
Marriage Problem Solution[/caption]
ये कैसा रिश्ता है? जन्मो जन्म तक साथ बांधने वाले फेरे कहां चले गए.... जब नाजुक सी कली के समान सज धज कर पत्नी अपने वर् के साथ फेरे लेती है, और दोनों एक दूसरे के साथ जीने- मरने की कसमें खाते हैं... क्या वो एक ड्रामा है ,कहां गई वो मीठी परंपरा जो हमारे रिश्तों को मधुर बनाती थी... रिश्तो को लाज, शर्म और पल्लू से बांधने वाली एक मां , एक पत्नी, एक बहन, एक ननद कहां है??? सब कुछ धुंधलाता जा रहा है। इन रिश्तों को क्या हम सिर्फ इसलिए बना रहे हैं कि एक मुफ्त की छत मिले! एक मुफ्त का गुलाम मिले! ननद और सास भी मुफ्त की मिले, जो सिर्फ बच्चा पैदा करवाने के समय, बीमारी में आपके घर आकर चुपचाप खड़ी हो जाए ,खाना बनाएं, सेवा करें और फिर मिस्टर इंडिया की तरह गायब हो जाए.... और जब पति पत्नी के डिमांड के बीच रिश्ता घुटन के कगार पर हो, सुसाइड जैसी धमकियां घर के माहौल को खराब कर दें और प्यार के नाम पर विदेशी नस्ल के कुत्ते आपकी गोद में बैठे हो और बच्चा एक कोने में टीवी देख रहा हो या मैगी खा रहा हो या फिर हर पल बिना मतलब की डांट खा रहा हो? तूने होमवर्क नहीं किया? तूने स्कूल जाने के लिए कपड़े नहीं पहने? तूने आइसक्रीम खाई थी इसलिए बीमार है.... हर पल डांट में पलता है जब एक बच्चा, तब क्या वह श्रवण कुमार की तरह मां बाप को याद करेगा। या फिर वो अपने मां बाप के लड़ते, झगड़ते लात , गलियां खाते हुए माहौल को देखकर अपने बचपन में ही मेच्योर बन जाएगा? उसका बचपन मां के पल्लू से अब नहीं बनता... अब तो जिंदगी की भागम भाग में सिर्फ सेल्फी बची है....