
Lose belly fat : क्या आप डेस्क जॉब यानि कि दिनभर कुर्सी पर (Lose belly fat) बैठकर काम करते हैं और आपका पेट बाहर आ रहा है तो यह सामान्य सी बात हो सकती है, लेकिन जब धीरे धीरे तोंद (Lose belly fat) बाहर आने लगे तो परेशानी का कारण भी बन जाती है। बढ़ते पेट के कारण कई तरह की बीमारियां भी घर कर लेते हैं। ऐसे में हम आपके लिए कुछ घरेलू उपाय लेकर आए हैं, जिन्हें प्रयोग करके आप अपने बढ़ते पेट पर नियंत्रण पा सकते हैं।
जो लोग इन घरेलू नुस्खे भी आजमाना चाहते हैं वे अजवाइन और जीरे से बनी हर्बल टी का सेवन कर सकते हैं। यह चाय पीने से बेली फैट घटाने में सहायता हो सकती है साथ ही कुछ अन्य समस्याओं से भी राहत मिल सकती है।
जीरा-अजवाइन की चाय के फायदे
बॉडी मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और वेट लॉस में मदद होती है। सर्दी-खांसी, जुकाम और सिरदर्द जैसी मौसमी बीमारियों से आराम मिलता है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह ड्रिंक इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है और बीमारियों से सुरक्षित रखता है। बाउल की कार्यक्षमता बेहतर होती है जिससे कॉन्स्टिपेशन जैसी समस्याएं कम होती हैं। यह चाय बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन की प्रक्रिया में मददगार होती है। अजवाइन-जीरा की चाय पीने से शरीर में जमे विषैले तत्वों को बाहर निकाल फेंकने में मदद होती है।
इस हर्बल टी को पीने से उल्टी या मतली की समस्या से आराम मिल सकता है। स्ट्रेस से आराम दिलाती है यह हर्बल टी। जीरा शरीर को ठंडक देता है, पेट की समस्याएं कम करता है और स्ट्रेस लेवल भी कम करता है जिससे, एंग्जायटी और अनिद्रा जैसी परेशानियों से पीड़ित लोगों को भी आराम मिल सकता है। टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए यह एक कारगर नुस्खा माना जाता है। क्योंकि, अजवाइन और जीरा दोनों ही रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने में प्रभावी माने जाते हैं, इसीलिए, इस ड्रिंक का सेवन मधुमेह के रोगियों के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
बनाने का तरीका 2 चम्मच अजवाइन के बीज लें और 2 चम्मच जीरा के दानों के साथ एक कप पानी में इसे रात भर भिगोएं। अगले दिन सुबह इस मिश्रण को थोड़ी देर (5-10 मिनट) के लिए उबालें। अब इसे छानकर गर्मा-गर्म पी लें। आप मिश्रण को कच्चा या बिना उबाले भी पी सकते हैं। बेहतर परिणाम के लिए इसे सुबह खाली पेट पीने की सलाह दी जाती है।