा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके और वह कह सकें मेरे माता-पिता मेरा अभिमान।
Noida News : जब शहीदों को याद करके सभी की आंखों से छलक आए आंसू, शहीद स्मारक पर याद किए गए 39 शहीद
देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें।