Oily Hair के लिए वरदान से कम नहीं ये हेयर मास्क, जानें अप्लाई करने का सही तरीका

ऑयली स्कैल्प के लिए मुल्तानी मिट्टी बहुत मददगार है। मुल्तानी मिट्टी का पाउडर लें और पानी में भिगोकर 1 घंटे के लिए रख दें। इसमें 4 बड़े चम्मच गुलाब जल और एलोवेरा जेल मिलाकर पेस्ट बना लें। मास्क को स्कैल्प पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। चाहें तो पूरे बालों पर भी अप्लाई कर सकते हैं।

Hair Care
बालों का ख्याल कैसे रखें
locationभारत
userअसमीना
calendar18 Mar 2026 03:18 PM
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गर्मी में ऑयली स्कैल्प वाली लोगों के लिए बालों की देखभाल एक बड़ी चुनौती बन जाती है। पसीना और धूल की वजह से बाल जल्दी चिपचिपे और गंदे दिखने लगते हैं। अगर हर दिन शैंपू किया जाए तो बाल रूखे भी हो सकते हैं। ऐसे में नेचुरल हेयर मास्क आपकी मदद कर सकते हैं। ये बालों को हाइड्रेट रखते हैं और स्कैल्प को फ्रेश बनाते हैं।

1. मुल्तानी मिट्टी से बनाएं फ्रेश स्कैल्प मास्क

ऑयली स्कैल्प के लिए मुल्तानी मिट्टी बहुत मददगार है। मुल्तानी मिट्टी का पाउडर लें और पानी में भिगोकर 1 घंटे के लिए रख दें। इसमें 4 बड़े चम्मच गुलाब जल और एलोवेरा जेल मिलाकर पेस्ट बना लें। मास्क को स्कैल्प पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। चाहें तो पूरे बालों पर भी अप्लाई कर सकते हैं लेकिन इसे पूरी तरह सूखने न दें। यह स्कैल्प का एक्स्ट्रा ऑयल सोखता है और बालों को हल्का और फ्रेश बनाता है।

2. अंडे और नींबू से बनाएं पोषण वाला मास्क

गर्मियों में बालों को प्रोटीन और ताजगी देने के लिए अंडा बेहतरीन है। अंडे का सफेद भाग अलग करें और उसमें नींबू का रस मिलाएं। इसे स्कैल्प से लेकर बालों के सिरों तक लगाएं और 15-30 मिनट के लिए छोड़ दें। नॉर्मल टेम्परेचर के पानी से धो लें। अंडा बालों को मजबूत और मुलायम बनाता है, नींबू स्कैल्प से ऑयल और डैंड्रफ कम करता है।

3. दही और गुड़हल के फूल से स्मूदनेस बढ़ाएं

दही स्कैल्प को साफ करने और ऑयल कम करने में मदद करता है। गुड़हल के फूल बालों को पोषण देते हैं। दही में गुड़हल के पाउडर या फ्रेश पेस्ट मिलाएं। स्कैल्प और बालों पर पूरे बालों में लगाएं। 15-20 मिनट के बाद धो लें। बालों को स्मूद और चमकदार बनाता है साथ ही कलर और टेक्सचर भी बढ़िया दिखता है।

4. मास्क इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें

बहुत ऑयली स्कैल्प हो तो मास्क हफ्ते में 1-2 बार लगाएं, कम ऑयली स्कैल्प हो तो 10 दिन में एक बार काफी है।

स्कैल्प पर ज्यादा फोकस करें, बालों को पूरी तरह सुखाना जरूरी नहीं।

हेवी स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स से बचें

  • हमेशा माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल करें।
  • गर्मी में ऑयली स्कैल्प की समस्या को नेचुरल मास्क से आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। इन्हें अपनाकर आप बालों को फ्रेश, मुलायम और हेल्दी रख सकती हैं।

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Mehndi Design
Eid Mehndi Design
locationभारत
userअसमीना
calendar18 Mar 2026 02:32 PM
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हर इंसान के प्यार और अपनापन जताने के कई तरीके होते हैं, जिनमें किस करना भी एक आम तरीका है। लोग अपने पार्टनर, बच्चों या बेहद करीबी लोगों को किस करके स्नेह व्यक्त करते हैं।

संभलकर करें किस
संभलकर करें किस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar18 Mar 2026 12:46 PM
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Kissing Related Disease : हर इंसान के प्यार और अपनापन जताने के कई तरीके होते हैं, जिनमें किस करना भी एक आम तरीका है। लोग अपने पार्टनर, बच्चों या बेहद करीबी लोगों को किस करके स्नेह व्यक्त करते हैं। हालांकि, यह भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक जरूर है, लेकिन कई बार यही आदत संक्रमण फैलने की वजह भी बन सकती है। खासतौर पर तब, जब किसी एक व्यक्ति को पहले से कोई वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण हो। विशेषज्ञों के अनुसार, मुंह के भीतर बड़ी संख्या में बैक्टीरिया और वायरस मौजूद रहते हैं। ऐसे में जब दो लोग किस करते हैं, तो लार के जरिए ये सूक्ष्म जीव एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकते हैं। यही वजह है कि किस के माध्यम से कई तरह की बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। अगर किसी को सर्दी, जुकाम, मुंह में छाले, गले का संक्रमण या कोई अन्य संक्रामक परेशानी है, तो उसे किस करने से बचना चाहिए।

किस के जरिए फैलने वाली प्रमुख बीमारियां

1. फ्लू

फ्लू एक तेजी से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति की लार के संपर्क में आने से यह दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। इसके कारण बुखार, बदन दर्द, कमजोरी और थकान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

2. कोल्ड सोर

होंठों के आसपास निकलने वाले छोटे-छोटे दर्दनाक छाले अक्सर हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस (HSV-1) की वजह से होते हैं। यदि किसी के होंठों पर ऐसे छाले हैं, तो किस के दौरान यह संक्रमण सीधे दूसरे व्यक्ति में जा सकता है।

3. मोनोन्यूक्लिओसिस

इसे आम बोलचाल में किसिंग डिजीज भी कहा जाता है। यह संक्रमण EBV वायरस के कारण होता है और लार के जरिए फैलता है। इसके लक्षणों में तेज थकान, गले में दर्द, बुखार और लसीका ग्रंथियों में सूजन शामिल हो सकती है।

4. दांत और मसूड़ों का संक्रमण

अगर किसी व्यक्ति को कैविटी, मसूड़ों की सूजन या मुंह से जुड़ा बैक्टीरियल संक्रमण है, तो किस के दौरान बैक्टीरिया दूसरे व्यक्ति के मुंह में भी पहुंच सकते हैं। इससे ओरल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

5. हेपेटाइटिस B

हेपेटाइटिस B एक गंभीर संक्रमण है, जो लिवर को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर खून या शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है। हालांकि, अगर मुंह में घाव हो या खून आ रहा हो, तो किस के जरिए इसके फैलने की आशंका भी हो सकती है।

6. मम्प्स

मम्प्स एक वायरल बीमारी है, जिसमें लार ग्रंथियों में सूजन आ जाती है। यह संक्रमण भी लार के संपर्क से फैल सकता है। बच्चों में इसका खतरा अपेक्षाकृत ज्यादा माना जाता है।

7. सिफलिस

सिफलिस एक यौन संचारित संक्रमण है। सामान्य तौर पर यह यौन संपर्क से फैलता है, लेकिन यदि संक्रमित व्यक्ति के मुंह में घाव हैं, तो किस के जरिए भी संक्रमण का खतरा हो सकता है।

8. मेनिन्जाइटिस

मेनिन्जाइटिस एक गंभीर बीमारी है, जिसमें दिमाग और रीढ़ की हड्डी को ढंकने वाली झिल्लियों में सूजन आ जाती है। इसके कुछ बैक्टीरियल रूप लार के गहरे संपर्क से फैल सकते हैं, इसलिए संक्रमित व्यक्ति के साथ किस करना जोखिमभरा हो सकता है। Kissing Related Disease

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