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Makar Sankranti: मकर संक्रांति 2026 पर खिचड़ी खाने की परंपरा और उसके चार यार दही, घी, पापड़ और अचार के महत्व को जानें और जानें कि क्यों इन चारों के बिना मकर संक्राति को अधूरी मानी जाती है।

हर साल मकर संक्रांति का पर्व पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। मकर संक्रांति सूरज के मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक है और इस दिन दान-पुण्य और नई शुरुआत का महत्व होता है। हर साल की तरह 15 जनवरी 2026 को भी मकर संक्रांति बड़े उत्साह के साथ मनाई जाएगी। इस दिन का एक खास हिस्सा है खिचड़ी खाना। खिचड़ी सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी मानी जाती है लेकिन खिचड़ी को असली मजा तभी आता है जब उसे उसके चार यारों घी, दही, पापड़ और अचार के साथ परोसा जाए। ये चार चीजें मिलकर खिचड़ी को साधारण से शानदार बना देती हैं। आइए जानते हैं इन चारों यारों के बारे में।
खिचड़ी का सबसे खास यार है शुद्ध देसी घी। गरम-गरम खिचड़ी के ऊपर घी डालते ही उसका स्वाद दोगुना हो जाता है। घी न केवल स्वाद बढ़ाता है बल्कि सर्दियों में शरीर को अंदरूनी गर्माहट और ऊर्जा भी देता है। इसलिए खिचड़ी में घी डालना न भूलें यह इसे परफेक्ट बनाता है।
खिचड़ी की तासीर गर्म होती है और इसे ठंडी दही या रायते के साथ खाने से स्वाद में संतुलन आता है। खासकर काली दाल की खिचड़ी के साथ गाढ़ी दही बहुत अच्छी लगती है। दही पाचन में मदद करता है और थाली को पौष्टिक भी बनाता है। इसलिए खिचड़ी के साथ दही का होना जरूरी है।
गरमा-गरम खिचड़ी के साथ पापड़ खाने का मजा ही कुछ और है। यह खिचड़ी के स्वाद को और भी लाजवाब बना देता है। मकर संक्रांति पर उड़द दाल का पापड़ खास तौर पर पसंद किया जाता है लेकिन आप अपनी पसंद का कोई भी पापड़ खा सकते हैं।
खिचड़ी का स्वाद थोड़ा सादा होता है इसलिए इसे अचार या हरी चटनी के साथ परोसना बेहतरीन विकल्प है। आम या मिर्च का अचार खिचड़ी के स्वाद को शानदार बना देता है। अगर घर में बच्चे या बड़े खिचड़ी खाने में उचकते हैं तो अचार उन्हें जरूर पसंद आएगा।